मुजफ्फरपुर में 50 लोगों की दबंगई पर बड़ा एक्शन, बेलसंड विधायक अमित रानू पर 8 FIR; गिरफ्तारी की तैयारी
Major action against the high-handedness of 50 individuals in Muzaffarpur; 8 FIRs registered against Belsand MLA Amit Ranu, preparations for arrest underway
HighLights:
- मुजफ्फरपुर के झपहां-उदनडीह जमीन विवाद और तोड़फोड़ मामले में अब तक 25 प्राथमिकी दर्ज।
- बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से वारंट लेने की प्रक्रिया में जुटी पुलिस
- विधायक के घर से पार्टनरशिप एग्रीमेंट, बैंक खातों से जुड़े कागजात और हस्ताक्षरित ब्लैंक स्टाम्प पेपर बरामद
- पुलिस ने एक आरोपित के पास से पिस्टल, दो मैगजीन, नौ कारतूस और तीन मोबाइल-सिम भी बरामद किए
मुजफ्फरपुर (Threesocieties.com Desk): अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां-उदनडीह इलाके में जमीन विवाद को लेकर 50 से अधिक लोगों द्वारा कथित तौर पर चहारदीवारी और घरों में तोड़फोड़ किए जाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की जांच अब मुजफ्फरपुर से लेकर सीतामढ़ी तक पहुंच गई है। पुलिस ने इस प्रकरण में अब तक 25 प्राथमिकी दर्ज की हैं, जिनमें आठ मामलों में बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू को नामजद किया गया है।
मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी। एसएसपी के मुताबिक, विधायक अमित कुमार रानू की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से वारंट प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में विधायक की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
50 से अधिक लोग पहुंचे थे, निर्माण में की गई तोड़फोड़
पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को स्कार्पियो, थार, जेसीबी और बाइक से 50 से अधिक लोग झपहां-उदनडीह इलाके में पहुंचे थे। आरोप है कि इन लोगों ने वहां पहले से बनी चहारदीवारी और घरों में तोड़फोड़ की। विरोध करने पर लोगों के साथ मारपीट और धमकी देने के आरोप भी सामने आए हैं। एक व्यक्ति को जेसीबी के नीचे फेंकने का प्रयास किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक, जमीन खाली नहीं करने पर लोगों को धमकाया गया था। घटना के बाद पहले एक प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद अन्य पीड़ितों के आवेदन पर अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गईं।
विधायक के भाई समेत कई नामजद
मामले में विधायक के भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव को भी नामजद किया गया है। पुलिस ने जमीन विवाद से जुड़े भूमाफिया और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है। अब तक चार आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। भूमाफिया की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की दिशा में भी पुलिस ने कदम बढ़ाया है और इसके लिए आर्थिक अपराध इकाई से संपर्क किया गया है।
विधायक के घर पर भी हुई छापेमारी
जांच के दौरान विधायक और उनके भाई के विरुद्ध न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया गया था। इसके बाद 23 अगस्त को बैरिया स्थित विधायक के घर पर पुलिस ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस को पार्टनरशिप एग्रीमेंट के कागजात, बैंक अकाउंट से संबंधित दस्तावेज और वर्ष 2017 का हस्ताक्षरित ब्लैंक स्टाम्प पेपर मिला। पुलिस इन दस्तावेजों को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रही है। इसके अलावा, विधायक के बेलसंड स्थित कार्यालय में एक आरोपित के छिपे होने की सूचना पर विशेष टीम ने कार्रवाई की। पुलिस ने वहां से नन्हे सिंह और छोटू कुमार उर्फ छोटू यादव को गिरफ्तार किया।
पिस्टल, मैगजीन और कारतूस बरामद
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों में से एक के पास से एक पिस्टल, दो मैगजीन, नौ कारतूस, तीन मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए। छोटू कुमार उर्फ छोटू यादव के विरुद्ध पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज होने की बात पुलिस ने बताई है।इन मामलों में डकैती, लूट, रंगदारी, हत्या के प्रयास, चोरी की संपत्ति रखने और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं।
विधायक के रिश्तेदार के घर छिपे होने की मिली सूचना
एसएसपी के अनुसार, पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि अहियापुर मामले में नामजद सोनू सिंह उर्फ अभिनव कच्ची-पक्की ओपी क्षेत्र में विधायक के रिश्तेदार के घर छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संतोष सिंह के घर पर छापेमारी की।पुलिस का आरोप है कि इस दौरान रिश्तेदार ने पुलिस टीम को धमकी दी और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। इस संबंध में सदर थाने में अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है।
2012 का पुराना मामला भी जांच के दायरे में
पुलिस ने बताया कि विधायक अमित कुमार रानू के विरुद्ध सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर थाने में वर्ष 2012 में भी मामला दर्ज हुआ था। इसमें रंगदारी, जबरन वसूली, चोरी की संपत्ति रखने और आपराधिक षड्यंत्र जैसी धाराओं का उल्लेख किया गया है। फिलहाल मुजफ्फरपुर जमीन विवाद और तोड़फोड़ प्रकरण में पुलिस की जांच जारी है। विधायक के खिलाफ दर्ज आठ प्राथमिकी, बरामद दस्तावेजों और आरोपितों से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस की ओर से विधायक की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से वारंट लेने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है।
नोट: विधायक अमित कुमार रानू के खिलाफ लगाए गए आरोपों और पुलिस की कार्रवाई का यह विवरण उपलब्ध पुलिस/प्रेस कॉन्फ्रेंस संबंधी जानकारी पर आधारित है। आरोपों पर विधायक या उनके पक्ष का जवाब मिलने पर उसे भी रिपोर्ट में शामिल किया जाना चाहिए।
News Desk 



