झारखंड: CM हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला: JSSC-CGL समेत TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द, छात्रों में जश्न
झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए JSSC-CGL परीक्षा और TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। रिजल्ट और चयन प्रक्रिया भी रद्द होगी। 2014 से अब तक की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच होगी।
HighLights:
- JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का कैबिनेट फैसला, TDPL की सभी परीक्षाएं, रिजल्ट और चयन प्रक्रिया रद्द
- 2014 से अब तक की परीक्षाओं की होगी जांच, रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच का फैसला
- IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में बनेगी परीक्षा सुधार कमेटी
- सरकार के फैसले के बाद छात्रों ने मनाया जश्न
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद और छात्रों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा फैसला लिया है। प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की मैराथन बैठक के बाद JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा की गई। इसके साथ ही विवादित एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं, उनके परिणाम और चयन प्रक्रिया को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है।
झारखंड के मेरे युवा साथियों के हितों, भविष्य और विश्वास की रक्षा को लेकर हमने हमेशा कड़े निर्णय लिए हैं।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 17, 2026
JPSC JSSC एवं अन्य मुद्दों पर कैबिनेट बैठक के पश्चात मीडिया बंधुओं से बातचीत... pic.twitter.com/ucVKtZfnyu
सरकार के इस फैसले के बाद लंबे समय से आंदोलन कर रहे प्रतियोगी छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रदर्शनकारी छात्रों ने इसे छात्र हित में बड़ी जीत बताते हुए जमकर नारेबाजी की।
JSSC-CGL परीक्षा रद्द, छात्रों की बड़ी मांग मानी गई

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में JSSC-CGL परीक्षा रद्द किए जाने की जानकारी दी। लंबे समय से छात्र इस परीक्षा में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे थे। सरकार के इस निर्णय को छात्रों के आंदोलन की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे युवाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अलग-अलग खेमों में बंटे हुए नहीं हैं, बल्कि सभी झारखंड के युवा हैं और सरकार उनके हितों के लिए प्रतिबद्ध है।
TDPL की सभी परीक्षाएं और रिजल्ट भी रद्द
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई सिर्फ JSSC-CGL तक सीमित नहीं रहेगी। TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। खास बात यह है कि जिन परीक्षाओं की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनके परिणाम और चयन को भी इस फैसले के दायरे में रखा गया है। यानी TDPL से जुड़ी परीक्षा प्रक्रिया में शामिल परीक्षा, रिजल्ट और चयन समेत पूरी प्रक्रिया पर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
2014 से अब तक की गड़बड़ियों की होगी जांच
सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं की जांच का दायरा भी बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से अब तक हुई छोटी-बड़ी गड़बड़ियों की जांच की जाएगी। सरकार का फोकस यह पता लगाने पर है कि परीक्षा प्रक्रिया में खामियां कहां हुईं और इसके पीछे कौन लोग या नेटवर्क जिम्मेदार रहे। मुख्यमंत्री ने जांच एजेंसियों को मामले की तह तक जाने के निर्देश दिए हैं।
SIT और CID को सख्त निर्देश
JSSC-CGL और अन्य परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच में SIT और CID की कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री ने जांच एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि किसी गड़बड़ी का नेटवर्क सामने आया है तो उसकी पूरी तरह जांच की जाए। सीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जब ऑपरेशन शुरू हुआ है तो उसे पूरी तरह अंजाम तक पहुंचाया जाना चाहिए। सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में बने SOP का अगर कड़ाई से पालन किया जाता तो इस तरह की खामियां सामने नहीं आतीं।
IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में बनेगी कमेटी
परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने एक विशेष कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में कमेटी परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देगी। सरकार का उद्देश्य भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है। छात्र, अभिभावक और शिक्षक भी परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पोर्टल के माध्यम से अपने सुझाव दे सकेंगे।
रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच का फैसला
सरकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच कराने का भी निर्णय लिया है। जांच में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी पुरानी शिकायतों और कथित अनियमितताओं को शामिल किया जाएगा। सरकार का दावा है कि जांच का उद्देश्य सिर्फ दोषियों की पहचान करना नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली की खामियों को दूर करना भी है।
छात्र आंदोलन के बीच सरकार का बड़ा संदेश
पिछले कई दिनों से झारखंड में प्रतियोगी छात्र परीक्षा में कथित धांधली और पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। विधानसभा में भी यह मुद्दा लगातार उठता रहा। ऐसे में कैबिनेट के इस फैसले को सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच चल रहे गतिरोध को खत्म करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। फैसले के बाद आंदोलन स्थल पर छात्रों में उत्साह देखने को मिला। छात्रों ने 'छात्र एकता जिंदाबाद' और 'हमारी मांगें पूरी हुईं' जैसे नारे लगाए और इसे अपनी बड़ी जीत बताया।
नए खनन कानून पर भी चर्चा
कैबिनेट बैठक में परीक्षा विवाद के अलावा नए खनन कानून को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर व्यापक विचार-विमर्श के लिए जल्द बैठक हो सकती है। जरूरत पड़ने पर सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने पर भी विचार कर सकती है।
क्या-क्या हुआ फैसला?
JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का फैसला।
TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द।
TDPL से जुड़े परिणाम और चयन प्रक्रिया भी रद्द।
2014 से अब तक की परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच।
रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में व्यापक जांच।
SIT और CID को मामले की तह तक जाने के निर्देश।
परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में कमेटी।
छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से परीक्षा सुधार के लिए सुझाव लेने की व्यवस्था।
परीक्षा प्रक्रिया में SOP को और प्रभावी बनाने पर जोर।
छात्रों में खुशी, आंदोलन को मिली बड़ी सफलता

सरकार की घोषणा के बाद आंदोलन कर रहे प्रतियोगी छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। छात्रों का कहना है कि लंबे संघर्ष के बाद सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार किया है।
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विगत 23 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों को बधाई एवं शुभकामनाएं। आपने अपने दृढ़ संकल्प, एकता और जीवटता का परिचय देते हुए सरकार को झुकने पर मजबूर किया। JSSC-CGL का रद्द होना आपकी बड़ी विजय है।
— Babulal Marandi (@yourBabulal) August 17, 2026
जो मुख्यमंत्री दंभ के साथ छात्रों के आरोपों को…
अब सबसे बड़ी नजर जांच प्रक्रिया और आगे होने वाली कार्रवाई पर रहेगी। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि JSSC-CGL और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने के बाद सरकार नई परीक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया को किस तरह लागू करती है।




