झारखंड: 20 लाख का इनामी माओवादी रविंद्र गंझू गिरफ्तार, हत्या-IED ब्लास्ट समेत 156 मामलों के 'आतंक' का अंत
झारखंड पुलिस और NIA ने 20 लाख के इनामी हार्डकोर माओवादी रविंद्र गंझू को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या, IED ब्लास्ट, रंगदारी, पुलिस पर हमले समेत 156 मामलों में वांछित रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी को नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
HighLights:
- 20 लाख रुपये का इनामी हार्डकोर माओवादी रविंद्र गंझू गिरफ्तार
- हत्या, रंगदारी, IED ब्लास्ट और पुलिस हमलों समेत 156 मामलों में था वांछित
- झारखंड पुलिस और NIA की संयुक्त कार्रवाई में मिली बड़ी सफलता
- दो दशकों तक लातेहार, गुमला, लोहरदगा, पलामू, चतरा और रांची के जंगलों में फैलाया आतंक
- पूछताछ में टेरर फंडिंग, हथियार नेटवर्क और माओवादी संगठन के कई राज खुलने की उम्मीद
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है। करीब दो दशकों तक जंगलों में आतंक का पर्याय बने 20 लाख रुपये के इनामी हार्डकोर माओवादी रविंद्र गंझू उर्फ मुकेश गंझू उर्फ सुरेंद्र गंझू को झारखंड पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने संयुक्त अभियान में गिरफ्तार कर लिया है।
रविंद्र गंझू हत्या, पुलिस और सुरक्षाबलों पर हमले, IED विस्फोट, लेवी वसूली, रंगदारी, आगजनी, हथियार लूट और टेरर फंडिंग जैसे 156 गंभीर मामलों में वांछित था। लंबे समय से उसकी तलाश झारखंड पुलिस और NIA दोनों कर रही थीं। उसकी गिरफ्तारी को राज्य में नक्सल नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी चोट माना जा रहा है।
दो दशक तक जंगलों में कायम रहा आतंक
रविंद्र गंझू ने लातेहार, लोहरदगा, गुमला, पलामू, चतरा, गढ़वा और रांची के सीमावर्ती इलाकों में वर्षों तक दहशत फैलाई। उसके कारण कई सड़क, पुल और विकास परियोजनाएं प्रभावित हुईं। ठेकेदारों, कंपनियों और ग्रामीणों से लेवी वसूली उसके नेटवर्क की प्रमुख गतिविधि थी। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह माओवादी संगठन के महत्वपूर्ण कमांडरों में शामिल था और लंबे समय तक पुलिस को चकमा देता रहा।
NIA की भी वांटेड सूची में था शामिल
टेरर फंडिंग और माओवादी नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच कर रही NIA भी रविंद्र गंझू की तलाश कर रही थी। जांच के दौरान उसके चंदवा थाना क्षेत्र स्थित हेसला बांझीटोला के घर को भी कुर्क किया गया था। एजेंसियों का दावा है कि यह मकान लेवी से जुटाए गए पैसों से बनाया गया था। उसके कई सहयोगी पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे, लेकिन रविंद्र लगातार फरार चल रहा था।
70 से अधिक मामलों में था नामजद
रविंद्र गंझू के खिलाफ अकेले लातेहार जिले में लगभग 45 संगीन मामले दर्ज हैं, जबकि विभिन्न जिलों को मिलाकर उसके खिलाफ 70 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं। वहीं पुलिस रिकॉर्ड में कुल 156 घटनाओं में उसकी संलिप्तता सामने आई है। इन मामलों में हत्या, सुरक्षाबलों पर हमला, विस्फोट, हथियार लूट, रंगदारी, लेवी वसूली और नक्सली गतिविधियों का संचालन शामिल है।
इन बड़ी घटनाओं का रहा मुख्य आरोपी
रविंद्र गंझू कई चर्चित नक्सली घटनाओं का मास्टरमाइंड माना जाता है।
22 नवंबर 2019 को चंदवा के लुकुइया मोड़ पर PCR वैन पर हमला, जिसमें चार पुलिसकर्मी शहीद हुए।
फरवरी 2022 में बुलबुल जंगल में सुरक्षा बलों के साथ कई दिनों तक मुठभेड़।
IED विस्फोटों में कई जवान और ग्रामीणों की मौत व घायल होने की घटनाएं।
सड़क निर्माण कार्यों में लगी मशीनों में आगजनी।
लेवी नहीं देने पर ठेकेदारों और कंपनियों पर हमले।
जेसीबी चालक धीरज सिंह को गोली मारने की घटना।
पुल निर्माण कार्य में लगी मशीनों को आग के हवाले करना।
ग्रामीणों और SPO की हत्या।
जंगलों में IED बिछाकर सुरक्षा बलों को निशाना बनाना।
हथियार और विस्फोटक छिपाने के नेटवर्क का संचालन।
टेरर फंडिंग और माओवादी वित्तीय नेटवर्क का संचालन।
गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान रविंद्र गंझू ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पहले से की गई घेराबंदी के कारण सुरक्षा बलों ने उसे दबोच लिया। अब उससे पूछताछ के जरिए माओवादी संगठन के शेष सक्रिय दस्तों, हथियारों की सप्लाई, वित्तीय नेटवर्क, शहरी संपर्कों और टेरर फंडिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।
नक्सल नेटवर्क पर निर्णायक चोट
सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी केवल एक इनामी नक्सली की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि झारखंड में सक्रिय माओवादी संगठन के बचे हुए नेटवर्क पर सीधा प्रहार है। आने वाले दिनों में उसकी निशानदेही पर कई अन्य माओवादी और उनके सहयोगी भी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ सकते हैं। रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी को झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से राज्य में माओवादी गतिविधियों पर और प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।




