धनबाद क्लब की 4.95 एकड़ जमीन पर जिला परिषद का दावा, DCLR कोर्ट पहुंचा मामला; किराया वसूली की तैयारी
धनबाद क्लब की 4.95 एकड़ जमीन पर जिला परिषद ने मालिकाना हक का दावा करते हुए डीसीएलआर कोर्ट में मामला दायर किया है। हीरापुर मौजा के खाता नंबर 140 की 117.11 एकड़ जमीन को जिला परिषद अपनी संपत्ति बता रही है। कोर्ट के फैसले के बाद क्लब से किराया वसूलने की तैयारी है।
HighLights:
- धनबाद क्लब की 4.95 एकड़ जमीन पर जिला परिषद ने जताया मालिकाना हक
- डीसीएलआर कोर्ट में जिला परिषद ने दायर किया दावा
- हीरापुर मौजा के खाता नंबर 140 की 117.11 एकड़ जमीन पर जिला परिषद का दावा
- कोर्ट के फैसले के बाद धनबाद क्लब से किराया वसूलने की तैयारी
- यूनियन क्लब, कला भवन, जिला जेल और राजेंद्र सरोवर भी इसी खाते में शामिल
- डीसी ने सरकारी जमीनों को ऑनलाइन दर्ज करने का दिया निर्देश
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद शहर के प्रतिष्ठित धनबाद क्लब की जमीन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जिला परिषद ने क्लब की 4.95 एकड़ जमीन पर अपना मालिकाना हक जताते हुए भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) कोर्ट में मामला दायर किया है। परिषद का दावा है कि हीरापुर मौजा के खाता नंबर 140 में दर्ज 117.11 एकड़ पूरी जमीन जिला परिषद (पूर्व डिस्ट्रिक्ट बोर्ड) की है और इसी खाते में धनबाद क्लब की जमीन भी शामिल है।
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जिला परिषद के इस कदम के बाद अब धनबाद क्लब की जमीन को लेकर कानूनी लड़ाई तेज होने की संभावना है। यदि कोर्ट जिला परिषद के पक्ष में फैसला देता है तो क्लब को जमीन का निर्धारित भाड़ा भी देना पड़ सकता है।
117.11 एकड़ जमीन पर जिला परिषद का दावा
डीसीएलआर कोर्ट में दायर आवेदन में जिला परिषद ने कहा है कि धनबाद अंचल के हीरापुर मौजा के खाता नंबर 140 में कुल 117.11 एकड़ जमीन दर्ज है। झारभूमि पोर्टल में यह पूरी जमीन जिला परिषद के नाम से ऑनलाइन दर्ज है। परिषद का कहना है कि इसी खाते की 4.95 एकड़ जमीन पर धनबाद क्लब का संचालन हो रहा है। इसलिए क्लब जिस भूमि का उपयोग कर रहा है, वह जिला परिषद की संपत्ति है।
कोर्ट के फैसले के बाद तय होगा किराया
जिला परिषद की अध्यक्ष शारदा सिंह के अनुसार, डीसीएलआर कोर्ट से निर्णय आने के बाद प्रशासन के माध्यम से जमीन का किराया निर्धारित कराया जाएगा। इसके बाद धनबाद क्लब से निर्धारित दर पर भाड़ा वसूला जाएगा। इस मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीरता दिखाई जा रही है।
यूनियन क्लब का मामला पहले से लंबित
धनबाद क्लब के अलावा यूनियन क्लब की जमीन का मामला भी पहले से उपायुक्त (डीसी) कोर्ट में विचाराधीन है। जानकारी के अनुसार, यूनियन क्लब प्लॉट नंबर 750/3217 की करीब 14.5 एकड़ जमीन पर बना हुआ है, जो भी खाता नंबर 140 में दर्ज है।
कई प्रमुख सरकारी और सार्वजनिक संस्थान भी इसी खाते में
राजस्व एवं निबंधन विभाग के झारभूमि पोर्टल के अनुसार, हीरापुर मौजा के खाता नंबर 140 में कुल 58 प्लॉट दर्ज हैं। इनमें प्लॉट संख्या 656, 657, 658, 682, 750/3217 सहित कई अन्य भूखंड शामिल हैं। इसी खाते की जमीन पर कई महत्वपूर्ण संस्थान बने हुए हैं, जिनमें—
धनबाद क्लब
यूनियन क्लब
कांग्रेस भवन
आईएमए भवन
कला भवन
जिला कारागार (जेल)
राजेंद्र सरोवर
जैसी प्रमुख संपत्तियां शामिल बताई जा रही हैं।
सरकारी जमीनों को ऑनलाइन दर्ज करने का अभियान
धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने जिले के सभी अंचल अधिकारियों को सरकारी जमीनों का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसी अभियान के तहत जिला परिषद एवं अन्य सरकारी संस्थानों की जमीनों को खाता एवं प्लॉट नंबर के साथ डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल किया जा रहा है। धनबाद अंचल में भी यह प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
डीडीसी ने क्या कहा
जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) एवं डीडीसी साद राज ने कहा कि झारभूमि पोर्टल में हीरापुर मौजा के खाता नंबर 140 की 117.11 एकड़ जमीन डिस्ट्रिक्ट बोर्ड के नाम दर्ज है। इसी में धनबाद क्लब की 4.95 एकड़ जमीन शामिल है। कोर्ट के फैसले के बाद क्लब से नियमानुसार किराया वसूला जाएगा।
डीसी ने जांच के दिए संकेत
उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि हीरापुर मौजा के खाता नंबर 140 की जमीन के मालिकाना हक की विस्तृत जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यूनियन क्लब से जुड़ा मामला भी फिलहाल डीसी कोर्ट में लंबित है।
अब सबकी नजर कोर्ट के फैसले पर
धनबाद क्लब जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की जमीन पर जिला परिषद के दावे ने शहर में नई कानूनी बहस छेड़ दी है। यदि जिला परिषद का दावा कोर्ट में सही साबित होता है तो न केवल धनबाद क्लब, बल्कि खाता नंबर 140 में स्थित अन्य संस्थानों पर भी इसका असर पड़ सकता है। ऐसे में अब सभी की नजर डीसीएलआर कोर्ट और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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