बिहार: तिरुपति शुगर मिल पर साइबर अटैक,सर्वर हैक, डेटा चोरी, 100 करोड़ का नुकसान
Tirupati Sugar Mill Bagaha पर बड़े साइबर हमले से मुख्य सर्वर और SAP सिस्टम प्रभावित हो गया। डेटा चोरी, बिलिंग-बिक्री ठप और करीब 100 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
HighLights:
- तिरुपति शुगर मिल केमुख्य सर्वर और डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम में सेंधमारी
- गोपनीय डेटा चोरी होने से मचा हड़कंप, SAP सिस्टम क्रैश, चीनी बिक्री और बिलिंग ठप
- स्टॉक और डिस्पैच का काम भी हुआ प्रभावित,करीब 100 करोड़ रुपये की वित्तीय क्षति का अनुमान
- डेटा वापस करने के लिए मांगी फिरौती ,साइबर थाना पुलिस ने दर्ज की FIR, तकनीकी जांच शुरू
बगहा (पश्चिम चंपारण)। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा स्थित तिरुपति शुगर मिल पर बड़े साइबर हमले का मामला सामने आया है। अज्ञात साइबर अपराधियों ने मिल के मुख्य सर्वर और डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम में सेंधमारी कर महत्वपूर्ण और गोपनीय डेटा चोरी कर लिया। इस साइबर हमले के बाद मिल का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है और प्रबंधन को करीब 100 करोड़ रुपये की वित्तीय क्षति होने का अनुमान जताया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मिल के कार्मिक एवं प्रशासनिक विभाग के महाप्रबंधक त्रिपुरारी कुमार ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद तकनीकी स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
18 से 20 अगस्त के बीच साइबर हमला
बताया गया है कि साइबर अपराधियों ने 18 से 20 अगस्त के बीच मिल के सिस्टम को निशाना बनाया। हमले के दौरान मुख्य सर्वर और डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम में सेंधमारी की गई। इसके बाद महत्वपूर्ण डेटा तक मिल की पहुंच प्रभावित हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के गोपनीय डेटा के चोरी होने की बात सामने आई है। हालांकि साइबर हमले से कंपनी को होने वाली कुल वित्तीय क्षति का अनुमान इससे कहीं अधिक लगाया जा रहा है।
SAP सिस्टम क्रैश, बिलिंग और बिक्री ठप
साइबर हमले का सबसे बड़ा असर मिल के SAP सिस्टम पर पड़ा है। सिस्टम क्रैश होने के बाद चीनी की बिक्री, बिलिंग, स्टॉक और डिस्पैच से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो गए हैं। सिस्टम के अचानक लॉक और डेटा उपलब्ध नहीं होने से मिल के दैनिक संचालन में परेशानी खड़ी हो गई है। बिक्री और डिस्पैच जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियां प्रभावित होने से कंपनी के कारोबार पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
किसानों के भुगतान का रिकॉर्ड भी सर्वर में
मिल के सर्वर में केवल कंपनी का आंतरिक वित्तीय और व्यावसायिक डेटा ही नहीं था, बल्कि बड़ी संख्या में किसानों से संबंधित महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी मौजूद थे। इनमें हजारों गन्ना किसानों के भुगतान और अन्य संबंधित जानकारियां शामिल होने की बात कही जा रही है।ऐसे में साइबर हमले ने न केवल मिल के व्यावसायिक कामकाज बल्कि किसानों से जुड़े भुगतान और रिकॉर्ड की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
डेटा वापस करने के लिए फिरौती की मांग!
सूत्रों के मुताबिक साइबर अपराधियों की ओर से चोरी किए गए महत्वपूर्ण डेटा को वापस करने के बदले मोटी रकम की मांग किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि फिरौती की मांग और उसकी वास्तविक राशि को लेकर जांच एजेंसियां अभी तथ्य जुटा रही हैं।यदि डेटा रिकवरी के लिए फिरौती की मांग की पुष्टि होती है, तो यह मामला सामान्य डेटा चोरी से आगे बढ़कर रैनसमवेयर या साइबर जबरन वसूली के संभावित एंगल से भी जांच का विषय बन सकता है।
प्रबंधन ने जिला प्रशासन से मांगी मदद
तिरुपति शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक बीएन त्रिपाठी के अनुसार, तकनीकी सॉफ्टवेयर के हैक होने के कारण मिल का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थिति को सामान्य करने के लिए जिला प्रशासन से तत्काल मदद मांगी गई है। प्रबंधन की प्राथमिकता फिलहाल सिस्टम को सुरक्षित करने, डेटा की स्थिति का पता लगाने और प्रभावित सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने की है।
साइबर थाना पुलिस ने तेज की जांच
FIR दर्ज होने के बाद साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी टीम के साथ जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि साइबर अपराधियों ने मिल के सिस्टम में किस रास्ते से प्रवेश किया और सर्वर तक उनकी पहुंच कैसे बनी। जांच के दौरान सर्वर के IP लॉग, ई-मेल एक्सेस, सिस्टम लॉग और हैकिंग से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। पुलिस साइबर हमले के स्रोत और इसमें शामिल आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
करोड़ों के कारोबार पर साइबर हमले का असर
तिरुपति शुगर मिल बगहा में हुए इस साइबर हमले ने औद्योगिक संस्थानों में डेटा सुरक्षा और साइबर सिक्योरिटी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान का सर्वर हैक होने से उसका वित्तीय डेटा, उत्पादन संबंधी जानकारी, बिक्री रिकॉर्ड और किसानों से जुड़े दस्तावेज प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि साइबर अपराधियों ने कितना डेटा चोरी किया, कंपनी को वास्तविक वित्तीय नुकसान कितना हुआ और हमले के पीछे कौन लोग या साइबर गिरोह शामिल हैं।
साइबर हमले के कारण फिलहाल मिल के कई महत्वपूर्ण डिजिटल सिस्टम प्रभावित हैं। पुलिस की तकनीकी जांच और डेटा रिकवरी की प्रक्रिया के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।




