धनबाद SSP प्रभात कुमार का जलवा! देश के टॉप-25 IPS में 18वीं रैंक, झारखंड से अकेले अफसर
धनबाद SSP प्रभात कुमार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फेम इंडिया की देश के टॉप-25 IPS अधिकारियों की सूची में उन्हें 18वां स्थान मिला है। झारखंड से वे एकमात्र IPS अधिकारी हैं। जानें उनकी पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण और प्रमुख कार्रवाइयों के बारे में।
HighLights:
- झारखंड से लिस्ट में जगह बनाने वाले एकमात्र IPS अधिकारी हैं प्रभात कुमार
- क्राइम कंट्रोल और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई को बनाया प्राथमिकता
- प्रिंस खान और उसके सहयोगियों के खिलाफ धनबाद पुलिस ने तेज की कार्रवाई
- 2025 में धनबाद पुलिस ने 1,799 आरोपितों को गिरफ्तार कर भेजा जेल
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): धनबाद के एसएसपी) प्रभात कुमार ने झारखंड पुलिस के लिए एक और उपलब्धि हासिल की है। फेम इंडिया मैगजीन की ओर से जारी देश के टॉप-25 IPS अफसरों की लिस्ट में प्रभात कुमार को 18वां स्थान मिला है। खास बात यह है कि इस राष्ट्रीय सूची में झारखंड से शामिल होने वाले वे एकमात्र IPS अफसर हैं।
फेम इंडिया की इस सूची में देशभर के पुलिस अधिकारियों के कामकाज, क्राइम कंट्रोल, प्रशासनिक दक्षता, नेतृत्व क्षमता, जनता से जुड़ाव और पुलिसिंग में नई सोच जैसे विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर की इस सूची में धनबाद SSP का नाम शामिल होना उनके साथ-साथ धनबाद पुलिस के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
अपराध नियंत्रण से लेकर संगठित अपराध पर कार्रवाई तक फोकस
धनबाद SSP के रूप में प्रभात कुमार ने पदभार संभालने के बाद अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता दी है। खासकर संगठित अपराध, गैंगस्टर नेटवर्क, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध और फरार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पर पुलिस का फोकस रहा है। धनबाद को लंबे समय से संगठित अपराध और आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में SSP के नेतृत्व में पुलिस ने अपराधियों के नेटवर्क पर प्रहार करने के साथ-साथ उनके सहयोगियों और आर्थिक स्रोतों पर भी कार्रवाई की है। कुख्यात अपराधी प्रिंस खान और उसके सहयोगियों के खिलाफ धनबाद पुलिस की कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा रही है। फरार और वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाने के साथ लंबित वारंटों के निष्पादन पर भी जोर दिया गया।
रामगढ़, जमशेदपुर और पाकुड़ में भी संभाल चुके हैं जिम्मेदारी
प्रभात कुमार के पास विभिन्न जिलों में पुलिसिंग का लंबा अनुभव है। धनबाद SSP बनने से पहले वह रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक, जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक और पाकुड़ के पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इन जिलों में काम करने के दौरान भी उन्होंने अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग पर जोर दिया। अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभालने का अनुभव धनबाद जैसे बड़े और चुनौतीपूर्ण जिले में पुलिस प्रशासन के संचालन में उनके लिए उपयोगी साबित हुआ है।
धनबाद में 2025 में 1,799 आरोपितों को भेजा गया जेल
धनबाद पुलिस की अपराध नियंत्रण मुहिम का अंदाजा वर्ष 2025 के आंकड़ों से भी लगाया जा सकता है। पुलिस ने हत्या, लूट, डकैती, चोरी, संगठित अपराध, अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न मामलों में कार्रवाई करते हुए 1,799 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस की ओर से अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के साथ गंभीर मामलों में आरोपितों की गिरफ्तारी और लंबित मामलों के निस्तारण पर भी जोर दिया गया।
साइबर अपराध और म्यूल बैंक खातों पर भी सख्ती
धनबाद में साइबर अपराध की बढ़ती चुनौती को देखते हुए पुलिस ने ऑनलाइन ठगी से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई तेज की। साइबर अपराधियों के साथ-साथ म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल के मामलों पर पुलिस की नजर रही। म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल आम तौर पर ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में पहुंचाने के लिए किया जाता है। ऐसे खातों की पहचान कर कार्रवाई करने से साइबर अपराध के नेटवर्क तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिलती है।
फरार अपराधियों और लंबित वारंटों के खिलाफ अभियान
वर्ष 2026 में धनबाद पुलिस ने फरार और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया। लंबे समय से लंबित वारंटों के निष्पादन को भी अभियान का हिस्सा बनाया गया। पुलिस की कोशिश रही कि गंभीर मामलों में फरार आरोपितों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। इसके अलावा आम लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान और लंबित मामलों के निस्तारण पर भी ध्यान दिया गया।
जनता से जुड़ाव और पुलिस की कार्यक्षमता पर जोर
फेम इंडिया की सूची में पुलिस अधिकारियों के मूल्यांकन के दौरान केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं, बल्कि जनता से जुड़ाव, प्रशासनिक क्षमता, नेतृत्व और पुलिसिंग में नई सोच जैसे पहलुओं को भी महत्व दिया गया। धनबाद में SSP प्रभात कुमार के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों की दक्षता बढ़ाने, प्रशिक्षण पर जोर देने और आम लोगों की शिकायतों के समाधान को प्राथमिकता देने की कोशिश की गई है। पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय सूची में जगह बनाना बड़ी उपलब्धि
फेम इंडिया की टॉप-25 IPS अधिकारियों की सूची में 18वें स्थान पर प्रभात कुमार का चयन धनबाद और झारखंड के लिए खास उपलब्धि है। खासकर इसलिए क्योंकि पूरी सूची में झारखंड से उनका नाम ही शामिल है। धनबाद जैसे चुनौतीपूर्ण जिले में संगठित अपराध, साइबर क्राइम और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण की दिशा में पुलिस की कार्रवाई के बीच राष्ट्रीय स्तर की इस सूची में जगह मिलना SSP प्रभात कुमार की कार्यशैली को मिली महत्वपूर्ण पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।
फेम इंडिया–एशिया पोस्ट ने चुने देश के 25 प्रमुख पुलिस अफसर और ‘सुपर-5’
फेम इंडिया–एशिया पोस्ट ने देशभर में प्रभावी पुलिस नेतृत्व, कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा, अनुसंधान, विशेष अभियानों, तकनीक के उपयोग और जनभागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 25 प्रमुख पुलिस अधिकारियों का चयन किया है। इसके साथ ही उत्कृष्ट और विशिष्ट कार्यशैली के लिए पांच अधिकारियों को विशेष ‘सुपर-5’ श्रेणी में शामिल किया गया है। फेम इंडिया मैगजीन के संपादक धीरज कुमार के अनुसार इस प्रकार इस विशेष सूची में कुल 30 पुलिस अधिकारी शामिल हैं। चयन में अधिकारियों के फील्ड अनुभव, नेतृत्व क्षमता, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था प्रबंधन, नागरिक सेवाओं, पुलिस आधुनिकीकरण और जनविश्वास को प्रमुख आधार बनाया गया है।
देशभर के टॉप 25 प्रमुख पुलिस अफसर
- 1. अदिति सिंह — पंचकूला, हरियाणा
2. आकाश पटेल — चंदौली, उत्तर प्रदेश
3. अनंत मित्तल — दक्षिण दिल्ली, दिल्ली
4. अनुराग आर्य — बरेली, उत्तर प्रदेश
5. अपर्णा रजत कौशिक — मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश
6. इलामारन जी — एटा, उत्तर प्रदेश
7. कृषिकेश रावले — पुणे, महाराष्ट्र
8. कंवरदीप कौर — चंडीगढ़, पंजाब
9. गुंडाला रेड्डी राघवेंद्र — झारसुगुड़ा, ओडिशा
10. गौरव राय — दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ (अब बलोदाबाजार)
11. चंद्रशेखर घोड़के — अल्मोड़ा, उत्तराखंड
12. डॉ. अमृता दुहन — उदयपुर, राजस्थान
13. जी.वी. संदीप कुमार — श्रीनगर, कश्मीर
14. नुमल महट्टा — बोगईगांव, असम
15. नवजोत सिमी — अरवल, बिहार
16. पापिया सुल्ताना — पश्चिम मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल
17. प्रभात कुमार — धनबाद, झारखंड
18. बलबीर सिंह — हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश
19. मनिंदर सिंह — रूपनगर (रोपड़), पंजाब
20. मुथुराजू एम. — चामराजनगर, कर्नाटक
21. विजय पटेल — खेड़ा, गुजरात
22. विवेक स्येंम — ईस्ट खासी हिल्स, मेघालय
23. शशांक जायसवाल — दिल्ली ट्रैफिक (अब रोहिणी), दिल्ली
24. सुशील कुमार — गयाजी, बिहार
25. श्रद्धा तिवारी — भोपाल, मध्य प्रदेश
सुपर-5 आईपीएस अफसर
इनके अलावा कुछ ऐसे भी पुलिस कप्तान रहे, जो सराहनीय कार्यों के बावजूद टॉप 25 की सूची में स्थान बनाने से चूक गए। फेम इंडिया–एशिया पोस्ट ने पांच ऐसे पुलिस अधिकारियों को भी विशेष ‘सुपर-5’ श्रेणी में शामिल किया है, जिनका कार्य और नेतृत्व पुलिसिंग के अलग-अलग महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय रहा है।
1. डॉ. इराज रजा — गाजीपुर, उत्तर प्रदेश
2. अधिराज सिंह राणा — सीआईडी एवं साइबर क्राइम, आंध्र प्रदेश
3. आर. आनंद — पथनमथिट्टा, केरल
4. गौरव सिंह — शिमला, हिमाचल प्रदेश
5. लोगेश कुमार पी. — चरखी दादरी, हरियाणा
फेम इंडिया के प्रबंध संपादक अनिल सिंह के अनुसार आज पुलिसिंग का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के साथ साइबर अपराध, मादक पदार्थ, यातायात, महिला एवं बाल सुरक्षा, सामुदायिक पुलिसिंग, तकनीकी अपराध और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसी चुनौतियां पुलिस नेतृत्व से नई दक्षताओं की मांग कर रही हैं।
चयनित 25 अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में इन चुनौतियों के बीच प्रभावी नेतृत्व का परिचय दिया है। वहीं ‘सुपर-5’ में शामिल अधिकारियों ने विशेष क्षेत्रों में अपने उल्लेखनीय कार्य और विशिष्ट नेतृत्व के कारण अलग पहचान बनाई है। यह चयन केवल पद, वरिष्ठता या जिम्मेदारी के आधार पर नहीं, बल्कि अधिकारियों के वास्तविक कार्य, नेतृत्व क्षमता, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रदर्शन, अपराध नियंत्रण, नवाचार और जनता के बीच पुलिस की विश्वसनीयता बढ़ाने में उनकी भूमिका को ध्यान में रखकर किया गया है।
फेम इंडिया–एशिया पोस्ट की यह पहल देश में उन पुलिस अधिकारियों को सामने लाने और प्रोत्साहन देने का प्रयास है, जो बदलते अपराध परिदृश्य और नई सामाजिक चुनौतियों के अनुरूप पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, तकनीक-सक्षम, उत्तरदायी और जनकेंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। फेम इंडिया के संपादक धीरज कुमार का मानना है कि इस रैंकिंग से देश भर के पुलिस प्रमुख भी प्रेरणा लेकर अपने कार्यों में उत्कृष्टता लाने का प्रयास करेंगे, ताकि अगले वर्ष वे भी शामिल हो सकें।




