धनबाद : विधायक जयराम महतो और मुखिया पुत्र आमने-सामने, थाना परिसर में मारपीट के बाद दोनों पक्षों पर FIR

धनबाद के बरवाअड्डा में फर्जी हस्ताक्षर-मुहर विवाद को लेकर विधायक जयराम महतो और मुखिया पक्ष आमने-सामने आ गए। थाना परिसर में मारपीट के बाद दोनों पक्षों ने FIR दर्ज कराई। पुलिस CCTV और वीडियो फुटेज की जांच कर रही है।

धनबाद : विधायक जयराम महतो और मुखिया पुत्र आमने-सामने, थाना परिसर में मारपीट के बाद दोनों पक्षों पर FIR
धनबाद में विधायक-मुखिया विवाद ने पकड़ा तूल।

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  • बरवाअड्डा थाना परिसर में विधायक जयराम महतो और मुखिया पक्ष के बीच विवाद ने लिया हिंसक रूप
  • मुखिया पुत्र प्रदीप रजक के आवेदन पर विधायक समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
  • विधायक जयराम महतो के आवेदन पर सांसद प्रतिनिधि समेत कई लोगों पर मारपीट और छिनतई का केस

धनबाद (Threesocieties.com Desk):  बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के बड़ापिछरी पंचायत में फर्जी हस्ताक्षर और मुहर के इस्तेमाल से प्रमाणपत्र बनाने के विवाद ने अब राजनीतिक और कानूनी रूप ले लिया है। आरोपी गणेश दास की गिरफ्तारी के बाद उसकी पैरवी को लेकर डुमरी विधायक जयराम महतो और मुखिया यशोदा देवी के पक्ष आमने-सामने आ गए। शुक्रवार रात बरवाअड्डा थाना परिसर में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट का आरोप है।

घटना के बाद शनिवार को दोनों पक्षों की ओर से बरवाअड्डा थाने में लिखित शिकायत दी गई। पुलिस ने दोनों आवेदनों के आधार पर अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में विधायक जयराम महतो समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं, जबकि विधायक की ओर से सांसद प्रतिनिधि समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।

मुखिया पुत्र ने विधायक पर लगाया गला दबाने का आरोप

मुखिया यशोदा देवी के पुत्र प्रदीप कुमार रजक ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि शुक्रवार रात करीब 10 बजे वह अपने पिता आशुतोष रजक से मिलने बरवाअड्डा थाना पहुंचे थे। उनके पिता को पुलिस फर्जी दस्तावेज से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए थाना लाई थी।

प्रदीप रजक का आरोप है कि थाना परिसर में मौजूद विधायक जयराम महतो ने उन्हें देखते ही अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और जातिसूचक शब्द कहे। इसके बाद कथित तौर पर उनका गला दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि घटना में उनकी गर्दन पर खरोंच के निशान आए और सांस लेने में परेशानी हुई। प्रदीप के आवेदन के आधार पर विधायक जयराम महतो, दिलीप चौधरी, सुशील मंडल समेत अन्य के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

विधायक का पलटवार, समर्थक से चेन और नकदी छीनने का आरोप

वहीं, विधायक जयराम महतो ने भी पुलिस में आवेदन देकर दूसरे पक्ष पर हमला और छिनतई का आरोप लगाया है। विधायक के मुताबिक वह फर्जी दस्तावेज मामले में गिरफ्तार गणेश दास के संबंध में जानकारी लेने के लिए थाना पहुंचे थे। विधायक का आरोप है कि थाना प्रभारी से बातचीत के दौरान प्रदीप रजक, तारकेश्वर रजक, आशुतोष रजक, दिनेश रजक समेत अन्य लोग वहां पहुंचे और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी। विधायक के अनुसार, बीच-बचाव करने पहुंचे उनके समर्थक सुशील मंडल के साथ भी मारपीट की गई।

विधायक के आवेदन के आधार पर सांसद प्रतिनिधि परमेश्वर उर्फ प्रेम महतो, प्रदीप रजक, तारकेश्वर रजक, आशुतोष रजक, भीखु रजक और दिनेश रजक समेत 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और छिनतई का मामला दर्ज किया गया है। आवेदन में सुशील मंडल के गले से करीब 2.08 लाख रुपये मूल्य की सोने की चेन और 5 हजार रुपये नकद छीनने का आरोप लगाया गया है।

घर पहुंचकर धमकी देने का भी आरोप

विवाद के बाद मुखिया यशोदा देवी ने भी पुलिस को एक अलग शिकायत दी। उनका आरोप है कि शुक्रवार देर रात करीब 1:30 बजे विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ उनके घर पहुंचे और उनके पुत्र द्वारा दर्ज शिकायत तथा पूर्व के मामले को वापस लेने का दबाव बनाया। मुखिया का आरोप है कि शिकायत वापस नहीं लेने पर परिवार को जान से मारने और गांव में रहना मुश्किल कर देने की धमकी दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया है कि घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है और उसे पुलिस को जांच के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

फर्जी हस्ताक्षर और मुहर से प्रमाणपत्र बनाने का मामला

पूरा विवाद बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के कथित फर्जी हस्ताक्षर और मुहर के इस्तेमाल से जाति, आवासीय और वंशावली प्रमाणपत्र तैयार किए जाने के आरोप से शुरू हुआ। मुखिया की शिकायत पर पुलिस ने गणेश दास के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में गणेश दास को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इसी मामले में उसकी पैरवी करने विधायक जयराम महतो थाना पहुंचे थे, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।

पुलिस खंगाल रही CCTV और वीडियो फुटेज

बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के अनुसार, विधायक जयराम महतो और प्रदीप कुमार रजक की ओर से दिए गए आवेदनों के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। थाना परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज, साथ ही पक्षों की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले वीडियो की जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने बड़ापिछरी पंचायत के स्थानीय विवाद को सियासी रंग दे दिया है। एक तरफ विधायक पक्ष ने हमला और छिनतई का आरोप लगाया है, तो दूसरी तरफ मुखिया पक्ष ने मारपीट, धमकी और एससी-एसटी अधिनियम के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं। अब पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगा कि थाना परिसर में विवाद की शुरुआत कैसे हुई और दोनों पक्षों के आरोपों में कितनी सच्चाई है।