ऑपरेशन सिंदूर में तबाह जैश का बहावलपुर हेडक्वार्टर फिर तैयार, पाकिस्तान ने दी 25 करोड़ की मदद!
ऑपरेशन सिंदूर में तबाह जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित मरकज सुभानअल्लाह के दोबारा तैयार होने का दावा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान सरकार ने पुनर्निर्माण के लिए 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की मदद दी।
Highlights:
- बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मरकज सुभानअल्लाह के पुनर्निर्माण का दावा
- ऑपरेशन सिंदूर में क्षतिग्रस्त गुंबद, हॉल और इमारतों की कराई गई मरम्मत
- रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार ने जैश को 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की मदद दी
- करीब 15 महीने में मुख्य परिसर के पुनर्निर्माण का दावा
इस्लामाबाद (Threesocieties.com Desk): भारत के ऑपरेशन सिंदूर में निशाना बनाए गए जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित मरकज सुभानअल्लाह को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारी नुकसान झेलने वाला यह परिसर करीब 15 महीने बाद दोबारा तैयार कर दिया गया है। नए फुटेज और खुफिया जानकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि परिसर में बड़े पैमाने पर निर्माण और मरम्मत का काम कराया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, परिसर के क्षतिग्रस्त गुंबदों का दोबारा निर्माण किया गया है। इमारतों पर नया प्लास्टर और पेंट किया गया है तथा कई हिस्सों में नए संगमरमर की फ्लोरिंग कराई गई है। हमले के दौरान मुख्य हॉल में हुए भारी नुकसान के निशानों को भी निर्माण कार्य के जरिए ढकने का दावा किया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ था परिसर
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में मौजूद आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की थी। 6-7 मई 2025 की रात शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इसी कार्रवाई में बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मरकज सुभानअल्लाह को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार, हमले में परिसर के मुख्य हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा था। अब सामने आई जानकारी में दावा किया गया है कि उस नुकसान की व्यापक स्तर पर मरम्मत की गई है और परिसर को दोबारा उपयोग के लिए तैयार कर दिया गया है।
25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की मदद का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारियों ने जैश-ए-मोहम्मद को करीब 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। दावा है कि इसमें से लगभग 11 करोड़ रुपये पिछले 15 महीनों के दौरान बहावलपुर स्थित केंद्रीय परिसर के पुनर्निर्माण पर खर्च किए गए। मरम्मत के तहत केवल मुख्य इमारत ही नहीं, बल्कि परिसर के दूसरे क्षतिग्रस्त हिस्सों को भी दोबारा तैयार किए जाने की बात कही गई है। मदरसा अल-साबिर और जैश के शीर्ष कमांडरों के आवासीय हिस्सों में भी निर्माण कार्य किए जाने का दावा है।
मुख्य हॉल के गड्ढे को कंक्रीट से भरने का दावा
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान परिसर के मुख्य हॉल को भारी नुकसान पहुंचने की बात कही गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, हमले के बाद इमारत के भीतर गहरा गड्ढा बन गया था। अब दावा है कि इस हिस्से को कंक्रीट से भर दिया गया है और फर्श को दोबारा तैयार किया गया है। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कर उन्हें नए प्लास्टर और पेंट से ढक दिया गया है।
मसूद अजहर की जगह भाइयों के हाथ में कमान
जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर की खराब सेहत के बीच बहावलपुर परिसर के दैनिक संचालन में भी बदलाव की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, अब परिसर की कमान मसूद अजहर के भाइयों तलहा अल-सैफ और मोहिउद्दीन औरंगजेब के हाथों में बताई जा रही है। वहीं, खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि मसूद अजहर और जैश के अन्य वरिष्ठ कमांडर सरकारी सुरक्षा के बीच पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नवाबशाह क्षेत्र में मौजूद हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
भर्ती और ट्रेनिंग से जुड़ा रहा है मरकज सुभानअल्लाह
बहावलपुर का मरकज सुभानअल्लाह लंबे समय से जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों से जोड़ा जाता रहा है। रिपोर्टों में दावा किया जाता है कि इस परिसर का इस्तेमाल संगठन के लिए नए सदस्यों की भर्ती, धार्मिक कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार और प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है। बताया जाता है कि करीब 18 एकड़ में फैला यह परिसर उस्मान-ओ-अली कैंपस के नाम से भी जाना जाता है। परिसर में मस्जिद और अन्य भवनों के अलावा प्रशिक्षण एवं आवासीय सुविधाएं होने की बात सामने आती रही है।
पुलवामा समेत कई हमलों से जुड़ा जैश
जैश-ए-मोहम्मद का नाम भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है। संगठन पर 2001 के संसद हमले, 2016 के पठानकोट एयरबेस हमले और 2019 के पुलवामा आत्मघाती हमले में भूमिका के आरोप हैं। पुलवामा हमले की साजिश में बहावलपुर स्थित जैश के ठिकानों की भूमिका को लेकर भी भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पहले कई दावे कर चुकी हैं।
ऐसे में ऑपरेशन सिंदूर में क्षतिग्रस्त किए गए जैश के इस प्रमुख परिसर के दोबारा तैयार होने की खबर सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम मानी जा रही है। हालांकि, परिसर के पुनर्निर्माण, पाकिस्तानी सरकारी आर्थिक सहायता और मौजूदा गतिविधियों से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
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