झारखंड में छात्र आंदोलन पर गरमाई सियासत, कांग्रेस बोली- राहुल संवाद चाहते हैं, BJP चर्चा से भागी
झारखंड छात्र आंदोलन पर सियासत तेज। कांग्रेस ने राहुल गांधी पर भाजपा के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद से होगा। कांग्रेस ने भाजपा पर विधानसभा में चर्चा से बचने का आरोप लगाया।
HighLights:
- राहुल गांधी पर भाजपा के आरोपों को कांग्रेस ने बताया निराधार
- कांग्रेस का दावा- छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद से चाहते हैं राहुल गांधी
- राधा कृष्ण किशोर ने भाजपा पर विधानसभा में छात्र मुद्दे पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया
- कांग्रेस ने कहा- सरकार आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग के पक्ष में नहीं थी
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में छात्र आंदोलन को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों को झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने सिरे से खारिज कर दिया है। कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों की समस्याओं का समाधान टकराव नहीं, बल्कि संवाद के जरिए चाहते हैं। पार्टी ने भाजपा पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि छात्र मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा से खुद भाजपा बचती रही।
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बुधवार को झारखंड सरकार के मंत्री राधा कृष्ण किशोर, दीपिका पांडेय सिंह, डॉ. इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की ओर से राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया।
विधानसभा में चर्चा से भाजपा के बचने का आरोप
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान राज्य सरकार छात्र आंदोलन और छात्रों की समस्याओं पर सदन के भीतर चर्चा कराने के लिए तैयार थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने सदन में चर्चा करने के बजाय अलग रास्ता अपनाया।उन्होंने कहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी अपने भाजपा विधायकों के साथ सुबह सात बजे से ही मुख्यमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठ गए थे। कांग्रेस का आरोप है कि इससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा की प्राथमिकता छात्रों के मुद्दे पर सदन में चर्चा करना नहीं थी।
कांग्रेस बोली- सरकार बल प्रयोग के खिलाफ
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनरत छात्रों पर बल प्रयोग या किसी भी प्रकार की हिंसा के पक्ष में नहीं थी। सरकार और जिला प्रशासन ने पूरे मामले में संयम और धैर्य बरतने का प्रयास किया। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि आंदोलन कर रहे छात्रों ने स्वयं स्वीकार किया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ बाहरी उपद्रवी तत्व आंदोलन में शामिल हो गए थे और उनके कारण हिंसा की स्थिति बनी।
बाबूलाल मरांडी के पुराने कार्यकाल का भी उठाया मुद्दा
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के मुख्यमंत्री रहते आंदोलनकारियों पर गोली चलाए जाने की घटनाओं को भी याद किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा वर्तमान सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने शासनकाल के रिकॉर्ड पर भी नजर डाले।
दीपिका पांडेय सिंह ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 से अब तक 17 परीक्षाओं की जांच सीबीआई को सौंपी गई है, लेकिन कांग्रेस के मुताबिक वर्ष 2026 में अब तक इन जांचों की प्रगति शून्य है।
शिल्पी नेहा तिर्की बोलीं- आंदोलन को हिंसक बनाने की कोशिश
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भाजपा पर छात्र आंदोलन को हिंसक रूप देने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और राज्य सरकार छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए संवाद का रास्ता अपना रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि छात्र आंदोलन को राजनीतिक टकराव का मुद्दा बनाने के बजाय छात्रों की वास्तविक समस्याओं पर बातचीत होनी चाहिए। पार्टी ने दावा किया कि सरकार संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है।
कांग्रेस ने भाजपा से पूछा- चर्चा से क्यों भागी?
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा से सवाल किया कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर था, तो विधानसभा के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा क्यों नहीं की गई। कांग्रेस ने कहा कि सदन लोकतांत्रिक चर्चा का सबसे महत्वपूर्ण मंच है और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर वहीं विस्तृत बहस होनी चाहिए। इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है। पार्टी का कहना है कि छात्र आंदोलन का समाधान आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि छात्रों और सरकार के बीच सार्थक संवाद से निकलेगा।
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