श्रावणी मेले 2026 में बड़ा बदलाव: रविवार-सोमवार VIP दर्शन पूरी तरह बंद, आम श्रद्धालुओं को मिलेगी प्राथमिकता
श्रावणी मेला 2026 में देवघर प्रशासन का बड़ा फैसला। रविवार और सोमवार को VIP, VVIP और शीघ्र दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे। आम श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और बाबा मंदिर के पट खुलने-बंद होने के समय को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
HighLights:
- रविवार और सोमवार को पूरी तरह बंद रहेगी VIP, VVIP और शीघ्र दर्शन व्यवस्था
- प्रशासन और पंडा समाज की बैठक में लिया गया बड़ा निर्णय
- आम श्रद्धालुओं के सुरक्षित और सुगम जलार्पण को मिलेगी प्राथमिकता
- बाबा मंदिर के पट खुलने और बंद होने का समय तय करने की मांग
- दूसरी और तीसरी सोमवारी पर दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
- AIIMS के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का समन्वय, सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का होगा इस्तेमाल
देवघर (Threesocieties.com Desk): राजकीय श्रावणी मेला 2026 को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालु-केंद्रित बनाने के लिए देवघर जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में बाबा मंदिर प्रशासनिक भवन में आयोजित समन्वय बैठक में तय किया गया कि मेले के दौरान रविवार और सोमवार को VIP, VVIP, आउट ऑफ टर्न दर्शन और शीघ्र दर्शनम की सभी सुविधाएं पूरी तरह बंद रहेंगी।
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आज बाबा मंदिर प्रांगण स्थित प्रशासनिक भवन में राजकीय श्रावणी मेला, 2026 के सफल संचालन को लेकर सरदार पंडा, पंडा धर्मरक्षणि सभा के सभी सदस्य, तीर्थ-पुरोहित समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर श्रावणी मेला के सफल संचालन को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई।@JharkhandCMO pic.twitter.com/zz53HYALqD
— DC Deoghar (@DCDeoghar) July 15, 2026
यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सावन की सबसे अधिक भीड़ वाले दिनों में आम श्रद्धालुओं को बिना किसी बाधा के सुगम और सुरक्षित जलार्पण का अवसर मिल सके।
आम श्रद्धालुओं को मिलेगी प्राथमिकता
बैठक में पंडा धर्मरक्षिणी सभा, तीर्थ पुरोहित समाज और प्रशासन के अधिकारियों ने माना कि रविवार और सोमवारी को श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक रहती है। ऐसे में VIP व्यवस्था से आम भक्तों को परेशानी होती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने इन दोनों दिनों VIP व्यवस्था पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया।
मंदिर के पट खोलने और बंद करने का समय तय करने की मांग
बैठक में पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष डॉ. सुरेश भारद्वाज ने बाबा मंदिर के पट खुलने और बंद होने का निश्चित समय तय करने की मांग उठाई। उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिर का पट रात 8 बजे बंद किया जाए ताकि व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से संचालित हो सकें। पूर्व महामंत्री कार्तिकनाथ ठाकुर ने भी कहा कि पहले जलार्पण रात आठ बजे तक होता था, जिसे फिर से लागू किया जाना चाहिए।
प्रोटोकॉल व्यवस्था पर उठे सवाल
सभा के महामंत्री निर्मल झा मंटू ने कहा कि हर साल बैठकें होती हैं, लेकिन कई महत्वपूर्ण फैसले धरातल पर नहीं उतरते। उन्होंने प्रोटोकॉल व्यवस्था में सुधार, अवैध प्रवेश रोकने और CCTV के जरिए निगरानी बढ़ाने की मांग की। पदाधिकारी चंद्रशेखर खवाड़े ने भी VIP प्रोटोकॉल व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता बताई।
पूजन सामग्री की गुणवत्ता पर चिंता
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि मंदिर में उपयोग होने वाली पूजन सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। प्रतिनिधियों का कहना था कि खराब सामग्री के कारण शिवलिंग को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। साथ ही गर्भगृह में अनावश्यक लोगों की मौजूदगी समाप्त करने और मंदिर परिसर में प्लास्टिक के उपयोग को कम करने पर भी जोर दिया गया।
दूसरी और तीसरी सोमवारी होगी सबसे बड़ी चुनौती
तीर्थ पुरोहित दुलर्भ मिश्र ने बताया कि दूसरी और तीसरी सोमवारी को दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
AIIMS से समन्वय, सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक
उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए AIIMS के साथ समन्वय स्थापित कर लिया गया है। वहीं कांवरियों की रूटलाइन की भी पूरी तैयारी कर ली गई है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने कहा कि शिवगंगा क्षेत्र में वॉच टावर बनाए जाएंगे तथा आधुनिक तकनीक और निगरानी प्रणाली के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
प्रशासन का लक्ष्य—सुगम, सुरक्षित और यादगार श्रावणी मेला
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य श्रावणी और भादो मेले के दौरान आने वाले हर श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित जलार्पण की सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से ही श्रावणी मेला सफल होगा और सभी विभाग मिलकर श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने का प्रयास करेंगे।
बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, डीडीसी पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीना, बाबा मंदिर प्रभारी रवि कुमार, सिविल सर्जन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और पंडा समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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