Coal India का बड़ा एक्शन: विजिलेंस केस में 'दागी' अफसरों का PRP पूरी तरह बंद

Coal India ने PRP नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब विजिलेंस मामले में 'निंदा (Censure)' की सजा पाने वाले अधिकारियों को Performance Related Pay (PRP) का कोई लाभ नहीं मिलेगा। 492वीं बोर्ड बैठक में लिए गए फैसले से BCCL, CCL समेत सभी अनुषंगी कंपनियों के अधिकारियों पर असर पड़ेगा।

Coal India का बड़ा एक्शन: विजिलेंस केस में 'दागी' अफसरों का PRP पूरी तरह बंद
Coal India ने PRP नियमों में किया बड़ा बदलाव।

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  • विजिलेंस मामले में 'निंदा (Censure)' मिलने पर अधिकारी को PRP का कोई लाभ नहीं मिलेगा
  • Coal India बोर्ड की 492वीं बैठक में नियम संशोधन को मंजूरी

कोलकाता (Threesocieties.com Desk): देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी Coal India Limited (CIL) ने अपने अधिकारियों के लिए प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (Performance Related Pay-PRP) के नियमों में बड़ा और सख्त बदलाव किया है। अब यदि किसी अधिकारी को किसी विजिलेंस (सतर्कता) मामले में 'निंदा (Censure)' की सजा मिलती है, तो उसे PRP का एक भी रुपया नहीं मिलेगा। कंपनी ने इस फैसले के जरिए स्पष्ट संकेत दिया है कि अब प्रदर्शन के साथ-साथ ईमानदारी और जवाबदेही भी आर्थिक प्रोत्साहन पाने की अनिवार्य शर्त होगी।

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यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल के दिनों में तबादला नीति में बदलाव को लेकर Coal India के अधिकारियों के बीच असंतोष देखा गया था। विभिन्न अधिकारी संगठनों ने प्रबंधन को पत्र लिखकर अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराई थीं। इसी बीच PRP नियमों में संशोधन ने अधिकारियों के बीच नई चर्चा छेड़ दी है।

492वीं बोर्ड बैठक में लिया गया अहम फैसला

Coal India द्वारा 4 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय आदेश के अनुसार यह संशोधन Executive Pay Revision-2017 के अध्याय-1 की धारा-10 की उपधारा 8(11)(C) में किया गया है। यह बदलाव 27 जुलाई 2026 को आयोजित कंपनी के निदेशक मंडल की 492वीं बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर लागू किया गया है। कंपनी ने इसे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

क्या है नया नियम?

संशोधित प्रावधान के अनुसार यदि 1 अप्रैल 2024 या उसके बाद किसी अधिकारी को अनुशासनात्मक, अपीलीय अथवा पुनरीक्षण प्राधिकारी द्वारा 'निंदा (Censure)' की सजा दी जाती है, तो सामान्य मामलों में निर्धारित शर्तों के तहत उसे शुद्ध PRP का 75 प्रतिशत तक भुगतान किया जा सकता है। लेकिन यदि यही 'निंदा' किसी विजिलेंस मामले से संबंधित होगी, तो संबंधित अधिकारी PRP के लिए पूरी तरह अयोग्य माना जाएगा और उसे प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन का कोई लाभ नहीं मिलेगा।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश

Coal India प्रबंधन का मानना है कि केवल बेहतर प्रदर्शन ही पर्याप्त नहीं है। अधिकारी की ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसलिए कंपनी ने विजिलेंस मामलों को गंभीर श्रेणी में रखते हुए आर्थिक प्रोत्साहन से सीधे जोड़ दिया है। प्रबंधन का कहना है कि इससे अधिकारियों में अनुशासन बढ़ेगा, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और कार्य संस्कृति अधिक पारदर्शी बनेगी।

पहले क्या था नियम?

पहले के नियमों में बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने जैसे मामलों में 'निंदा' मिलने पर PRP में राहत सीमित कर दी जाती थी। हालांकि विजिलेंस मामलों के लिए अलग से PRP पूरी तरह समाप्त करने का स्पष्ट प्रावधान नहीं था। अब संशोधन के बाद कंपनी ने विजिलेंस मामलों को अलग श्रेणी में रखते हुए साफ कर दिया है कि ऐसे मामलों में किसी प्रकार का आर्थिक प्रोत्साहन नहीं मिलेगा।

सभी अनुषंगी कंपनियों में लागू होगा आदेश

Coal India ने यह संशोधित आदेश अपनी सभी अनुषंगी और संबद्ध कंपनियों को भेज दिया है। इनमें प्रमुख रूप से— BCCL, CCL, ECL, SECL, NCL, WCL, MCL, CMPDIL शामिल हैं। अब इन सभी इकाइयों में अधिकारियों पर यही नियम लागू होगा।

अधिकारियों के लिए क्यों अहम है फैसला?

Coal India का यह निर्णय केवल वेतन संबंधी संशोधन नहीं माना जा रहा, बल्कि यह प्रशासनिक सुधारों की दिशा में बड़ा कदम है। पहली बार कंपनी ने विजिलेंस मामलों को सीधे PRP से जोड़कर स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार या सतर्कता संबंधी मामलों में दोषी पाए जाने पर केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा।