Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढही, 5 की मौत, मालिक पर FIR

दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई। पुरानी बिल्डिंग, बेसमेंट में पानी और रेनोवेशन को लेकर सवाल उठे हैं। मालिक समेत अन्य के खिलाफ FIR दर्ज है।

Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढही, 5 की मौत, मालिक पर FIR
मलबे में फंसे लोगों का रेस्क्यू जारी।

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     HighLights:

  • हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत, कई घायल
  • इमारत में हॉस्टल और पीजी संचालित होने की जानकारी
  • बिल्डिंग 40-50 साल पुरानी होने का दावा
  • बेसमेंट में पानी जमा होने और खुदाई की बात सामने आई

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। साउथ कैंपस थाना क्षेत्र में एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। जबकि 10 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और एमसीडी की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

पांच लोगों की मौत, कई घायल

जानकारी के मुताबिक हादसे के समय इमारत में छात्र और अन्य लोग मौजूद थे। बताया जा रहा है कि इमारत में पीजी और हॉस्टल संचालित हो रहा था। मृतकों में एक छात्र और एक मजदूर के शामिल होने की बात सामने आई है, जबकि तीन मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी थी। रेस्क्यू टीमों ने कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया। हादसे के बाद आसपास के इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।

40-50 साल पुरानी बताई जा रही थी बिल्डिंग

स्थानीय लोगों और सामने आई जानकारी के अनुसार, जिस इमारत में हादसा हुआ वह करीब 40 से 50 साल पुरानी बताई जा रही है। हादसे को लेकर यह भी दावा किया गया कि पिछले दिनों हुई बारिश के कारण इमारत के बेसमेंट में पानी जमा हो गया था। चश्मदीदों के अनुसार, हादसे के वक्त इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था। बेसमेंट में खुदाई किए जाने की भी बात कही जा रही है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, इसका पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।

बेसमेंट में खुदाई और पानी जमा होने की बात

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार इमारत में रेनोवेशन का काम चल रहा था। बेसमेंट में खुदाई किए जाने की वजह से पिलर प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, चाहे वह बिल्डिंग मालिक हो या कोई अधिकारी, उसे बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, अंतिम रूप से हादसे की वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

बिल्डिंग मालिक समेत अन्य के खिलाफ FIR

दिल्ली पुलिस ने मामले में बिल्डिंग मालिक और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105/290/125(A) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस का आरोप है कि इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर चल रहे रेनोवेशन और निर्माण गतिविधियों से संरचना प्रभावित हुई हो सकती है। एफआईआर दर्ज करने के बाद आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इमारत में निर्माण या रेनोवेशन से संबंधित नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

MCD कार्यालय में प्रदर्शन और तोड़फोड़

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे। बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता सिविक सेंटर स्थित एमसीडी कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक करीब 150 से 200 एबीवीपी छात्र सिविक सेंटर पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने गेट नंबर-5 से परिसर में प्रवेश किया और एमसीडी के कामकाज के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान एमसीडी कार्यालय में कथित तौर पर तोड़फोड़ भी की गई। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि हादसे की जिम्मेदारी तय की जाए और एमसीडी कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई की जाए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई।

सीएम रेखा गुप्ता पहुंचीं अस्पताल

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घटनास्थल का जायजा लेने के बाद एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों से बातचीत कर हादसे में घायल लोगों के इलाज की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी भरोसा दिया।

पीएम मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सत्य निकेतन हादसे पर दुख जताया। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि घटनास्थल पर अधिकारी मौजूद हैं और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

हादसे की जांच से सामने आएगी असली वजह

सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी इमारत अचानक कैसे ढह गई। पुरानी इमारत, बेसमेंट में पानी जमा होना, खुदाई और रेनोवेशन जैसे कई पहलुओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की जांच जारी है। इमारत के निर्माण, उसकी स्थिति, रेनोवेशन की अनुमति और बेसमेंट में चल रही गतिविधियों समेत तमाम बिंदुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की जिम्मेदारी और वास्तविक कारणों की तस्वीर साफ होगी।