'बीसीसीएल है तो धनबाद है': 5 साल का मेगा प्लान, उत्पादन बढ़ेगा, 1100 करोड़ हर साल होंगे निवेश

बीसीसीएल की 55वीं एजीएम में सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने 5 साल का मेगा रोडमैप पेश किया। उत्पादन बढ़ाने, नई वाशरियों, आधुनिक तकनीक, 1100 करोड़ रुपये वार्षिक निवेश और घाटे वाली खदानों को लाभ में लाने की रणनीति पर बड़ा ऐलान किया।

'बीसीसीएल है तो धनबाद है': 5 साल का मेगा प्लान, उत्पादन बढ़ेगा, 1100 करोड़ हर साल होंगे निवेश
बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल का बड़ा एलान।

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  • 5 साल का उत्पादन एवं विकास रोडमैप तैयार, उत्पादन बढ़ाने पर फोकस
  • हर साल करीब 1100 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश करेगी बीसीसीएल
  • मुनीडीह, पाथरडीह और मधुबन वाशरियों का आधुनिकीकरण होगा
  • घाटे में चल रही 10 खदानों को लाभ में लाने की रणनीति तैयार

धनबाद (Threesocieties.com Desk): भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने आने वाले पांच वर्षों के लिए उत्पादन, आधुनिकीकरण और आर्थिक मजबूती का बड़ा रोडमैप तैयार किया है। शुक्रवार को कोयला भवन स्थित मुख्यालय में आयोजित 55वीं वार्षिक आम सभा (AGM) के बाद बीसीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) मनोज कुमार अग्रवाल ने कंपनी की भविष्य की रणनीति का विस्तार से खाका पेश किया। उन्होंने साफ कहा कि "बीसीसीएल है तो धनबाद है और धनबाद है तो बीसीसीएल है।" उनके इस बयान ने कंपनी और धनबाद के आपसी संबंधों को नई दिशा देने का संदेश दिया।

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सीएमडी ने बताया कि बीसीसीएल का पूरा फोकस उत्पादन बढ़ाने, डिस्पैच में सुधार, आधुनिक तकनीक अपनाने, नई वाशरियों के संचालन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और सुरक्षित खनन व्यवस्था पर रहेगा। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि कोयले के बेहतर उपयोग के माध्यम से आय और लाभ दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि करना है।

हर साल 1100 करोड़ रुपये का निवेश

मनोज कुमार अग्रवाल ने घोषणा की कि बीसीसीएल आने वाले वर्षों में हर वर्ष लगभग 1100 करोड़ रुपये का पूंजीगत (कैपिटल) निवेश करेगी। यह निवेश भूमि अधिग्रहण, नई खनन परियोजनाओं, वाशरियों के निर्माण एवं आधुनिकीकरण, भारी मशीनों की खरीद और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर खर्च किया जाएगा। उनका कहना था कि आधुनिक मशीनों और नई तकनीक के प्रयोग से उत्पादन लागत कम होगी और कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।

नई वाशरियों से बढ़ेगी आय और गुणवत्ता

सीएमडी ने बताया कि मुनीडीह, पाथरडीह और मधुबन वाशरियों की क्षमता बढ़ाने के साथ उनका चरणबद्ध आधुनिकीकरण किया जाएगा। इससे उच्च गुणवत्ता वाले कोकिंग कोल का बेहतर उपयोग होगा। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल के पास देश का बेहतरीन कोकिंग कोल उपलब्ध है और आधुनिक तकनीक के जरिए इसका अधिकतम लाभ उठाया जाएगा, जिससे कंपनी की आय और मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

घाटे वाली 10 खदानों को बनाया जाएगा लाभदायक

बीसीसीएल ने अपनी 10 लाभ वाली और 10 घाटे में चल रही परियोजनाओं का विस्तृत अध्ययन शुरू किया है। सीएमडी ने कहा कि घाटे वाली खदानों में मशीनरी, श्रम उपयोग, उत्पादन और लागत का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि उन्हें लाभदायक बनाया जा सके। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

50 प्रतिशत क्षमता पर चल रही विभागीय खदानें

उन्होंने बताया कि विभागीय खदानें अभी अपनी क्षमता का लगभग 50 प्रतिशत ही उपयोग कर पा रही हैं। यदि श्रमिकों का सहयोग मिला और कार्य दक्षता बढ़ी तो उत्पादन में बड़ा इजाफा संभव है। उन्होंने कर्मचारियों से अधिक उत्पादकता के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि इससे कंपनी और कर्मचारियों दोनों को लाभ होगा।

आउटसोर्सिंग कंपनियों पर होगी सख्ती

सीएमडी ने स्पष्ट किया कि जिन आउटसोर्सिंग एजेंसियों का प्रदर्शन अनुबंध के अनुरूप नहीं है, उनकी लगातार समीक्षा की जा रही है। जरूरत पड़ने पर ऐसी कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक हुआ तो उन्हें हटाने का भी निर्णय लिया जाएगा। फंक्शनल डायरेक्टर स्तर पर इन परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

सुरक्षित और वैज्ञानिक खनन पर विशेष जोर

बीसीसीएल भविष्य में पांचवीं सीम तक सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से कोयला उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम करेगी। इसके लिए अत्याधुनिक मशीनों, डिजिटल मॉनिटरिंग, आधुनिक खनन तकनीक और सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी। कंपनी का लक्ष्य विकसित भारत-2047 की परिकल्पना के अनुरूप दीर्घकालिक उत्पादन क्षमता विकसित करना है।

धनबाद की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है बीसीसीएल

मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि बीसीसीएल केवल एक कोयला कंपनी नहीं, बल्कि धनबाद की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कंपनी से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 15 लाख लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। इसलिए बीसीसीएल का मजबूत होना पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास, रोजगार और व्यापार के लिए बेहद जरूरी है।

शेयरधारकों ने पूछे कई सवाल, प्रबंधन ने रखा विजन

55वीं वार्षिक आम सभा में कोयला मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव संजय कुमार झा (आईएएस) और कोल इंडिया के निदेशक (मार्केटिंग) मुकेश चौधरी वर्चुअली शामिल हुए। बैठक में निदेशक (एचआर) मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी/संचालन) संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी-योजना एवं परियोजना) राजीव कुमार सिन्हा, निदेशक (वित्त) राजेश कुमार, मुख्यालय एवं क्षेत्रों के महाप्रबंधक, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में शेयरधारक मौजूद रहे।

एजीएम के दौरान शेयरधारकों ने कंपनी के भविष्य, उत्पादन, लाभ, तकनीक, सुरक्षा, सीएसआर और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े सवाल पूछे, जिनका सीएमडी और प्रबंधन ने विस्तार से जवाब दिया। बीसीसीएल प्रबंधन ने दोहराया कि कंपनी पारदर्शी प्रशासन, सतत विकास और शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।