बाबा बैद्यनाथ से मां कामाख्या अब सिर्फ 2 घंटे दूर, देवघर-गुवाहाटी सीधी फ्लाइट शुरू

देवघर एयरपोर्ट से गुवाहाटी के लिए सीधी विमान सेवा शुरू हो गई है। सप्ताह में दो दिन चलने वाली यह फ्लाइट बाबा बैद्यनाथ धाम को मां कामाख्या मंदिर और पूरे पूर्वोत्तर भारत से जोड़ेगी। जानिए पहली उड़ान, समय, यात्रियों और नई कनेक्टिविटी से होने वाले फायदे।

बाबा बैद्यनाथ से मां कामाख्या अब सिर्फ 2 घंटे दूर, देवघर-गुवाहाटी सीधी फ्लाइट शुरू
देवघर से गुवाहाटी की सीधी उड़ान शुरू।

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  • देवघर-गुवाहाटी के बीच सीधी विमान सेवा का शुभारंभ
  • सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को उड़ान
  • पहली फ्लाइट का वाटर कैनन सलामी से हुआ स्वागत
  • पहले दिन कुल 93 यात्रियों ने नई सेवा का लाभ उठाया

देवघर (Threesocieties.com Desk): झारखंड और पूर्वोत्तर भारत के बीच हवाई संपर्क को नई उड़ान मिल गई है। श्रावणी मेले के शुभ अवसर पर देवघर एयरपोर्ट से गुवाहाटी के लिए सीधी विमान सेवा शुरू हो गई। यह नई सेवा न केवल बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि मां कामाख्या मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा भी अब पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगी।

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नई उड़ान के शुरू होने के साथ ही देवघर एयरपोर्ट का दायरा देश के पूर्वोत्तर हिस्से तक पहुंच गया है। अब देवघर सीधे गुवाहाटी से जुड़ गया है, जिससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलेंगे।

सप्ताह में दो दिन मिलेगी सीधी उड़ान

इंडिगो की यह नई फ्लाइट फिलहाल हर मंगलवार और शुक्रवार संचालित होगी। गुवाहाटी से उड़ान सुबह 9:25 बजे रवाना होकर करीब 11:20 बजे देवघर पहुंची। इसके बाद देवघर से 11:50 बजे गुवाहाटी के लिए पहली उड़ान रवाना हुई। करीब 1000 किलोमीटर की दूरी यह विमान लगभग दो घंटे में पूरी करेगा। फिलहाल इस सेवा का शेड्यूल अक्टूबर तक तय किया गया है, जिसे आगे बढ़ाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

पहली उड़ान का हुआ भव्य स्वागत

पहली बार गुवाहाटी से देवघर पहुंची फ्लाइट का एयरपोर्ट पर वाटर कैनन सलामी देकर स्वागत किया गया। यह किसी नई विमान सेवा के शुभारंभ पर दी जाने वाली पारंपरिक सम्मान प्रक्रिया है। वहीं देवघर से रवाना होने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। दीप प्रज्ज्वलन, केक कटिंग और गुलाब का फूल देकर यात्रियों का स्वागत किया गया। एयरपोर्ट अथॉरिटी और इंडिगो के अधिकारियों ने सभी यात्रियों को शुभकामनाएं दीं।

पहले दिन 93 यात्रियों ने किया सफर

पहली उड़ान से गुवाहाटी से 50 यात्री देवघर पहुंचे, जबकि देवघर से 43 यात्री गुवाहाटी के लिए रवाना हुए। कुल 93 यात्रियों ने पहले ही दिन इस नई सेवा का लाभ उठाया। पहले यात्री धर्मचंद्र जैन अपने पूरे परिवार के साथ गुवाहाटी रवाना हुए। उनके साथ अन्य यात्रियों ने भी नई सेवा की शुरुआत पर खुशी जताई। एयरपोर्ट पर मौजूद एक कांवड़िया का भी प्रतीकात्मक टिकट देकर स्वागत किया गया।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के प्रमुख बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल है, जबकि गुवाहाटी का मां कामाख्या मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है। अब श्रद्धालु कम समय में दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सकेंगे। इससे श्रावणी मेला, शक्ति उपासना और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। सत्संग आश्रम के हजारों अनुयायियों के अलावा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी इस नई सेवा का सीधा लाभ मिलेगा।

पूर्वोत्तर भारत से मजबूत हुआ देवघर का संपर्क

देवघर एयरपोर्ट से पहले केवल दिल्ली की उड़ान उपलब्ध थी। बाद में मुंबई और बेंगलुरु जैसी प्रमुख महानगरों के लिए भी विमान सेवा शुरू हुई। अब गुवाहाटी के जुड़ने से देवघर की एयर कनेक्टिविटी और मजबूत हो गई है। यह सेवा संताल परगना के छह जिलों के अलावा धनबाद, गिरिडीह, भागलपुर, बांका और जमुई के यात्रियों के लिए भी काफी सुविधाजनक साबित होगी।

दक्षिण भारत और विदेश यात्रा भी हुई आसान

देवघर एयरपोर्ट से बेंगलुरु की उड़ान पहले से संचालित है, जिससे दक्षिण भारत में पढ़ाई, नौकरी और इलाज के लिए जाने वाले लोगों को काफी सुविधा मिल रही है। नाइट लैंडिंग सुविधा मिलने के बाद एयरपोर्ट की उपयोगिता और बढ़ गई है। यहां से कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए मालदीव, बाली, थाईलैंड के फुकेट और पोर्ट ब्लेयर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचना भी आसान हो गया है। जैन तीर्थ पारसनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी देवघर एयरपोर्ट सबसे सुविधाजनक विकल्प बनकर उभरा है।

झारखंड के लिए नई उड़ान, नए अवसर

देवघर-गुवाहाटी सीधी विमान सेवा केवल एक नई फ्लाइट नहीं, बल्कि झारखंड के धार्मिक पर्यटन, आर्थिक विकास और पूर्वोत्तर भारत से बढ़ते संपर्क की नई शुरुआत मानी जा रही है। आने वाले समय में यदि यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो इस मार्ग पर उड़ानों की संख्या और आवृत्ति बढ़ने की भी संभावना है। इससे देवघर एयरपोर्ट पूर्वी भारत के प्रमुख क्षेत्रीय हवाई केंद्र के रूप में और मजबूत होकर उभर सकता है।