Mirzapur The Movie का बॉक्स ऑफिस पर भौकाल, 2 दिन में 50 करोड़ पार

Mirzapur The Movie बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। दो दिन में 50 करोड़ पार करने वाली फिल्म की हिट होने की 4 बड़ी वजहें और सीक्वल की आम गलतियां जानिए।

Mirzapur The Movie का बॉक्स ऑफिस पर भौकाल, 2 दिन में 50 करोड़ पार
Mirzapur The Movie ने दूसरे दिन भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाए रखी।

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     HighLights:

  • Mirzapur The Movie में मुन्ना भैया की वापसी ने पुराने फैंस के बीच उत्साह बढ़ाया।
  • कहानी, पुराने किरदारों का भौकाल और थिएटर के हिसाब से एक्शन फिल्म की बड़ी ताकत बने
  • जानिए वे 4 गलतियां, जिनसे अक्सर सीक्वल और फ्रेंचाइजी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर पिट जाती हैं

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): ओटीटी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकी ‘मिर्जापुर’ फ्रेंचाइजी ने अब बड़े पर्दे पर भी अपना भौकाल दिखाना शुरू कर दिया है। लंबे इंतजार के बाद Mirzapur The Movie 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और पहले ही दिन से दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज देखने को मिला।

फिल्म ने रिलीज के पहले दिन ही मजबूत शुरुआत करते हुए करीब 25.75 करोड़ रुपये का कारोबार किया। दूसरे दिन भी इसकी रफ्तार कम नहीं हुई। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 16 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है। दो दिनों में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 50 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है और रविवार को भी इसके कलेक्शन में उछाल की उम्मीद जताई जा रही है।

दूसरे दिन भी बरकरार रहा ‘मिर्जापुर’ का भौकाल

गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लेकर रिलीज से पहले ही जबरदस्त बज बना हुआ था। फिल्म ने पहले दिन 11 हजार से ज्यादा शोज के साथ बॉक्स ऑफिस पर दस्तक दी। शनिवार को भी करीब 9,500 से ज्यादा शोज के जरिए फिल्म ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार दूसरे दिन फिल्म का घरेलू नेट कलेक्शन 16.79 करोड़ रुपये के आसपास रहा है। हालांकि ये शुरुआती आंकड़े हैं और अंतिम कलेक्शन में बदलाव संभव है। दो दिनों के कलेक्शन को देखें तो फिल्म ने 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। अब निगाहें रविवार के कलेक्शन पर टिकी हैं।

सबसे बड़ा सरप्राइज- मुन्ना भैया की वापसी

‘मिर्जापुर’ के सबसे लोकप्रिय किरदारों में मुन्ना भैया यानी दिव्येंदु का नाम सबसे ऊपर आता है। सीरीज के तीसरे सीजन में मुन्ना भैया की गैरमौजूदगी फैंस को खली थी। ऐसे में फिल्म में उनकी वापसी ने दर्शकों के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया। मुन्ना भैया की वापसी को फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी में से एक माना जा रहा है। पुराने दर्शकों के लिए यह किरदार नॉस्टैल्जिया लेकर आया, जबकि फ्रेंचाइजी से जुड़े दर्शकों को एक बार फिर वही पुराना ‘मिर्जापुर’ वाला अंदाज देखने को मिला। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, विजय वर्मा, श्वेता त्रिपाठी, रसिका दुग्गल, रवि किशन समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं।

आखिर क्यों हिट हो रही है Mirzapur The Movie?

किसी सफल वेब सीरीज को फिल्म में बदलना आसान नहीं होता। ओटीटी पर जिस कंटेंट को दर्शक पसंद करते हैं, उसे बड़े पर्दे पर उसी अंदाज में पेश करना चुनौतीपूर्ण होता है। ‘मिर्जापुर’ के मामले में मेकर्स ने कुछ अहम बातों का ध्यान रखा है।

1. फैंस के पसंदीदा किरदार और वही पुराना भौकाल

सीक्वल या स्पिन-ऑफ की सबसे बड़ी गलती तब होती है, जब मेकर्स पिछली सफलता के मूल कारण को ही बदल देते हैं। दर्शक जिस किरदार, माहौल और टोन के लिए फ्रेंचाइजी से जुड़ते हैं, अगर वही गायब हो जाए तो कनेक्शन कमजोर पड़ जाता है। ‘मिर्जापुर’ के मेकर्स ने इस गलती से बचने की कोशिश की। पुराने लोकप्रिय किरदारों और फ्रेंचाइजी के खास अंदाज को बरकरार रखते हुए कहानी को आगे बढ़ाया गया।

2. सिर्फ पुरानी कहानी को खींचने की कोशिश नहीं

किसी वेब सीरीज की लोकप्रियता को भुनाने के लिए उसकी पुरानी कहानी को ही बड़े पर्दे पर खींच देना उल्टा पड़ सकता है। फिल्म के लिए जरूरी था कि पुराने दर्शकों को परिचित दुनिया मिले, लेकिन कहानी में ऐसा नया मसाला भी हो जिससे थिएटर में आए दर्शकों को कुछ नया देखने का अनुभव मिले। यही संतुलन Mirzapur The Movie की अहम ताकत बनकर सामने आया है।

3. OTT वाला कंटेंट नहीं, थिएटर वाला अनुभव

ओटीटी और थिएटर की ऑडियंस की उम्मीदों में बड़ा फर्क होता है। ओटीटी पर दर्शक लंबी कहानी, विस्तृत सीन और धीमी गति को भी स्वीकार कर सकते हैं, लेकिन बड़े पर्दे पर फिल्म को ज्यादा सिनेमाई अनुभव देना पड़ता है। ‘मिर्जापुर’ के फिल्म वर्जन में एक्शन, बैकग्राउंड स्कोर, चेज सीक्वेंस और सीटीमार मोमेंट्स पर जोर दिया गया है। यानी सीरीज की दुनिया को सिर्फ बड़े पर्दे पर कॉपी करने के बजाय उसे थिएटर के हिसाब से पेश करने की कोशिश की गई।

4. सिर्फ ब्रांड नेम के भरोसे नहीं बैठना

किसी बड़ी फ्रेंचाइजी का नाम शुरुआती भीड़ तो जुटा सकता है, लेकिन लंबे समय तक फिल्म को चलाने के लिए कंटेंट मजबूत होना जरूरी है। सीक्वल के फ्लॉप होने की बड़ी वजह यही होती है कि मेकर्स यह मान लेते हैं कि लोकप्रिय ब्रांड के नाम पर दर्शक हर चीज स्वीकार कर लेंगे। लेकिन आज की ऑडियंस कहानी और मनोरंजन दोनों को लेकर काफी सजग है। ‘मिर्जापुर’ की टीम ने अपने लोकप्रिय ब्रांड की ताकत का इस्तेमाल जरूर किया, लेकिन फिल्म को सिर्फ नाम के भरोसे छोड़ने के बजाय उसके कंटेंट और बड़े पर्दे के अनुभव पर भी ध्यान दिया।

इन्हीं गलतियों की वजह से पिट जाते हैं सीक्वल

किसी सफल फिल्म या सीरीज का अगला पार्ट बनाना अपने आप में सफलता की गारंटी नहीं है। कई बार पहली फिल्म की सफलता ही दूसरे पार्ट के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है।

पहली गलती- पसंदीदा चीजों को बदल देना: नया करने की कोशिश में अगर मेकर्स वही चीज हटा दें, जिसने पहली फिल्म को लोकप्रिय बनाया था, तो दर्शक निराश हो सकते हैं।

दूसरी गलती- कहानी को जबरन खींचना: पुरानी कहानी को बिना मजबूत वजह के आगे बढ़ाने से कंटेंट कमजोर महसूस हो सकता है।

तीसरी गलती- प्लेटफॉर्म का फर्क भूल जाना: ओटीटी के लिए बनी कहानी को बिना सिनेमाई बदलाव के थिएटर में उतारना दर्शकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सकता।

चौथी गलती- सिर्फ ब्रांड पर भरोसा: लोकप्रिय नाम शुरुआती कलेक्शन दिला सकता है, लेकिन फिल्म को हिट कराने के लिए मजबूत कहानी, किरदार और मनोरंजन जरूरी हैं।

रविवार पर टिकी निगाहें

दो दिनों के मजबूत प्रदर्शन के बाद अब Mirzapur The Movie के रविवार कलेक्शन पर सबकी नजर है। फिल्म को लेकर पहले से बने जबरदस्त माहौल और वीकेंड ऑडियंस को देखते हुए कलेक्शन में और तेजी आने की उम्मीद है। अगर फिल्म रविवार को भी इसी तरह प्रदर्शन करती है तो पहले वीकेंड के अंत तक इसका बॉक्स ऑफिस आंकड़ा फ्रेंचाइजी के लिए बड़ी कामयाबी का संकेत दे सकता है।