धनबाद: जनता दरबार में जमीन विवाद से बिजली बिल तक गूंजी फरियाद, DC बोले- हर समस्या का होगा समाधान
धनबाद में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त आदित्य रंजन ने जिलेभर से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं। जमीन विवाद, बिजली बिल, मुआवजा, छात्रवृत्ति और पुनर्वास समेत कई मामलों पर जल्द समाधान का भरोसा दिया गया।
- जिले के विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे फरियादी
- जमीन विवाद, बिजली बिल, छात्रवृत्ति और मुआवजा से जुड़े आवेदन मिले
- उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा- समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता
- जनता दरबार में राजगंज से निरसा तक के लोगों ने रखीं अपनी बातें
धनबाद (Threesocieties.com Desk): जिले के लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके त्वरित समाधान के उद्देश्य से मंगलवार को समाहरणालय परिसर में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार की अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन ने की। इस दौरान जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।
यह भी पढ़ें: बोकारो: दलित महिला हत्याकांड पर बवाल: सड़क जाम आंदोलन में पहुंचे ढुलू-जयराम पर FIR, 200 अज्ञात भी आरोपी
जनता दरबार में पहुंचे लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए उपायुक्त ने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक आवेदन की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और प्रशासन विधि सम्मत हर संभव सहायता प्रदान करेगा।
जनता दरबार में राजगंज, बाघमारा, भूली, पाथरडीह, जामताड़ा, बैंक मोड़, तोपचांची, बरवाअड्डा, निरसा, गोविंदपुर, बेलगढ़िया, सिजुआ, टुंडी, केंदुआडीह सहित जिले के कई क्षेत्रों से लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे।इस दौरान रैयती जमीन पर कब्जा और हड़पने के आरोप, बिजली बिल माफी, होमगार्ड बहाली, छात्रवृत्ति भुगतान, मानदेय, मुआवजा नहीं मिलने, म्यूटेशन, ई-कल्याण, पुनर्वास और अतिक्रमण हटाने जैसी कई समस्याओं से जुड़े आवेदन प्रशासन को सौंपे गए।
जनता दरबार में आए फरियादियों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की, वहीं उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।प्रशासन का मानना है कि जनता दरबार जैसे कार्यक्रम आम लोगों और प्रशासन के बीच संवाद का मजबूत माध्यम बन रहे हैं, जिससे लोगों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर तेजी से किया जा सकता है।






