दिल्ली के जंतर-मंतर पर गूंजा 'भरत को न्याय दो', कथित एनकाउंटर मामले की CBI जांच की मांग तेज

सुप्रीम कोर्ट ने 9 साल से अधिक समय से हत्या के मामले में जेल में बंद आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि मुकदमे में असाधारण देरी संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत त्वरित सुनवाई और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है। अदालत ने कहा कि "जमानत नियम है, जेल अपवाद।"

दिल्ली के जंतर-मंतर पर गूंजा 'भरत को न्याय दो', कथित एनकाउंटर मामले की CBI जांच की मांग तेज
दिल्ली में भरत तिवारी के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन, CBI जांच की मांग।

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     HighLights:

  • 9 साल 2 महीने से हत्या के मामले में जेल में बंद था आरोपी
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ट्रायल में असाधारण देरी न्यायिक अंतरात्मा को झकझोरने वाली
  • केवल 30 में से 12 गवाहों की ही हो सकी गवाही
  • अदालत ने कहा- त्वरित सुनवाई अनुच्छेद-21 के तहत मौलिक अधिकार
  • "जमानत नियम है और जेल अपवाद" सिद्धांत को दोहराया
  • ट्रायल कोर्ट जमानत की शर्तें तय करेगा

नई दिल्ली/आरा(Threesocieties.com Desk):  भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर भरत तिवारी को न्याय दिलाने और कथित फर्जी पुलिस एनकाउंटर की CBI जांच कराने की मांग को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में बिहार सहित कई राज्यों से आए लोगों ने हिस्सा लिया और पूरे जंतर-मंतर पर "भरत को न्याय दो" तथा "दोषियों को सजा दो" जैसे नारों की गूंज सुनाई दी।

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दोपहर एक बजे से शुरू हुआ यह प्रदर्शन शाम करीब पांच बजे तक चला। आयोजकों का दावा है कि हजारों लोग इस आंदोलन में शामिल हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व पंकज त्रिपाठी और सरोज त्रिपाठी ने किया, जबकि भरत तिवारी की मां आशा देवी, बहन रूबी देवी और छोटे भाई चंदन तिवारी भी मंच पर मौजूद रहे।

परिवार ने न्याय की लगाई गुहार

धरना स्थल पर मौजूद भरत तिवारी के परिजनों ने कहा कि उन्हें अब भी न्याय का इंतजार है। परिवार का आरोप है कि भरत भूषण तिवारी की मौत को पुलिस एनकाउंटर का रूप दिया गया, जबकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आ सकती है। उन्होंने मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी, विशेष रूप से CBI, से कराने की मांग दोहराई।

कई संगठनों ने दिया समर्थन

धरना-प्रदर्शन में करणी सेना, काली सेना, हिन्दू महासभा, परशुराम सेना, राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा समेत कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आएगी। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भरत भूषण तिवारी गरीबों के अधिकारों और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते थे। उनका आरोप है कि इसी वजह से एक सुनियोजित साजिश के तहत उनकी हत्या कर उसे पुलिस एनकाउंटर का स्वरूप दे दिया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

स्वामी आनंद स्वरूप ने उठाई कड़ी कार्रवाई की मांग

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि यह पुलिस एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या का मामला है, तो इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सबसे कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

पूर्व IPS और नेताओं ने भी उठाई CBI जांच की मांग

धरना-प्रदर्शन में सेवानिवृत्त IPS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, पूर्व विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, नागेश सम्राट, दक्ष चौधरी, दीपक पंडित, हरियाणा के कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स, रमेश कुमार सुदामा तथा जन सुराज के नेता मनीष कश्यप सहित कई वक्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताते हुए CBI जांच की मांग दोहराई। वक्ताओं का कहना था कि मामले की सच्चाई सामने लाने और लोगों का भरोसा कायम रखने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।

53 लाख हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन सौंपने का दावा

स्वजन के अनुसार, शुक्रवार सुबह से ही देश के विभिन्न राज्यों से लोग जंतर-मंतर पहुंचने लगे थे। प्रदर्शन के समापन पर राष्ट्रपति भवन कार्यालय को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें भरत तिवारी मामले की CBI जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। परिवार का दावा है कि इस ज्ञापन के साथ 53 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए हैं। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

मामला अब राष्ट्रीय बहस का विषय

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन के बाद भरत भूषण तिवारी का मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। आंदोलनकारी निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं, मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित एजेंसियों या पुलिस की ओर से इस खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।