धनबाद: जनता दरबार में दिखी संवेदनशील प्रशासन की तस्वीर: DC ने बच्ची को तुरंत दिलाई कान की मशीन

धनबाद जनता दरबार में उपायुक्त आदित्य रंजन की संवेदनशील पहल देखने को मिली। श्रवण समस्या से जूझ रही बच्ची को मौके पर ही कान की मशीन उपलब्ध कराई गई। साथ ही दिव्यांग प्रमाण पत्र और पेंशन प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया गया।

धनबाद: जनता दरबार में दिखी संवेदनशील प्रशासन की तस्वीर: DC ने बच्ची को तुरंत दिलाई कान की मशीन
जनता दरबार में DC की मानवीय पहल।
  • जनता दरबार में श्रवण समस्या से जूझ रही बच्ची को मिली मदद
  • आर्थिक परेशानी के कारण परिवार नहीं खरीद पा रहा था मशीन
  • उपायुक्त के निर्देश पर मौके पर उपलब्ध कराई गई कान की मशीन
  • दिव्यांग प्रमाण पत्र और पेंशन प्रक्रिया शुरू करने का भी निर्देश
  • DC बोले— जरूरतमंदों तक समय पर पहुंचे योजनाओं का लाभ

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में सोमवार को संवेदनशील प्रशासन की एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने यह संदेश दिया कि प्रशासनिक व्यवस्था केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंदों तक तत्काल राहत पहुंचाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार के दौरान श्रवण समस्या से जूझ रही एक बच्ची को मौके पर ही कान की मशीन उपलब्ध कराई गई।

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जनता दरबार में तेतुलमारी थाना क्षेत्र के सिजुआ पोस्ट निवासी प्रीति कुमारी अपने परिजनों के साथ पहुंची थी। परिजनों ने उपायुक्त को बताया कि बच्ची लंबे समय से श्रवण संबंधी समस्या से जूझ रही है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिवार उसके लिए कान की मशीन खरीद पाने में असमर्थ है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने तुरंत जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। प्रशासन ने त्वरित पहल करते हुए मौके पर ही बच्ची को कान की मशीन उपलब्ध करा दी। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से बच्ची और उसके परिजनों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।

कान की मशीन मिलने के बाद परिवार ने जिला प्रशासन और उपायुक्त के प्रति आभार जताया। वहीं उपायुक्त ने केवल मशीन उपलब्ध कराने तक ही सीमित नहीं रहते हुए बच्ची के दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके अलावा दिव्यांग पेंशन से जोड़ने के लिए सामाजिक सुरक्षा कोषांग को भी निर्देशित किया गया।

उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरतमंद और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों, बच्चों और अन्य संवेदनशील वर्गों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि दिव्यांगजनों से संबंधित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सहायता और योजनाओं से वंचित न रह जाए। जनता दरबार में हुई इस पहल को स्थानीय लोगों ने प्रशासन की मानवीय सोच और संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण बताया।