केंद्रीय एजेंसियों में IPS अधिकारियों की भारी कमी, डीजी से लेकर एसपी रैंक तक अफसरों की जरूरत

केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में CBI, IB, NIA, BSF और CRPF समेत कई केंद्रीय एजेंसियों में IPS अधिकारियों के भारी पैमाने पर खाली पदों का खुलासा हुआ है। झारखंड कैडर के IPS अधिकारियों के लिए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने का बड़ा मौका बना है। SP से लेकर DG स्तर तक वैकेंसी मौजूद हैं।

केंद्रीय एजेंसियों में IPS अधिकारियों की भारी कमी, डीजी से लेकर एसपी रैंक तक अफसरों की जरूरत
दिल्ली में IPS अफसरों की डिमांड बढ़ी।
  • झारखंड कैडर के IPS के लिए केंद्र में बड़ा मौका
  • केंद्र में पोस्टिंग का गोल्डन चांस
  • CBI-IB में सबसे ज्यादा खाली पद

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारियों के लिए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने का यह सबसे बड़ा अवसर माना जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट में देश की प्रमुख सुरक्षा, जांच और खुफिया एजेंसियों में आईपीएस अधिकारियों के बड़े पैमाने पर खाली पदों का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय पुलिस संगठनों (CPOs) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में डीजी से लेकर एसपी स्तर तक कई अहम पद रिक्त हैं।

यह भी पढ़ें: गुजरात के समुद्र में ‘ड्रग्स सिंडिकेट’ पर वार! 1150 करोड़ की कोकीन के साथ कंटेनर जहाज पकड़ा

सबसे ज्यादा चिंता की स्थिति केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और खुफिया ब्यूरो (IB) में देखी जा रही है, जहां जमीनी स्तर पर नेतृत्व संभालने वाले एसपी और डीआईजी रैंक के अधिकारियों की भारी कमी सामने आई है। ऐसे में झारखंड कैडर के युवा और अनुभवी आईपीएस अधिकारियों के लिए केंद्र में सेवा देने का रास्ता खुल गया है।

CBI में सबसे बड़ा संकट, SP स्तर पर आधे से ज्यादा पद खाली

देश की प्रमुख जांच एजेंसी CBI में आईपीएस अधिकारियों की भारी कमी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार एसपी स्तर पर स्वीकृत 78 पदों में से 45 पद खाली पड़े हैं। यानी आधे से ज्यादा पद रिक्त हैं। इसके अलावा आईजी स्तर पर 18 स्वीकृत पदों में से तीन पद खाली हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में राज्यों से अधिक संख्या में आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुलाया जा सकता है।

IB में भी अफसरों की भारी कमी

देश की आंतरिक सुरक्षा संभालने वाली खुफिया एजेंसी IB भी अधिकारियों की कमी से जूझ रही है। यहां डीआईजी स्तर पर 63 स्वीकृत पदों में से 35 पद खाली हैं। वहीं एसपी स्तर पर 83 स्वीकृत पदों में से 44 पद रिक्त हैं। यह आंकड़ा बताता है कि देश की सबसे संवेदनशील खुफिया एजेंसी में भी अनुभवी आईपीएस अधिकारियों की भारी जरूरत बनी हुई है।

BSF, CRPF और NIA में भी वैकेंसी

सीमा सुरक्षा बल (BSF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में भी कई महत्वपूर्ण पद खाली हैं।

BSF में आईजी स्तर के 22 पदों में से 6 रिक्त
BSF में डीआईजी स्तर के 26 पदों में से 2 खाली
CRPF में आईजी स्तर के 23 पदों में से 4 खाली

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में भी स्थिति गंभीर है। यहां आईजी स्तर के 9 पदों में से 4 और एसपी स्तर के 39 पदों में से 13 पद खाली हैं।

IPS ट्रेनिंग देने वाली संस्था में भी कमी

हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (NPA), जहां देशभर के आईपीएस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है, वहां भी अधिकारियों की कमी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार एनपीए में आईजी स्तर के दोनों पद खाली हैं, जबकि एसपी स्तर के 14 पदों में से 5 रिक्त पड़े हैं।

रैंकवार रिक्तियों की स्थिति

बीपीआरएंडडी में डीजी का 1 पद खाली
स्पेशल डीजी स्तर के सभी पद भरे हुए
आईटीबीपी में एडीजी का 1 पद रिक्त
आईजी स्तर पर BSF, NIA और CRPF में सबसे ज्यादा खाली पद
डीआईजी स्तर पर IB में 35 और CISF में 7 पद रिक्त

केंद्र में पोस्टिंग के लिए बदले नियम

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वरिष्ठ केंद्रीय पदों पर नियुक्ति के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब आईजी जैसे वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति के लिए एसपी या डीआईजी स्तर पर कम से कम दो साल का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति अनुभव जरूरी होगा। यह नियम 2011 बैच के आईपीएस अधिकारियों से लागू किया जाएगा। इससे साफ है कि आने वाले वर्षों में केंद्रीय अनुभव रखने वाले अधिकारियों को प्राथमिकता मिलेगी।

झारखंड कैडर के ये IPS फिलहाल केंद्र में तैनात

वर्तमान में झारखंड कैडर के कई आईपीएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे हैं। इनमें नवीन कुमार सिंह, बलजीत सिंह, आशीष बत्रा, साकेत कुमार सिंह, कुलदीप द्विवेदी, अभिषेक, अनूप टी मैथयू, अनीश गुप्ता, एम तमिल वानन, पी मुरुगन, जया रॉय, शिवानी तिवारी, अखिलेश वॉरियर, अंशुमन कुमार, हरि लाल चौहान, प्रियंका मीणा, सुभाष चंद्र जाट, आर रामकुमार, विनीत कुमार, के विजय शंकर और शुभांशु जैन शामिल हैं।

झारखंड के अफसरों के लिए क्यों अहम है यह मौका?

विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति अब केवल प्रतिष्ठा का विषय नहीं रह गया है, बल्कि भविष्य में वरिष्ठ पदों पर प्रमोशन और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए यह अनिवार्य अनुभव बनता जा रहा है। ऐसे में झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारियों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्र में खाली पड़े पद जहां अवसर पैदा कर रहे हैं, वहीं नए नियम अधिकारियों को जल्द केंद्रीय अनुभव लेने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं।