रंजय सिंह हत्याकांड धनबाद : 'मामा' को सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत, जमानत याचिका वापस

धनबाद के चर्चित रंजय सिंह हत्याकांड में आरोपी नंदकुमार सिंह उर्फ मामा को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। जमानत याचिका वापस लेने के बाद अदालत ने इसे खारिज कर दिया। जानिए 2017 के इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की पूरी कहानी।

रंजय सिंह हत्याकांड धनबाद : 'मामा' को सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत, जमानत याचिका वापस
हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट से भी झटका।

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     HighLights:

  • सुप्रीम कोर्ट में नंदकुमार सिंह उर्फ 'मामा' की जमानत याचिका वापस ली गई
  • झारखंड हाईकोर्ट पहले ही जमानत देने से कर चुका है इनकार
  • 29 जनवरी 2017 को बिग बाजार के पास हुई थी रंजय सिंह की हत्या
  • 8 अगस्त 2018 से जेल में बंद हैं नंदकुमार सिंह उर्फ मामा

धनबाद (Threesocieties.com Desk):  धनबाद के बहुचर्चित रंजय सिंह उर्फ रवि रंजन सिंह हत्याकांड में मुख्य आरोपियों में शामिल नंदकुमार सिंह उर्फ 'मामा' को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिल सकी। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल उनकी जमानत याचिका सुनवाई के दौरान वापस ले ली गई, जिसके बाद अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया। इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट भी उन्हें जमानत देने से इनकार कर चुका था।

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जानकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया। इसके साथ ही फिलहाल नंदकुमार सिंह उर्फ मामा की जेल से रिहाई की संभावना समाप्त हो गई है। सूचक की ओर से मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता जावेद ने बताया कि सुनवाई के दौरान नंदकुमार सिंह उर्फ मामा के अधिवक्ता ने जमानत अर्जी वापस लेने की प्रार्थना अदालत से की, जिसे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर की खंडपीठ ने स्वीकार करते हुए जमानत अर्जी को वापस लिए जाने के कारण खारिज कर दी।

2017 में हुई थी सनसनीखेज हत्या

धनबाद के मेयर संजीव सिंह के करीबी माने जाने वाले रंजय सिंह उर्फ रवि रंजन सिंह की हत्या बिग बाजार के सामने चाणक्य नगर मोड़ पर 29 जनवरी 2017 के संध्या करीब 5:30 बजे रामेश्वर तिवारी के घर के समीप गोलियों से भून कर कर दी गई थी। घटना के समय रंजय सिंह के साथ स्कूटी पर राजा यादव भी सवार था, जिसने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वर्तमान में यह मामला धनबाद के एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेशचंद्र अवस्थी की अदालत में बचाव पक्ष के बहस के लिए लंबित है।

2018 से जेल में बंद है 'मामा', चार्जशीट में शूटर बताया गया

तत्कालीन झरिया विधायक संजीव सिंह के करीबी रंजय सिंह की हत्या ने  पूरे कोयलांचल में सनसनी फैला दी थी। रंजय सिंह झरिया वाटर बोर्ड कॉलोनी के निवासी थे। घटना के बाद पुलिस ने हमलावरों का राजा के माध्यम से स्केच भी बनवाया था। पुलिस ने जेल में भी परेड कराई थीइस मामले में एक आरोपी नंद कुमार उर्फ मामा वर्ष 2018 से ही न्यायिक हिरासत में जेल में बंद नंद कुमार सिंह उर्फ मामा की पहचान टीआईपी परेड (पहचान परेड) में चश्मदीद गवाह राजा यादव ने 12 कैदियों के बीच की थी। दूसरे स्केच जिसकी पहचान चंदन शर्मा के रूप में हुई थी, पुलिस नौ ‍वर्षों में चंदन शर्मा को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

आरोप है कि हर्ष सिंह के साथ रंजय सिंह की सड़क पर गाड़ी पास लेने को लेकर विवाद हुआ था। जिसके बाद इस हत्याकांड की साजिश रची गई। गवाहों के बयान व पुलिस अनुसंधान में झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के देवर हर्ष सिंह का नाम साजिशकर्ता और जेल में बंद नंदकुमार उर्फ मामा का नाम शूटर के रूप में आया था। हर्ष सिंह को पुलिस गिरफ्ताार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजी थी।  मामले में हर्ष सिंह अभी जमानत पर बााहर हैं। तत्कालीन सरायढेला थाना प्रभारी निरंजन तिवारी ने 5 नवंबर 2018 को अदालत में दाखिल चार्जशीट में नंदकुमार सिंह उर्फ मामा को हत्या का शूटर बताया था।  जबकी चंदन शर्मा, हरेंद्र सिंह के विरुद्ध अनुसंधान जारी रखा है।

मामा को हाईकोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत

सुप्रीम कोर्ट जाने से पहले आरोपी ने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत की गुहार लगाई थी, लेकिन 16 फरवरी को अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया, जहां भी कोई राहत नहीं मिली।

धनबाद के चर्चित मामलों में शामिल है यह केस

रंजय सिंह हत्याकांड धनबाद के चर्चित आपराधिक मामलों में गिना जाता है। हत्या के समय इस घटना ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी काफी चर्चा बटोरी थी। अब सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका वापस लिए जाने के बाद एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में आ गया है।