'Once a Nobelian, Always a Nobelian': बेंगलुरु में भावनाओं से सराबोर रहा ANAA-TG चैप्टर 6.0 का भव्य पुनर्मिलन

बेंगलुरु में ANAA-TG चैप्टर 6.0 का पुनर्मिलन समारोह भावनात्मक और यादगार रहा। डी नोबिली स्कूल्स के सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं 1973 से 2020 बैच के पूर्व छात्रों ने स्कूल सॉन्ग, सम्मान समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पुरानी यादें ताजा कीं।

'Once a Nobelian, Always a Nobelian': बेंगलुरु में भावनाओं से सराबोर रहा ANAA-TG चैप्टर 6.0 का भव्य पुनर्मिलन
1973 से 2020 बैच तक के नोबिलियन्स का महाकुंभ।

Advertisement

      HighLights:

  • बेंगलुरु में ANAA-TG चैप्टर 6.0 का पुनर्मिलन समारोह भव्य और यादगार रहा
  • डी नोबिली स्कूल्स के पांच सेवानिवृत्त शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति बनी आकर्षण का केंद्र
  • 1973 से 2020 बैच तक के पूर्व छात्र एक मंच पर आए
  • स्कूल सॉन्ग और मॉर्निंग प्रेयर ने ताजा कर दीं छात्र जीवन की यादें

बेंगलुरु (Threesocieties.com Desk): ऑल नोबिलियन्स अचीवर्स एसोसिएशन – द ग्लोबल (ANAA-TG) के बेंगलुरु चैप्टर 6.0 का पुनर्मिलन समारोह भावनाओं, सम्मान और पुरानी यादों का अनूठा संगम बन गया। वर्षों बाद एक-दूसरे से मिले पूर्व छात्रों ने न केवल अपनी दोस्ती को फिर से जीवंत किया, बल्कि अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और गुरु-शिष्य परंपरा को भी नई ऊंचाई प्रदान की। कार्यक्रम में डी नोबिली स्कूल्स के पांच सेवानिवृत्त शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया।

यह भी पढ़ें: रंजय सिंह हत्याकांड धनबाद : 'मामा' को सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत, जमानत याचिका वापस

शिक्षकों ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि उनके विद्यार्थी वर्षों बाद भी उन्हें उसी सम्मान और आत्मीयता के साथ याद कर रहे हैं। उन्होंने सभी पूर्व छात्रों को जीवन में निरंतर सफलता, स्वस्थ जीवन और उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया। शिक्षकों के उद्बोधन ने कई पूर्व छात्रों को भावुक कर दिया और पूरे सभागार में आत्मीयता का वातावरण बन गया।

कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण और स्वागत से हुई। इसके बाद डी नोबिली स्कूल्स की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप सभी पूर्व छात्रों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से स्कूल सॉन्ग तथा मॉर्निंग प्रेयर गाकर अपने छात्र जीवन की मधुर स्मृतियों को फिर से जीवंत किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ।

इसके बाद शिक्षकों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहां उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके योगदान को नमन किया गया। शिक्षकों के प्रेरणादायी संबोधन के साथ-साथ पूर्व छात्रों ने भी अपने विद्यालयीन अनुभव साझा किए। लंबे समय बाद मिले सहपाठियों ने अपने छात्र जीवन के रोचक संस्मरण सुनाए, जिससे पूरा माहौल हंसी और भावुक पलों से भर उठा।

आयोजन में मनोरंजक खेल, संगीत, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक रात्रिभोज के साथ हुआ, जहां सभी ने एक-दूसरे के साथ पुराने रिश्तों को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

इस सफल आयोजन की रूपरेखा तैयार करने और उसे शानदार ढंग से संपन्न कराने में एएनएए-टीजी के संस्थापक सदस्य मयंक सिंह के साथ शामिया आफताब, सोनल चटर्जी, चिरंजीव भाया, श्रुति सुमन, सुधीर ब्रह्मा, विनता कुमारी और अरुणिमा चक्रवर्ती सहित पूरी कोर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सदस्यों की सूक्ष्म योजना, समर्पण और उत्कृष्ट टीमवर्क ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।

समारोह में वर्ष 1973 से 2020 बैच तक के वरिष्ठ और युवा पूर्व छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उपस्थित प्रमुख पूर्व छात्रों में किशोर चौधरी, मोरिन मोसेस चतुर्वेदी, तन्वी सिन्हा, साकेत सिन्हा, कौशिक मित्तल, सिद्धार्थ रॉय, दिव्यांशु प्रसाद, सौम्या और निखिल कुमार अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में नोबिलियन्स शामिल रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने भविष्य में ऐसे आयोजनों को और अधिक व्यापक स्वरूप देने का संकल्प लिया। पूरे समारोह के दौरान "Once a Nobelian, Always a Nobelian" का संदेश हर प्रतिभागी के उत्साह और अपनत्व में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह पुनर्मिलन केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि डी नोबिली परिवार की एकजुटता, गुरु-शिष्य परंपरा और आजीवन मित्रता का जीवंत उत्सव बनकर सभी की यादों में बस गया।