झारखंड में इलिगल माइनिंग पर ब्रेक:हेमंत सरकार का एक्शन मोड, कोयला-बालू पर सख्ती, गोल्ड उत्पादन बढ़ाने का आदेश

झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खान एवं भू-तत्व विभाग की समीक्षा बैठक में अवैध खनन, कोयला-बालू माफिया, गोल्ड माइंस, बंद खदानों और पन्ना ब्लॉकों को लेकर बड़े निर्देश दिए। 300 बालू घाटों को जल्द शुरू करने और उत्पादन बढ़ाने पर जोर।

झारखंड में इलिगल माइनिंग पर ब्रेक:हेमंत सरकार का एक्शन मोड, कोयला-बालू पर सख्ती, गोल्ड उत्पादन बढ़ाने का आदेश
कोयला-बालू माफिया पर चलेगा डंडा।
  • 300 नीलाम बालू घाटों को जल्द संचालित करने का आदेश
  • कोयला-बालू माफिया, अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई होगी
  • बंद खदानों को शुरू कराने या लीज रद्द कर दोबारा नीलामी की तैयारी
  • पन्ना (इमराल्ड) ब्लॉकों के संरक्षण और खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर

रांची (Threesocieties.com Desk) : झारखंड में अवैध खनन, कोयला-बालू माफियाओं और बंद पड़ी खदानों पर अब सरकार सख्त नजर आ रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में खान एवं भू-तत्व तथा भवन निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अवैध खनन को हर हाल में रोका जाए और राज्य के खनिज संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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बैठक में मुख्यमंत्री ने सोने की खदानों से उत्पादन बढ़ाने, बालू घाटों को शीघ्र चालू कराने, बंद खदानों की समीक्षा, पन्ना (इमराल्ड) ब्लॉकों के संरक्षण तथा अवैध खनन के खिलाफ तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया।

गोल्ड माइंस पर फोकस, उत्पादन बढ़ाने का आदेश

मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित सात स्वर्ण खदानों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वर्तमान में हो रहे लगभग 20 किलोग्राम सोना उत्पादन को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि झारखंड में स्वर्ण भंडार की संभावनाएं काफी महत्वपूर्ण हैं और वैज्ञानिक तथा योजनाबद्ध तरीके से इस क्षेत्र को विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोल्ड माइंस के संचालन में आ रही बाधाओं की पहचान कर उनका समाधान करें, ताकि निवेश बढ़े और उत्पादन क्षमता मजबूत हो सके।

बंद खदानें चालू हों या लीज रद्द की जाए

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उन खदानों पर भी चिंता जताई जिनमें लंबे समय से उत्पादन बंद है। उन्होंने कहा कि बंद पड़ी खदानों को दोबारा शुरू कराने के लिए प्रयास किए जाएं, अन्यथा उनकी लीज निरस्त कर पुनः नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन खनिज ब्लॉकों की नीलामी हो चुकी है लेकिन वर्षों से काम शुरू नहीं हुआ है, उनकी समीक्षा कर दोबारा राजस्व आकलन के बाद पुनः ऑक्शन किया जाए।

बालू माफियाओं और अवैध खनन पर होगी सख्ती

मुख्यमंत्री ने अवैध खनन और विशेष रूप से बालू उठाव को लेकर कड़े निर्देश दिए। राज्य में कुल 820 बालू घाटों में से 300 से अधिक घाटों की नीलामी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इन घाटों से जल्द उठाव शुरू कराया जाए और शेष घाटों की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी हो। उन्होंने विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को समन्वित अभियान चलाकर अवैध खनन, ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा।

खनिज निगमों को मिलेगा बड़ा रोल

मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड और झारखंड माइनिंग एंड एक्सप्लोरेशन कंपनी लिमिटेड को अधिक खनिज क्षेत्र आरक्षित करने का निर्देश दिया, ताकि राज्य को ज्यादा राजस्व मिले और रोजगार के अवसर बढ़ें। इसके साथ ही इन संस्थाओं में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति और कार्यप्रणाली के लिए एसओपी तैयार करने का भी निर्देश दिया गया।

छात्रावासों तक पहुंचेगी ऊर्जा आपूर्ति

बैठक में मुख्यमंत्री ने छात्रावासों, विशेषकर आवासीय विद्यालयों में ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एलपीजी आपूर्ति में आने वाली समस्याओं को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जाए और जरूरत के अनुसार कोयला आपूर्ति प्रणाली को व्यवस्थित किया जाए।

पन्ना ब्लॉकों के संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने राज्य में मौजूद इमराल्ड (पन्ना) ब्लॉकों को सुरक्षित रखने और उनके वैज्ञानिक उपयोग पर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों के संरक्षण और विकास में संतुलन बनाना बेहद जरूरी है।

भवन निर्माण विभाग को भी निर्देश

समीक्षा बैठक में भवन निर्माण विभाग को भी सरकारी भवनों और परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।सरकार की इस समीक्षा बैठक के बाद साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में झारखंड में अवैध खनन, बालू कारोबार और बंद खदानों को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो सकती है।