झारखंड: रांची में पुलिसिंग का नया मॉडल, राजधानी को मिलेंगे दो नए एसपी,शहर होगा नॉर्थ और साउथ में विभाजित
रांची की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए झारखंड पुलिस मुख्यालय ने एसपी रैंक के दो नए पदों के सृजन का प्रस्ताव तैयार किया है। नए प्रस्ताव के तहत राजधानी को नॉर्थ और साउथ जोन में बांटने के साथ साइबर क्राइम और संगठित अपराध पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
Highlights:
- रांची में एसपी रैंक के दो नए पद सृजित करने का प्रस्ताव
- सिटी एसपी-2 और एसपी (मुख्यालय एवं अपराध) के नए पद होंगे
- राजधानी को सिटी एसपी नॉर्थ और सिटी एसपी साउथ में बांटने की तैयारी
- कांके, नामकुम और रिंग रोड क्षेत्र शहरी पुलिसिंग के दायरे में आ सकते हैं
- साइबर क्राइम और संगठित अपराध पर नियंत्रण के लिए नई व्यवस्था
- प्रस्ताव फिलहाल राज्य सरकार के पास लंबित
रांची (Threesocieties.com Desk): राजधानी रांची की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत, आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में झारखंड पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। तेजी से बढ़ती आबादी, शहर का फैलता दायरा और अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए एसपी रैंक के दो नए पदों के सृजन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद राजधानी की पुलिसिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
झारखंड पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, नए प्रस्ताव के तहत रांची में सिटी एसपी-2 और एसपी (मुख्यालय एवं अपराध) के पद सृजित किए जाएंगे। फिलहाल यह प्रस्ताव राज्य सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है।
कौन-कौन से नए पद होंगे सृजित
पुलिस मुख्यालय द्वारा तैयार प्रस्ताव के मुताबिक दो नए पदों की जिम्मेदारियां अलग-अलग होंगी। सिटी एसपी-2 का मुख्य उद्देश्य तेजी से विस्तार कर रहे शहरी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को मजबूत करना होगा। वहीं एसपी (मुख्यालय एवं अपराध) प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ संगीन अपराधों की निगरानी, जांच और अनुसंधान पर विशेष फोकस करेंगे।
अभी रांची में सिर्फ तीन एसपी रैंक के अधिकारी
वर्तमान में राजधानी में एसपी रैंक के केवल तीन अधिकारी कार्यरत हैं, जिनमें—
सिटी एसपी
ग्रामीण एसपी
ट्रैफिक एसपी
शहर के बढ़ते आकार और अपराध नियंत्रण की नई चुनौतियों के बीच इन अधिकारियों पर कार्यभार लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में नए पदों के सृजन को पुलिस प्रशासन के लिए आवश्यक माना जा रहा है।
नॉर्थ और साउथ जोन में बंट सकता है रांची
सूत्रों के अनुसार, नए प्रस्ताव के लागू होने के बाद रांची शहर को दो हिस्सों में बांटने की योजना है। इनमें सिटी एसपी नॉर्थ और सिटी एसपी साउथ शामिल होंगे। इसके तहत कांके, नामकुम, रिंग रोड और आसपास के तेजी से विकसित हो रहे आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों को शहरी पुलिसिंग के दायरे में लाया जा सकता है। वर्तमान में इन इलाकों का बड़ा हिस्सा ग्रामीण एसपी के अधीन आता है।
क्यों महसूस हुई नए पदों की जरूरत
पिछले कुछ वर्षों में रांची में आबादी और शहरी विस्तार तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही साइबर अपराध, संगठित अपराध, ऑनलाइन ठगी और जमीन से जुड़े विवादों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अपराधों की प्रकृति अब पहले से कहीं अधिक तकनीकी और जटिल हो चुकी है। ऐसे में अपराध अनुसंधान और निगरानी के लिए विशेषज्ञ अधिकारियों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
साइबर और संगठित अपराध पर रहेगा विशेष फोकस
नए प्रस्ताव के तहत बनने वाले एसपी (मुख्यालय एवं अपराध) का दायित्व केवल प्रशासनिक नहीं होगा, बल्कि वे साइबर अपराध, संगठित अपराध, भूमि विवाद और अन्य गंभीर मामलों की मॉनिटरिंग और जांच की भी निगरानी करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अपराध अनुसंधान में तेजी आएगी, मामलों के निष्पादन की गति बढ़ेगी और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।
सरकार की मंजूरी के बाद लागू होगी नई व्यवस्था
फिलहाल यह प्रस्ताव राज्य सरकार के विचाराधीन है। यदि सरकार से मंजूरी मिलती है तो रांची की पुलिसिंग व्यवस्था में यह अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक बदलाव साबित हो सकता है। इसके जरिए राजधानी में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ पुलिस की जवाबदेही और कार्यक्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।






