पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल! ममता को बड़ा झटका, ऋतब्रत बनर्जी बने नेता विपक्ष

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर। ममता बनर्जी को बड़ा झटका देते हुए विधानसभा स्पीकर ने बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाया। 60 विधायकों के समर्थन के दावे के बीच टीएमसी में बढ़ी सियासी हलचल।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल! ममता को बड़ा झटका, ऋतब्रत बनर्जी बने नेता विपक्ष
ममता बनर्जी- ऋतब्रत बनर्जी (फाइल फोटो)।

  • पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया
  • • विधानसभा स्पीकर ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया
  • • ऋतब्रत बनर्जी ने 60 विधायकों के समर्थन का दावा किया
  • • टीएमसी के भीतर बढ़ी अंदरूनी कलह, अभिषेक बनर्जी पर भी उठे सवाल
  • • बागी नेताओं ने कहा— ममता सलाहकार की भूमिका में बनी रहें

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है, जिसने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अंदरूनी स्थिति को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा स्पीकर द्वारा नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किए जाने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

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ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि उन्हें 60 विधायकों का समर्थन हासिल है। इस घटनाक्रम को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से पार्टी के अंदर असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं।

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बागी गुट ने सौंपा समर्थन पत्र

टीएमसी से निकाले गए नेता संदीपन साहा ने बताया कि विधानसभा में विपक्ष के नेता के लिए निर्धारित कमरा आधिकारिक रूप से अलॉट कर दिया गया है और नेता प्रतिपक्ष ने वहां बैठना भी शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनका समूह चाहता है कि ममता बनर्जी सलाहकार की भूमिका में बनी रहें और अपने अनुभव से मार्गदर्शन देती रहें।

अभिषेक बनर्जी पर साधा निशाना

संदीपन साहा ने पार्टी की मौजूदा स्थिति के लिए अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि अच्छे समय का श्रेय लिया जाता है, तो खराब परिस्थितियों की जिम्मेदारी भी स्वीकार करनी चाहिए। इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में अभिषेक बनर्जी की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

‘भाजपा के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा’

दूसरी ओर, टीएमसी नेता प्रसून बनर्जी ने स्पष्ट किया कि भाजपा के खिलाफ पार्टी का वैचारिक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष और सरकार दोनों का लोकतंत्र में महत्वपूर्ण स्थान है और विधानसभा के भीतर जिम्मेदार राजनीति जारी रहेगी।

क्या टीएमसी में बढ़ रहा है संकट?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि वास्तव में इतनी बड़ी संख्या में विधायक बागी गुट के साथ हैं, तो यह तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा संकट बन सकता है। हालांकि, अभी तक पार्टी नेतृत्व की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह सियासी उठापटक किस दिशा में जाती है और क्या यह बंगाल की राजनीति का नया अध्याय साबित होगी।