कोयले की खरीद-बिक्री में बड़ा बदलाव, अब ऑनलाइन आवेदन से बनेगा Coal Exchange, 25 साल का मिलेगा रजिस्ट्रेशन
केंद्र सरकार ने कोयला सेक्टर में बड़ा सुधार करते हुए Coal Exchange के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल लॉन्च किया है। अब कोयले की खरीद-बिक्री डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शी तरीके से होगी। गुणवत्ता जांच, ऑनलाइन भुगतान, शिकायत निवारण और 25 साल के रजिस्ट्रेशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। पढ़ें पूरी खबर Threesocieties.com पर।
HighLights:
- केंद्र सरकार ने Coal Exchange के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल लॉन्च किया
- कोयले की खरीद-बिक्री अब डिजिटल और पारदर्शी प्लेटफॉर्म पर होगी
- मांग और आपूर्ति के आधार पर तय होगी कोयले की कीमत
- गुणवत्ता जांच, ऑनलाइन भुगतान और शिकायत निवारण की सुविधा मिलेगी
- पात्र कंपनियों को 25 वर्षों का संचालन पंजीकरण मिलेगा
- कोल कंट्रोलर ऑर्गेनाइजेशन करेगा पूरे सिस्टम की निगरानी
धनबाद (Threesocieties.com Desk): देश के कोयला कारोबार में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने Coal Exchange की स्थापना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए विशेष पोर्टल लॉन्च किया गया है, जहां पात्र कंपनियां आवेदन कर सकेंगी। इस पहल से देश में पहली बार कोयले की खरीद-बिक्री संगठित, डिजिटल और बाजार आधारित व्यवस्था के तहत होगी।
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केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने नई दिल्ली में आयोजित इंडियन माइनिंग वीक-2026 के पूर्वावलोकन कार्यक्रम के दौरान इस ऑनलाइन आवेदन पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार साबित होगी।इस अवसर पर केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, कोयला सचिव विक्रम देव दत्त, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, ईसीएल के सीएमडी सतीश झा, एमसीएल के सीएमडी उदय अनंत कावले, सीएमपीडीआईएल के सीएमडी चौधरी शिव राज सिंह तथा सीसीएल के सीएमडी एनके सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
क्या है Coal Exchange?
Coal Exchange एक आधुनिक डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म होगा, जहां कोयला उत्पादक कंपनियां, व्यापारी और बड़े उपभोक्ता तय नियमों के तहत कोयले की खरीद-बिक्री कर सकेंगे। प्लेटफॉर्म पर डिलीवरी आधारित अनुबंध किए जाएंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी।
मांग और आपूर्ति से तय होगी कीमत
नई व्यवस्था में कोयले की कीमत प्रशासनिक व्यवस्था के बजाय बाजार की मांग और आपूर्ति के आधार पर तय होगी। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और खरीदारों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण कोयला उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
डिजिटल होगी पूरी प्रक्रिया
Coal Exchange प्लेटफॉर्म पर केवल ट्रेडिंग ही नहीं बल्कि कई महत्वपूर्ण सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
कोयले की गुणवत्ता की पारदर्शी जांच
ऑनलाइन भुगतान प्रणाली
शिकायतों का डिजिटल समाधान
सुरक्षित और ट्रैक योग्य लेन-देन
अनुबंध और डिलीवरी की ऑनलाइन निगरानी
इससे पूरे कोयला कारोबार में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी।
25 साल का मिलेगा संचालन पंजीकरण
सरकार ने पात्र कंपनियों को Coal Exchange संचालित करने के लिए 25 वर्षों का रजिस्ट्रेशन देने का निर्णय लिया है। इससे निजी और संस्थागत निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा कोयला व्यापार के लिए दीर्घकालिक और स्थिर व्यवस्था विकसित होगी।
कोल कंट्रोलर ऑर्गेनाइजेशन करेगा निगरानी
Coal Exchange की पूरी व्यवस्था की निगरानी Coal Controller Organisation (CCO) करेगा। यह संस्था सुनिश्चित करेगी कि सभी एक्सचेंज तय नियमों, गुणवत्ता मानकों और पारदर्शी प्रक्रिया का पालन करें।
धनबाद और कोयला उद्योग को मिलेगा लाभ
देश की कोयला राजधानी कहे जाने वाले धनबाद सहित बीसीसीएल, सीसीएल, ईसीएल और अन्य कोयला उत्पादक कंपनियों के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म लागू होने से कोयले की बिक्री प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी, मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता आएगी और उद्योग को आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा।
सरकार की यह पहल देश के कोयला क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे भविष्य में कोयला व्यापार अधिक प्रतिस्पर्धी, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनने की उम्मीद है।




