DRM को सौंपे सबूत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई! धनबाद रेलवे पार्किंग ठेकेदार पर संरक्षण देने के आरोप, टोटो संघ ने खोला मोर्चा

धनबाद रेलवे स्टेशन की पार्किंग व्यवस्था को लेकर झारखंड ई-रिक्शा टोटो संघ ने बड़ा आरोप लगाया है। संघ का कहना है कि डीआरएम को सभी साक्ष्य सौंपने के 15 दिन बाद भी पार्किंग ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने रेलवे अधिकारियों और RPF की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।

DRM को सौंपे सबूत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई! धनबाद रेलवे पार्किंग ठेकेदार पर संरक्षण देने के आरोप, टोटो संघ ने खोला मोर्चा
धनबाद रेलवे पार्किंग विवाद: 15 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं।

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  • DRM को लिखित शिकायत और फोटो साक्ष्य देने के 15 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
  • झारखंड ई-रिक्शा टोटो संघ ने रेलवे पार्किंग ठेकेदार पर अनुबंध उल्लंघन और अवैध वसूली के लगाए गंभीर आरोप
  • RPF और रेलवे अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग
  • यात्रियों और ई-रिक्शा चालकों से सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो साझा कर रेल मंत्रालय को टैग करने की अपील
  • कार्रवाई नहीं होने पर रेलवे बोर्ड से लेकर सतर्कता विभाग तक मामला ले जाने और आंदोलन की चेतावनी

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद रेलवे स्टेशन की दक्षिणी पार्किंग को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। झारखंड ई-रिक्शा टोटो संघ ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में रेलवे प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मंडल रेल प्रबंधक (DRM) को सभी दस्तावेजी और फोटोग्राफिक साक्ष्य सौंपे जाने के बावजूद करीब 15 दिन बीत जाने पर भी पार्किंग ठेकेदार के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। संघ ने इसे रेलवे प्रशासन की निष्क्रियता बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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संघ के संरक्षक वैभव सिन्हा ने बताया कि 2 जुलाई 2026 को डीआरएम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM), संबंधित रेलवे अधिकारी, पार्किंग ठेकेदार और संघ के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक के दौरान डीआरएम ने स्वयं संघ को सभी अनियमितताओं के साक्ष्य लिखित रूप में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।

संघ के अनुसार डीआरएम के निर्देश के बाद रेलवे प्रशासन को विस्तृत लिखित शिकायत, पार्किंग अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन का क्लॉजवार विवरण, पार्किंग रसीदों की प्रतियां और फोटोग्राफिक साक्ष्य सौंप दिए गए। इसके बावजूद अब तक न तो किसी दोषी के खिलाफ कार्रवाई हुई और न ही पार्किंग व्यवस्था में कोई सुधार दिखाई दिया।

पार्किंग में अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन का आरोप

प्रेस वार्ता में संघ ने आरोप लगाया कि रेलवे पार्किंग स्थल पर आज भी अनुबंध की कई अनिवार्य शर्तों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। संघ के अनुसार ई-रिक्शा चालकों से कथित मनमानी वसूली की जा रही है। पार्किंग स्थल पर 5 मिनट की निःशुल्क पिक-अप एवं ड्रॉप सुविधा का बोर्ड नहीं लगाया गया है। निर्धारित पार्किंग शुल्क, हेल्पलाइन नंबर, पार्किंग क्षेत्र की सीमा और अन्य आवश्यक सूचनाओं का भी प्रदर्शन नहीं किया गया है। संघ का यह भी आरोप है कि पार्किंग में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं, कर्मचारी बिना यूनिफॉर्म और पहचान पत्र के शुल्क वसूल रहे हैं, कम्प्यूटरीकृत रसीदें जारी नहीं की जा रही हैं तथा दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं है।

DAV स्कूल–पुराना बाजार रोड पार्किंग की बदहाल स्थिति

संघ ने DAV स्कूल–पुराना बाजार रोड स्थित पार्किंग क्षेत्र की दयनीय स्थिति का भी मुद्दा उठाया। संघ का कहना है कि पार्किंग परिसर में लंबे समय से जलजमाव, गंदगी और कचरे का अंबार लगा हुआ है, जबकि अनुबंध के अनुसार पार्किंग की साफ-सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। इसके बावजूद कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया।

सब्जी विक्रेताओं से वसूली और अवैध बाजार चलाने का आरोप

झारखंड ई-रिक्शा टोटो संघ ने दावा किया कि उसे लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि DAV स्कूल–पुराना बाजार रोड पार्किंग क्षेत्र में प्रतिदिन सब्जी विक्रेताओं से धन वसूला जाता है और रेलवे की पार्किंग भूमि पर अनधिकृत बाजार संचालित होने दिया जा रहा है। संघ का कहना है कि यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह रेलवे की भूमि का अनुबंध के विपरीत व्यावसायिक उपयोग है, जिसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

रेलवे अधिकारियों और RPF की भूमिका पर भी उठे सवाल

संघ ने कहा कि अब मामला केवल पार्किंग ठेकेदार तक सीमित नहीं रह गया है। जब लिखित शिकायत, फोटो साक्ष्य और डीआरएम की बैठक में उठाए गए मुद्दों के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो संबंधित रेलवे अधिकारियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। संघ ने मांग की कि इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों और RPF की भूमिका की भी स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शिकायतों के बावजूद अनुबंध की शर्तों का पालन क्यों नहीं कराया गया।

यात्रियों और चालकों से सबूत साझा करने की अपील

संघ ने धनबाद के नागरिकों, यात्रियों और ई-रिक्शा चालकों से अपील की कि यदि उनके साथ अवैध वसूली, बिना रसीद शुल्क वसूली, बदसलूकी या अन्य कोई अनियमितता हुई है तो वे उसके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करें तथा रेल मंत्री, रेल मंत्रालय, पूर्व मध्य रेलवे और धनबाद रेल मंडल को टैग करें, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।

आंदोलन की चेतावनी

संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वह इस मामले को रेलवे बोर्ड, महाप्रबंधक पूर्व मध्य रेलवे, रेलवे सतर्कता, श्रम विभाग तथा अन्य सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष उठाएगा। इसके साथ ही लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण जनआंदोलन शुरू करने की भी घोषणा की गई।

प्रेस वार्ता में रहे मौजूद

प्रेस वार्ता में संघ के संरक्षक वैभव सिन्हा, अध्यक्ष अनिल यादव, महासचिव राजेश राम, संस्थापक मुन्ना कुशवाहा, जिला अध्यक्ष राजू वर्मा सहित पवन साहू, रोहित साव, विष्णु दास, चंदन रवानी, राजेश सिंह, अमित शाह, दीपक यादव, सोनू साहू, अविनाश सिंह, धर्मेंद्र कुमार और मासूम आलम सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

नोट: यह समाचार झारखंड ई-रिक्शा टोटो संघ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों पर रेलवे प्रशासन या संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।