बिहार: भरत तिवारी एनकाउंटर केस में नया विवाद: भाई का आरोप- SP ने केस वापस लेने का बनाया दबाव

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में नया विवाद सामने आया है। भाई चंदन तिवारी ने भोजपुर एसपी पर केस वापस लेने के लिए दबाव बनाने और धमकाने का आरोप लगाया है। परिजनों ने CBI जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।

बिहार: भरत तिवारी एनकाउंटर केस में नया विवाद: भाई का आरोप- SP ने केस वापस लेने का बनाया दबाव
भरत तिवारी के भाई का आरोप, केस उठाने का दबाव बना रहे हैं SP।

        HighLights:

  • भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच जारी।
  • रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।
  • भरत के भाई चंदन तिवारी ने भोजपुर एसपी पर धमकाने का आरोप लगाया।
  • परिवार का दावा- केस वापस लेने के लिए बनाया जा रहा दबाव।
  • परिजनों ने वर्तमान हाईकोर्ट जज से जांच और CBI जांच की मांग उठाई।
  • शाहपुर थानाध्यक्ष और जगदीशपुर एसडीपीओ के खिलाफ दर्ज है एफआईआर।
  • जगदीशपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बढ़ा विवाद

आरा(Threesocieties.com Desk): पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी के एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच के बीच अब एक नया विवाद सामने आ गया है। भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने भोजपुर पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है तथा केस वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

यह भी पढ़ें: "परिवार का सामना करने से आसान लगा कत्ल!' पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में सिया का चौंकाने वाला कबूलनामा"

चंदन तिवारी ने एक मीडिया चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला है और जिन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आरोप लगाए गए थे, उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

"एसपी पूरी टीम के साथ घर आए थे"

चंदन तिवारी का आरोप है कि भोजपुर के एसपी राज अपने पुलिस अधिकारियों के साथ उनके घर पहुंचे थे। उस समय घर में केवल परिवार के सदस्य मौजूद थे। उनके अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने अप्रत्यक्ष रूप से परिवार पर दर्ज मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया। हालांकि, वायरल वीडियो में एसपी यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि वह केवल परिवार की बात सुनने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए आए थे।इसी बिंदु को लेकर अब पूरे मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है।

पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सवाल

भरत तिवारी के भाई ने सवाल उठाया कि जब शाहपुर थानाध्यक्ष और जगदीशपुर एसडीपीओ समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या के आरोप में नामजद एफआईआर दर्ज हो चुकी है, तो अब तक उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि किसी आम नागरिक पर ऐसे आरोप लगे होते तो पुलिस तत्काल कार्रवाई करती, लेकिन इस मामले में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से परिवार के मन में सवाल पैदा हो रहे हैं।

CBI जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

भरत तिवारी के परिजन लगातार मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि राज्य पुलिस की जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है और केवल CBI जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। इसके साथ ही परिजनों ने आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी दोहराई है।

न्यायिक जांच पर भी जताया अविश्वास

राज्य सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के लिए रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा को जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि, चंदन तिवारी ने इस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश के बजाय वर्तमान पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए। परिवार का कहना है कि इससे जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर जनता का भरोसा बढ़ेगा।

अब जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला बिहार की चर्चित घटनाओं में शामिल हो चुका है। एक ओर पुलिस अपनी कार्रवाई को सही बता रही है, वहीं दूसरी ओर परिजन इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं।न्यायिक जांच के बीच सामने आए नए आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।