Hazaribagh Success Story: चौपारण के गांव से Amazon तक, विवेक चंद्रवंशी को मिला 50 लाख सालाना पैकेज
हजारीबाग के चौपारण प्रखंड के इगुनियां गांव निवासी विवेक चंद्रवंशी का चयन Amazon में लगभग 50 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर हुआ है। BIT Mesra से इंजीनियरिंग करने वाले विवेक की सफलता पूरे झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
हजारीबाग (Threesocieties.com Desk): झारखंड की धरती से एक और प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है। चौपारण प्रखंड के इगुनियां गांव के होनहार युवक विवेक चंद्रवंशी ने अपनी मेहनत, लगन और तकनीकी प्रतिभा के बल पर विश्व की अग्रणी टेक्नोलॉजी एवं ई-कॉमर्स कंपनी Amazon में जगह बनाई है। उन्हें कंपनी ने लगभग 50 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर नियुक्त किया है।
यह भी पढ़ें: बंगाल की राजनीति में भूचाल: ममता को हटाकर अरूप रॉय बने TMC के चेयरमैन, अभिषेक भी महासचिव पद से आउट
विवेक की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे चौपारण, हजारीबाग और झारखंड का नाम रोशन किया है। साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर वैश्विक स्तर की कंपनी में पहुंचने का उनका सफर आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
बचपन से पढ़ाई को बनाया प्राथमिकता
विवेक के पिता आशीष चंद्रवंशी, जो हजारीबाग में भवन निर्माण विभाग में कार्यरत हैं, बताते हैं कि उनके बेटे ने शुरू से ही पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। वह हमेशा अनुशासित जीवनशैली और निरंतर मेहनत में विश्वास करता था। परिवार के अनुसार विवेक ने कभी भी परिस्थितियों को अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने अपने लक्ष्य पर फोकस रखा और लगातार खुद को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया।
स्कूल से ही दिखी प्रतिभा
विवेक ने अपनी दसवीं की शिक्षा विवेकानंद विद्यालय, हजारीबाग से पूरी की, जहां उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने सुरेखा प्रकाश भाई पब्लिक विद्यालय, चौपारण से बारहवीं की पढ़ाई अच्छे अंकों के साथ पूरी की। शिक्षकों के अनुसार विवेक शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं और तकनीकी विषयों में उनकी विशेष रुचि थी।
BIT Mesra से इंजीनियरिंग, Amazon तक का सफर
बारहवीं के बाद विवेक ने बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (BIT), मेसरा, रांची में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया। यहां उन्होंने शानदार शैक्षणिक प्रदर्शन करते हुए लगभग 8.2 CGPA हासिल किया। कॉलेज के दौरान ही उनकी तकनीकी दक्षता और समस्या समाधान क्षमता ने उद्योग जगत का ध्यान आकर्षित किया। इसी दौरान उन्हें Amazon के हैदराबाद कार्यालय में ट्रेनिंग का अवसर मिला।
ट्रेनिंग के दौरान ही मिला नौकरी का ऑफर
Amazon में प्रशिक्षण के दौरान विवेक ने अपने कार्य, नवाचार और तकनीकी कौशल से अधिकारियों को प्रभावित किया। कंपनी ने उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बाद उन्हें स्थायी नियुक्ति का प्रस्ताव दिया। अब विवेक जल्द ही बेंगलुरु स्थित Amazon कार्यालय में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका चयन लगभग 50 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर हुआ है, जो झारखंड के युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल
विवेक की सफलता की खबर मिलते ही इगुनियां गांव, चौपारण और हजारीबाग में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया। उनके चाचा एवं समाजसेवी करुणा चंद्रवंशी ने कहा कि विवेक की सफलता यह साबित करती है कि बड़े सपने पूरे करने के लिए बड़े शहरों में जन्म लेना जरूरी नहीं है। यदि संकल्प मजबूत हो और मेहनत निरंतर हो तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
विद्यालय ने जताया गर्व
सुरेखा प्रकाश भाई पब्लिक विद्यालय की प्राचार्या रीना पांडे और प्रबंधक गंधर्व गौरव ने विवेक की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह विद्यालय और पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि विवेक की सफलता आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
युवाओं के लिए प्रेरणा
इगुनियां गांव से निकलकर Amazon जैसी विश्वस्तरीय कंपनी तक पहुंचने की विवेक चंद्रवंशी की यात्रा इस बात का उदाहरण है कि प्रतिभा किसी शहर या संसाधन की मोहताज नहीं होती। दृढ़ निश्चय, निरंतर परिश्रम और सही दिशा में प्रयास किसी भी युवा को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। आज विवेक की उपलब्धि झारखंड के हजारों युवाओं को यह संदेश दे रही है कि सपने चाहे जितने बड़े हों, उन्हें पूरा करने का रास्ता मेहनत और लगन से होकर ही गुजरता है।






