गिरिडीह पुलिस की बड़ी सफलता: 25 लाख का इनामी नक्सली अजय महतो 'टाइगर' गिरफ्तार

गिरिडीह पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी अजय महतो उर्फ टाइगर को हरलाडीह से गिरफ्तार किया। मिसिर बेसरा का करीबी माने जाने वाले टाइगर पर हत्या, IED ब्लास्ट, लेवी वसूली और पुलिस पर हमले समेत 100 से अधिक मामले दर्ज हैं।

गिरिडीह पुलिस की बड़ी सफलता: 25 लाख का इनामी नक्सली अजय महतो 'टाइगर' गिरफ्तार
100 से ज्यादा मामलों का आरोपी है अजय महतो।

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       HighLights:

  • 25 लाख रुपये का इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ टाइगर गिरफ्तार।
  • गिरिडीह के हरलाडीह में करमू मांझी के घर से हुई गिरफ्तारी।
  • पुलिस ने दो अन्य नक्सलियों को भी दबोचा, पूछताछ जारी।
  • भाकपा माओवादी का स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य और पारसनाथ का जोनल कमांडर रहा।
  • हत्या, IED ब्लास्ट, लेवी, पुलिस पर हमला समेत 100 से अधिक मामले दर्ज।
  • UAPA और देशद्रोह के तहत कार्रवाई की तैयारी पहले से चल रही थी।

गिरिडीह (Threesocieties.com Desk): झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत गिरिडीह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की सूची में शामिल 25 लाख रुपये का इनामी नक्सली अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव को पुलिस ने हरलाडीह से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार वह भाकपा (माओवादी) का सक्रिय सदस्य और कुख्यात नक्सली मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी रहा है। उसकी गिरफ्तारी को हाल के वर्षों में जिले की सबसे बड़ी नक्सल विरोधी कार्रवाई माना जा रहा है।

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गुप्त सूचना पर हरलाडीह में हुई छापेमारी

पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम को सूचना मिली थी कि अजय महतो हरलाडीह में करमू मांझी के घर में छिपा हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस ने देर रात छापेमारी की और बिना किसी बड़े प्रतिरोध के उसे गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसके साथ मौजूद दो अन्य संदिग्ध नक्सलियों को भी हिरासत में लिया। तीनों से विशेष जांच टीम लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से संगठन के नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों और अन्य सक्रिय सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

पारसनाथ क्षेत्र का जोनल कमांडर रहा अजय महतो

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अजय महतो उर्फ टाइगर भाकपा (माओवादी) की स्पेशल एरिया कमेटी का सदस्य और पारसनाथ क्षेत्र का जोनल कमांडर रह चुका है। वह वर्षों से गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के सीमावर्ती इलाकों में माओवादी गतिविधियों का संचालन करता रहा। उसके खिलाफ हत्या, लेवी वसूली, पुलिस पार्टी पर हमला, IED ब्लास्ट, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सड़क निर्माण कार्य में लगी मशीनों को आग लगाने और ठेकेदारों से रंगदारी मांगने समेत 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

चार राज्यों की पुलिस को थी तलाश

अजय महतो केवल झारखंड ही नहीं बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की पुलिस के लिए भी वांछित था। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। झारखंड सरकार ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

पहले से चल रही थी UAPA और देशद्रोह में कार्रवाई की तैयारी

गिरिडीह जिला प्रशासन पहले ही अजय महतो समेत 12 नक्सलियों के खिलाफ UAPA और देशद्रोह के तहत मुकदमा चलाने की अनुशंसा राज्य सरकार को भेज चुका था। गृह विभाग से आवश्यक स्वीकृति भी मिल चुकी है। अब गिरफ्तारी के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेज होने की संभावना है।

पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, अभियान रहेगा जारी

गिरफ्तारी के बाद गिरिडीह और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस को आशंका है कि संगठन के अन्य सदस्य सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि अजय महतो की गिरफ्तारी नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने कहा कि पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा और बचे हुए वांछित नक्सलियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार कार्रवाई की जाएगी।

क्यों अहम है यह गिरफ्तारी?

विशेषज्ञों के अनुसार अजय महतो की गिरफ्तारी से पारसनाथ और आसपास के नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लग सकता है। वह संगठन के संचालन, लेवी वसूली और स्थानीय स्तर पर गतिविधियों के समन्वय में अहम भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी को झारखंड पुलिस की बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है।