रेड रोड पर योगमय हुआ बंगाल, PM नरेंद्र मोदी ने किया नेतृत्व; बोले- 70 में भी दिखें 50 जैसे, योग है समाधान
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर कोलकाता के रेड रोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 35 हजार लोगों के साथ योग किया। पीएम ने कहा कि योग स्वस्थ जीवन, मानसिक संतुलन और लंबी उम्र का आधार है। "Yoga for Healthy Ageing" थीम के तहत पूरे बंगाल में योग कार्यक्रम आयोजित हुए।
कोलकाता (Threesocieties.com Desk): 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का ऐतिहासिक रेड रोड योग साधना का विशाल केंद्र बन गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास कर देश और दुनिया को स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम में करीब 35 हजार लोग शामिल हुए और पूरे परिसर में योग, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
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प्रधानमंत्री सुबह रेड रोड पहुंचे, जहां राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे। योग सत्र के दौरान प्रधानमंत्री ने स्वयं कई योगासन किए और लोगों के बीच जाकर उनकी मुद्राओं को सुधारने में भी मदद की।
बंगाल की पवित्र भूमि में योग करना सौभाग्य
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि बंगाल की पवित्र भूमि पर योग दिवस मनाना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि योग आज पूरी दुनिया को जोड़ने वाला माध्यम बन चुका है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है।उन्होंने कहा कि 21 जून, जो वर्ष का सबसे लंबा दिन माना जाता है, अब पूरी दुनिया में योग दिवस के रूप में पहचान बना चुका है। योग ने देशों, संस्कृतियों और समाजों के बीच नई एकता पैदा की है।
"70 की उम्र में भी 50 जैसी सेहत हो"
प्रधानमंत्री ने स्वस्थ जीवनशैली पर जोर देते हुए कहा कि हेल्दी एजिंग यानी बढ़ती उम्र में भी स्वस्थ बने रहना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा— "हमारी कोशिश होनी चाहिए कि 40 की उम्र में 20 साल जैसी लचक बनी रहे, 50 की उम्र में 30 जैसी ऊर्जा हो और 70 की उम्र में भी 50 जैसा स्वास्थ्य और आत्मविश्वास दिखे।" उन्होंने कहा कि योग केवल बुजुर्गों के लिए नहीं बल्कि हर आयु वर्ग के लोगों के लिए जरूरी है।
पीएम ने किए कई योगासन
योग सत्र के दौरान प्रधानमंत्री ने ताड़ासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन और त्रिकोणासन सहित कई आसनों का अभ्यास किया। इसके अलावा उन्होंने चालन क्रिया, स्कंध चक्र, कटिचालन, घुटनाचालन और शीतली प्राणायाम भी किया। कार्यक्रम के दौरान पीएम लोगों के बीच पहुंचे और उन्हें सही तरीके से योग करने के टिप्स दिए। इससे उपस्थित लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
योग सिखाता है संतुलित जीवन
प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में लोग शारीरिक और मानसिक असंतुलन से जूझ रहे हैं। योग व्यक्ति को शरीर और मन दोनों स्तर पर संतुलन बनाना सिखाता है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने शरीर को सही तरीके से संचालित करना सीख लेते हैं तो स्वास्थ्य हमारी आदत बन जाता है। योग केवल शरीर को फिट नहीं रखता बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक सोच भी प्रदान करता है।
बंगाल की संस्कृति का भी दिखा रंग
योग दिवस समारोह में बंगाल की समृद्ध कला और संस्कृति की भी झलक देखने को मिली। पारंपरिक मुखा नृत्य और मालदा की प्रसिद्ध ढाकी टीम ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भरे। योग और संस्कृति के इस अनूठे संगम ने आयोजन को और भव्य बना दिया।
विवेकानंद को किया गया याद
इस अवसर पर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए कहा कि योग और आध्यात्मिक चेतना भारत की पहचान है। उन्होंने युवाओं से योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
पूरी दुनिया में गूंजा योग का संदेश
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम "Yoga for Healthy Ageing" रखी गई है। इसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि योग केवल फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि बढ़ती उम्र में भी बेहतर शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य बनाए रखने का प्रभावी साधन है।कोलकाता के रेड रोड से निकला यह संदेश एक बार फिर साबित कर गया कि योग भारत की प्राचीन विरासत ही नहीं, बल्कि आधुनिक दुनिया की जरूरत भी बन चुका है।




