राम मंदिर चढ़ावा कांड में बड़ा खुलासा! 7 पेन ड्राइव में कैद 150 संदिग्धों के सबूत, 25 पर गाज गिरने के संकेत

Ayodhya Ram Mandir News: राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। 7 पेन ड्राइव में सुरक्षित सबूतों के साथ SIT लखनऊ पहुंची है। 150 संदिग्धों की जांच, 25 लोगों पर कार्रवाई के संकेत, 2 करोड़ की रिकवरी और दान राशि में 72% गिरावट ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

राम मंदिर चढ़ावा कांड में बड़ा खुलासा! 7 पेन ड्राइव में कैद 150 संदिग्धों के सबूत, 25 पर गाज गिरने के संकेत
राम मंदिर में चढ़ावे की 'चोरी' या 'डाका'?

     HighLights

  • 6 दिन की जांच के बाद SIT लखनऊ पहुंची, सीएम योगी को सौंपेगी प्रारंभिक रिपोर्ट
  • 7 पेन ड्राइव में सुरक्षित किए गए CCTV फुटेज, पूछताछ और दस्तावेजी सबूत
  • जांच में अब तक 150 संदिग्धों के नाम सामने आने की चर्चा
  • चढ़ावा चोरी मामले में अब तक 2 करोड़ रुपये की रिकवरी।
  • चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के बीच दान राशि में 72% गिरावट का दावा
  • ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच के दायरे में
  • CCTV फुटेज डिलीट होने और सोना-चांदी के हिसाब-किताब पर भी सवाल

अयोध्या/लखनऊ (Threesocieties.com Desk): राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। छह दिनों तक चली गहन पड़ताल के बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और पूछताछ के रिकॉर्ड लेकर लखनऊ पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों को 7 पेन ड्राइव में सुरक्षित रखा गया है, जिनमें CCTV फुटेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, कर्मचारियों के बयान और अन्य अहम दस्तावेज शामिल हैं।

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जानकारी के मुताबिक जांच के दौरान करीब 150 संदिग्ध व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं। इनमें से लगभग 25 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। SIT अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।

2 करोड़ की रिकवरी, कई अहम नाम जांच के घेरे में

चढ़ावा चोरी मामले में अब तक करीब 2 करोड़ रुपये की रिकवरी होने की बात सामने आई है। यह बरामदगी उन लोगों की निशानदेही पर हुई है जो दान राशि की गिनती और प्रबंधन से जुड़े थे। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कथित अनियमितताएं कितने समय से चल रही थीं और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट से जुड़े कुछ प्रभावशाली पदाधिकारियों और प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी के खिलाफ आधिकारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं हुई है।

दान राशि में आई भारी गिरावट

जांच और विवादों के बीच राम मंदिर में मिलने वाले चढ़ावे पर भी असर देखने को मिला है। सूत्रों के अनुसार जहां सामान्य दिनों में रोजाना लगभग 15 लाख रुपये तक का चढ़ावा प्राप्त होता था, वहीं हाल के दिनों में यह आंकड़ा घटकर करीब 5 लाख रुपये तक पहुंच गया है। इससे मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच चिंता का माहौल है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जांच और लगातार सामने आ रही खबरों के कारण श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति बनी है। इसके अलावा बैंक कर्मचारियों और काउंटिंग स्टाफ से लगातार पूछताछ होने के कारण दान राशि की गणना प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है।

CCTV फुटेज और डिलीट रिकॉर्डिंग बनी जांच का केंद्र

SIT की जांच में सबसे महत्वपूर्ण पहलू CCTV रिकॉर्डिंग मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक नोटों की गिनती वाले कमरे की कुछ रिकॉर्डिंग डिलीट मिली हैं। जांच एजेंसियां इन रिकॉर्डिंग्स को रिकवर करने का प्रयास कर रही हैं। यदि डिलीट किए गए फुटेज बहाल हो जाते हैं तो मामले में कई नए खुलासे संभव हैं। जांच टीम ने दान राशि की गिनती, बैंक में जमा प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की भी विस्तृत पड़ताल की है। कई कर्मचारियों, पुजारियों, बैंक अधिकारियों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई है।

सोना-चांदी के हिसाब पर भी उठे सवाल

जांच के दौरान दानपात्रों में चढ़ाए गए सोना-चांदी और बहुमूल्य आभूषणों के रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि नकदी के साथ-साथ बहुमूल्य धातुओं के रखरखाव और रिकॉर्डिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। यह जांच का एक अहम हिस्सा बन गया है।

SIT रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर

अब सभी की निगाहें SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई, प्रशासनिक बदलाव और मंदिर की वित्तीय निगरानी व्यवस्था में बड़े सुधार किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में राम मंदिर चढ़ावा मामले में कई बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।

नोट: रिपोर्ट में उल्लिखित कई दावे जांच और सूत्रों पर आधारित हैं। आधिकारिक निष्कर्ष SIT की अंतिम रिपोर्ट और सरकार की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होंगे।