धनबाद पुलिस की नई रणनीति: अब SI और ASI को सीधे मिलेगी SSP की ब्रीफिंग, पुलिसिंग होगी और मजबूत
धनबाद पुलिस ने पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के लिए नई पहल शुरू की है। अब सब-इंस्पेक्टर और एएसआई स्तर के अधिकारियों को सीधे ब्रीफिंग दी जा रही है। SSP प्रभात कुमार ने बताया कि इससे अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बेहतर होगी।
- • धनबाद पुलिस ने शुरू की विशेष ब्रीफिंग कार्यशाला
• अब सीधे सब-इंस्पेक्टर और एएसआई स्तर के अधिकारियों को दी जा रही ट्रेनिंग
• जिले में करीब 340 SI और 500 ASI को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ब्रीफ
• कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और अनुसंधान गुणवत्ता पर फोकस
धनबाद (Threesocieties.com Desk): पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और परिणाममुखी बनाने की दिशा में धनबाद पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। मंगलवार से पुलिस केंद्र में विशेष ब्रीफिंग कार्यशाला का शुभारंभ किया गया, जिसके तहत अब केवल वरीय अधिकारियों ही नहीं बल्कि सीधे सब-इंस्पेक्टर (SI) और सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) स्तर के अधिकारियों को भी प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें: धनबाद पुलिस का बड़ा ‘ऑपरेशन क्लीन-अप’: 30 साल पुराने केस समेत 1250 लंबित कांड पहुंचे कोर्ट

कार्यशाला के पहले दिन जिले के सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को विस्तृत ब्रीफिंग दी गई। इस दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव और ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब मौजूद रहे और अधिकारियों को पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि अब तक विभागीय व्यवस्था के तहत मुख्य रूप से डीएसपी, थाना प्रभारी और सर्किल ऑफिसर स्तर के अधिकारियों को ब्रीफिंग दी जाती थी। इसके बाद वही अधिकारी अधीनस्थ पुलिसकर्मियों तक दिशा-निर्देश पहुंचाते थे। लेकिन अब इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए सीधे निचले स्तर तक संवाद स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि धनबाद जिले में वर्तमान में लगभग 340 सब-इंस्पेक्टर और करीब 500 सहायक सब-इंस्पेक्टर कार्यरत हैं। पहले चरण में बैचवार सब-इंस्पेक्टरों को प्रशिक्षण और ब्रीफिंग दी जा रही है, जबकि अगले पांच दिनों तक एएसआई स्तर के अधिकारियों के लिए भी इसी तरह के सत्र आयोजित किए जाएंगे।
ब्रीफिंग के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने, जनता के साथ व्यवहार बेहतर करने और ड्यूटी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों और फील्ड स्तर पर काम करने वाले जवानों के बीच सीधा संवाद पुलिसिंग की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। इससे अपराध नियंत्रण की रणनीति अधिक प्रभावी होगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
धनबाद पुलिस की यह पहल ऐसे समय शुरू हुई है जब राज्यभर में बेहतर पुलिसिंग, तेज अनुसंधान और जवाबदेही बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे में यह मॉडल आने वाले दिनों में दूसरे जिलों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।






