Dhanbad में ‘Emerging Jharkhand’ कॉनक्लेव का भव्य आगाज़, उद्योग–शिक्षा–संस्कृति का अनूठा संगम

धनबाद के राज विलास रिसोर्ट में आयोजित दो दिवसीय “Emerging Jharkhand” कॉनक्लेव का भव्य उद्घाटन, उद्योग–शिक्षा–व्यापार जगत की दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी।

Dhanbad में ‘Emerging Jharkhand’ कॉनक्लेव का भव्य आगाज़, उद्योग–शिक्षा–संस्कृति का अनूठा संगम
“EMERGING JHARKHAND “कार्यक्रम ।

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धनबाद। कोयला राजधानी धनबाद के राज विलास रिसोर्ट, गोविंदपुर में झारखंड इंडस्ट्री एंड ट्रेड एसोसिएशन (JITA), इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स (IIT-ISM) और एलुर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कॉनक्लेव “EMERGING JHARKHAND” का विधिवत उद्घाटन शुक्रवार को भव्य रूप से किया गया। यह आयोजन झारखंड के औद्योगिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास की नई संभावनाओं को रेखांकित करने वाला मंच साबित हुआ।

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कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में  वीर प्रताप (DDG, HQ–DGMS), प्रिय रंजन (ED, DIC-BSL) मौजूद रहे। इसके अलावा प्रो. एके मिश्रा (डायरेक्टर, सिम्फर), प्रो. शालिनी गौतम (कन्वेनर, ISM) ने भी मंच साझा किया।

कॉनक्लेव में JITA के जनरल सेक्रेटरी राजीव शर्मा, ट्रेजरर नंद लाल अग्रवाल, एलुर सोसाइटी के निर्देशक देव जिंदल सहित उद्योग और व्यापार जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल रहीं। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ फेम अभिनेता व लेखक  जिशान कादरी की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

अपने संबोधन में वक्ताओं ने झारखंड में उद्योग, खनन, स्टार्टअप, शिक्षा और कौशल विकास की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। साथ ही राज्य को निवेश के लिए और अधिक अनुकूल बनाने, स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने और शिक्षा–उद्योग के समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया गया। 

युवा पलायन को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता

मुख्य अतिथि बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल ने युवा पलायन को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई। उन्होंने कोल सेक्टर के भविष्य पर एक महत्वपूर्ण चेतावनी देते हुए कहा कि आज नन-कोकिंग कोल काम कम हो रहा है और अनुमान है कि अगले 40 साल में कोकिंग कोल का प्रोडक्शन लगभग न के बराबर हो जायेगा। उन्होंने कहा कि इसकी जगह वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत लेगा जिसका सबसे बड़ा उदाहरण सोलर ऊर्जा है। सीएमडी ने सोलर ऊर्जा को एक बेहतर और लाभदायक कारोबार बताया उन्होंने कहा कि आज हजारों लोग इस कारोबार से जुड़कर सफलतापूर्वक अपनी जीविका चला रहे हैं। उन्होंने धनबाद की मूल समस्याओं यानी रंगदारी और कोयला चोरी पर भी चिंता जाहिर की और इन्हें रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।

विशिष्ट अतिथि डा. सुकुमार मिश्रा ने भी युवा प्रतिभा के पलायन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि धनबाद की अर्थव्यवस्था का 40 प्रतिशत हिस्सा खनिज संसाधनों से आता है। जबकि सैकड़ों छोटी-बड़ी इंडस्ट्रीज भी अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद अगर युवा बाहर जा रहे हैं तो यह सोचना होगा कि हम कहां चूक रहे हैं।

आयोजकों के अनुसार, कॉनक्लेव का दूसरा दिन कल सुबह 10:30 बजे से प्रारंभ होगा, जिसमें विभिन्न तकनीकी सत्र, पैनल डिस्कशन और नेटवर्किंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में झारखंड के भविष्य की औद्योगिक रूपरेखा पर गहन मंथन किया जाएगा।