14 दिसंबर से शुरु होगा खरमास,नहीं बजेगी शहनाई, शादी व मांगलिक कार्य के लिए करना होगा नये साल का इंतजार

शादी वशुभ कार्य का लगन सिर्फ 13 दिसंबर तक ही है। 14 दिसंबर से खरमास प्रवेश कर रहा है जो नये साल 2022 ती  14 जनवरी तक रहेगा। नये वर्ष में मांगलिक कार्य शुरु होंगे। 

14 दिसंबर से शुरु होगा खरमास,नहीं बजेगी शहनाई, शादी व मांगलिक कार्य के लिए करना होगा नये साल का इंतजार

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धनबाद। शादी वशुभ कार्य का लगन सिर्फ 13 दिसंबर तक ही है। 14 दिसंबर से खरमास प्रवेश कर रहा है जो नये साल 2022 ती  14 जनवरी तक रहेगा। नये वर्ष में मांगलिक कार्य शुरु होंगे। 

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ज्योतिष ग्रंथों में विवाह मुहुर्त के लिए 11 शुभ नक्षत्र बताये गये है। इनमें उत्तराषाढ़, उत्तराभादपद्र और रेवती है। 11, 12 और 13 दिसंबर तक ही रहेंगे। इसके अलावा विवाह के लिए शुभ मार्गशीर्ष महीने का शुक्लपक्ष भी रहेगा। इसमें 11 और 12 दिसंबर को नौ रेखा के लगन और और 13 दिसंबर को छह रेखा का लगन है।

यह  है मान्यता
 ऐसी मान्यता है कि खरमास के एक माह तक भगवान सूर्य के रथ की गति धीमी हो जाती है। इसलिए शुभ कार्य नहीं किये जाते है। लोक कथाओं के अनुसार भगवान सूर्य सात घोड़ो के रथ पर सवार होकर ब्रहांड की परिक्रमा करते है। परिक्रमा के दौरान उन्हें कहीं नहीं रुकना होता है। लेकिन रथ में चलने वाले घोड़े लगातर चलने से थक जाते है। घोड़ की हालत देख भगवान सूर्य उन्हें तालाब के पास ले जाते है। मगर उन्हें याद आता है कि रथ रुकना नहीं चाहिए। भगवान सूर्य को तालाब के पास दो गधे मिलते है, भगवान सूर्य अपने घोड़ो को पानी पिला कर विश्राम करने के लिए वहीं छोड़ देते है और दोनों गधों को अपने रथ में बांध लेते है। गधे जैसे - तैसे एक माह तक उनका रख खींचता है मगर इसमें उनके रथ की गति धीमी हो जाती है। इसी माह को खरमास माना जाता है।

खरमास में दान पुण्य करना बेहद शुभ
खरमास के दौरान सूर्य की चाल धीमी होती है। इसलिए इस दौरान किया गया कोई भी कार्य शुभ फल प्रदान नहीं करता है। खरमास के दौरान सुबह जल्दी उठकर पवित्र जल से स्नान करना चाहिए। इसके बाद सूर्य देव की उपासना करनी चाहिए। ऐसा कहा गया है कि खरमास में दान पुण्य करने से पुण्य करने से शुभ माना गया है। इसलिए इस महीने गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना चाहिए। जिससे घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

किसी भी शुभ कार्य में शुभ मुहूर्त का होना माना गया है बेहद शुभ 
किसी भी शुभ कार्य में शुभ मुहूर्त का होना बेहद शुभ माना गया। हिंदू धर्म में कोई भी मंगल कार्य या धार्मिक अनुष्ठान शुभ मुहूर्त के अनुसार किया जाता है। इस बार सूर्य 16 दिसंबर से धनु राशि में प्रवेश कर रहे हैं।इस दिन से ही खरमास आरंभ हो जाएगा, जो 14 जनवरी 2022 तक रहेगा। इस दौरान शादी, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश, नए व्यापार का आरंभ जैसे सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों पर रोक लग जायेगी। यह लगभग एक महीने तक रहेगा। मकर संक्रांति को खरमास का समापन होगा। इस दिन के बाद पुनः मांगलिक कार्य आरंभ हो जायेंगे। 
मकर संक्रांति पर समाप्त होगा खरमास
लगभग एक माह बाद सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा। इस दिन को मकर संक्रांति पर्व मनाया जायेगा है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर दान पुण्य की जाएगी। इस दिन से सभी प्रकार के मांगलिक कार्य प्रारंभ होंगे।
खरमास के बाद शादी की शुभ मुहूर्त
खरमास के बाद नये साल 2022 में शादी की शुभ मुहूर्त जनवरी में 15, 20, 23, 24, 27, 28, 29, 30 को है।