कॉफी, साजिश और हत्या... CCTV ने खोला राज, सिया-चेतन एक-दूसरे पर मढ़ रहे हत्या का आरोप
पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर हत्या की साजिश रचने के आरोप लगे हैं। CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और बदलते बयानों ने इस हाई-प्रोफाइल केस को नया मोड़ दे दिया है।
HighLights
- केतन अग्रवाल की मौत के मामले में मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी गिरफ्तार
- दोनों एक-दूसरे पर लगा रहे हत्या की साजिश रचने का आरोप
- जांच में सामने आया कि हत्या से पहले दोनों कैफे में मिले थे
- CCTV फुटेज में हुडी पहने चेतन का पीछा करते हुए दिखना जांच का बड़ा सबूत बना
- पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन को कथित तौर पर खाई में धक्का दिया गया
- सिया के बदलते बयानों और मोबाइल में तस्वीरें न मिलने से बढ़ा शक
- केतन की बहन के सवालों और परिवार की शिकायत के बाद जांच ने नया मोड़ लिया
- कॉल रिकॉर्ड्स के अनुसार, सिया और चेतन लगातार संपर्क में थे
मुंबई/पुणे (Threesocieties.com Desk): पुणे के युवा कारोबारी और रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब देश के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल हो गया है। शुरुआत में जिस घटना को ट्रैकिंग के दौरान हुआ एक हादसा बताया गया था, अब पुलिस जांच में वह कथित तौर पर सुनियोजित हत्या की साजिश के रूप में सामने आ रही है।
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जांच के केंद्र में हैं केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी। दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और पूछताछ के दौरान एक-दूसरे पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं।
कैफे में बनी कथित साजिश, किले पर दिया गया अंजाम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 18 जून को घटना वाले दिन सिया और चेतन एक कैफे में मिले थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि वहीं पर लोहागढ़ किले पर केतन को ले जाकर कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई गई। इसके बाद दोनों ने किले के उस हिस्से की पहचान की, जहां से किसी व्यक्ति को नीचे धकेलने पर घटना को दुर्घटना का रूप दिया जा सके। पुलिस का आरोप है कि दोपहर तक इस योजना को अंजाम दे दिया गया।
'फोटो खिंचवाते वक्त पैर फिसल गया' वाली कहानी पर उठे सवाल
घटना के तुरंत बाद सिया गोयल ने परिवार और पुलिस को बताया कि केतन फोटो खिंचवा रहे थे और अचानक उनका पैर फिसल गया, जिससे वे खाई में गिर गए। हालांकि बाद में उसके बयान बदलते रहे। कभी उसने कहा कि फोटो लेते समय हादसा हुआ, तो कभी पानी की बोतल देते वक्त गिरने की बात कही। यही विरोधाभास जांच एजेंसियों के लिए संदेह का बड़ा कारण बना।
मोबाइल में नहीं मिली एक भी तस्वीर
जांच के दौरान पुलिस ने जब सिया का मोबाइल फोन खंगाला तो उसमें घटना वाले दिन की एक भी तस्वीर नहीं मिली। जबकि दावा किया गया था कि फोटो खिंचवाने के दौरान यह हादसा हुआ था। इस तथ्य ने जांच को नई दिशा दी और पुलिस ने मामले को हत्या के एंगल से जांचना शुरू कर दिया।
CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत
मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस ने लोहागढ़ किले की तलहटी और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले। जांच में एक हुडी पहने संदिग्ध युवक दिखाई दिया, जो कथित तौर पर केतन और सिया का पीछा करता नजर आया। बाद में पुलिस ने उसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में की। जांचकर्ताओं का कहना है कि चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हुडी और हेडफोन का इस्तेमाल किया था।
केतन की बहन के शक ने बदली जांच की दिशा
परिवार के अनुसार, केतन की बहन को शुरुआत से ही हादसे की कहानी पर भरोसा नहीं था। अंतिम संस्कार के बाद जब सिया परिवार से मिलने पहुंची, तब बहन ने उससे घटना से जुड़े कई सवाल पूछे। बताया जाता है कि सिया के जवाबों में विरोधाभास दिखाई दिया, जिसके बाद परिवार ने पुलिस से दोबारा जांच की मांग की।
कॉल रिकॉर्ड और चैट्स की जांच जारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तकनीकी जांच में यह सामने आया कि सिया और चेतन लंबे समय से संपर्क में थे। कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ी जा सके।
जांच अभी जारी, अंतिम निष्कर्ष बाकी
पुलिस फिलहाल CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और दोनों आरोपियों के बयानों का मिलान कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और अदालत में सबूतों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल यह मामला प्रेम संबंध, विश्वासघात और कथित साजिश के ऐसे संगम के रूप में सामने आया है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।






