वेनेजुएला में 39 सेकंड में आए दो विनाशकारी भूकंप, 164 की मौत, 971 घायल
वेनेजुएला में 39 सेकंड के भीतर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो विनाशकारी भूकंप आए। इमारतें ढहीं, एयरपोर्ट क्षतिग्रस्त हुआ और 10 हजार से अधिक लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है।
HighLights
- 39 सेकंड में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप
- 10 हजार से अधिक लोगों की मौत की आशंका
- कराकास समेत कई शहरों में भारी तबाही
- एयरपोर्ट की छत का हिस्सा गिरा, कई इमारतें ढहीं
- राष्ट्रीय आपातकाल घोषित, राहत-बचाव अभियान जारी
- कैरिबियन क्षेत्र में सुनामी अलर्ट जारी
- भारत और अमेरिका ने मदद की पेशकश की
कराकस (Threesocieties.com Desk): दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। महज 39 सेकंड के भीतर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो जोरदार झटकों ने राजधानी कराकास समेत कई शहरों को हिलाकर रख दिया। लोगों ने बताया कि भूकंप के बाद 60 सेकेंड तक शहर हिलता रहा। 20 ऑफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए हैं। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक अब तक 164 मौतों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 971 घायल हैं।
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ये भूकंप ऐसे दिन आए, जब पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश था। 1821 में स्पेन के खिलाफ आजादी की लड़ाई की ऐतिहासिक जीत की सालगिरह पर स्कूल और दफ्तर बंद थे। इसी वजह से ज्यादातर लोग अपने घरों में मौजूद थे।अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप से 10 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की 44% आशंका है। वहीं, 30% आशंका एक लाख लोगों के जान गंवाने की भी है।अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जबकि कुछ ही सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंपों का केंद्र राजधानी कराकास से पश्चिम दिशा में स्थित क्षेत्रों के आसपास था।
इमारतें ढहीं, सड़कें फटीं, एयरपोर्ट को नुकसान
भूकंप के बाद राजधानी कराकास सहित कई शहरों में बहुमंजिला इमारतों, मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर सड़कें फट गईं और भवनों के मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कराकास एयरपोर्ट की छत का एक हिस्सा भी गिर गया, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। देश के सबसे बड़े हवाई अड्डे को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
राष्ट्रीय आपातकाल घोषित
भूकंप के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सेना, नागरिक सुरक्षा बल और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को तैनात कर दिया है। राष्ट्रपति ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
10 हजार से 1 लाख मौतों की आशंका
USGS के शुरुआती अनुमानों के अनुसार इस विनाशकारी आपदा में 10 हजार से लेकर एक लाख तक लोगों की मौत हो सकती है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि जनहानि और आर्थिक नुकसान का स्तर बेहद गंभीर हो सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से अब तक मृतकों और घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है।
मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान जारी
भूकंप के बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया दल लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए भारी मशीनों और विशेष टीमों की मदद ली जा रही है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि कई इलाकों में संचार और बिजली सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे राहत कार्यों में कठिनाई आ रही है।
सुनामी का अलर्ट जारी
भूकंप के बाद कैरिबियन क्षेत्र के कई हिस्सों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। विशेषज्ञों ने तटीय इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
अमेरिका ने मदद का हाथ बढ़ाया
भूकंप के बाद अमेरिका ने वेनेजुएला को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि वे राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए तैयार हैं।
भारत ने भी जताई संवेदना
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भीषण त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए वेनेजुएला की जनता और सरकार के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।
126 वर्षों का सबसे बड़ा भूकंप
विशेषज्ञों के अनुसार यह पिछले 126 वर्षों में वेनेजुएला में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 1900 में 7.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। लगातार आफ्टरशॉक्स की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और खुले स्थानों पर रहने की अपील की है।






