धनबाद शक्ति मंदिर में सेवा का अद्भुत उदाहरण: निशुल्क नेत्र जांच शिविर में 51 मरीजों की जांच

धनबाद के शक्ति मंदिर में श्री भगवती जागरण कमिटी द्वारा आयोजित निशुल्क नेत्र जांच शिविर में 51 मरीजों की जांच हुई। 6 मरीजों में मोतियाबिंद की पहचान, इलाज और आने-जाने की मुफ्त व्यवस्था की गई।

धनबाद शक्ति मंदिर में सेवा का अद्भुत उदाहरण: निशुल्क नेत्र जांच शिविर में 51 मरीजों की जांच
समाज सेवा की मिसाल बना शक्ति मंदिर।

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद में धर्म और सेवा का अनोखा संगम देखने को मिला, जहां श्री श्री श्री भगवती जागरण कमिटी, शक्ति मंदिर द्वारा एक सराहनीय पहल करते हुए निशुल्क नेत्र जांच शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि समाज सेवा की मिसाल भी पेश की।

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शिविर का शुभारंभ मातारानी के जयकारों और दीप प्रज्वलन के साथ विधिवत रूप से किया गया। सुबह 9:15 बजे से शुरू हुए इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और अपने नेत्रों की जांच कराई।

 51 मरीजों की जांच, 6 में मिला मोतियाबिंद

इस स्वास्थ्य शिविर में लायंस खड़किया हॉस्पिटल, रघुनाथपुर (चिरकुंडा) के अनुभवी चिकित्सक डॉ. सूर्यकांत और उनकी टीम ने अपनी सेवाएं दीं। कुल 51 मरीजों की आंखों की जांच की गई, जिनमें से 6 मरीजों में मोतियाबिंद (Cataract) की पहचान हुई।

मुफ्त ऑपरेशन और यात्रा की व्यवस्था

कमिटी की ओर से यह सुनिश्चित किया गया है कि चिन्हित मरीजों का इलाज भी पूरी तरह निशुल्क हो। एक मरीज का फ्री ऑपरेशन और लेंस प्रत्यारोपण लायंस खड़किया हॉस्पिटल में कराया जाएगा। साथ ही, मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों के लिए चिरकुंडा तक आने-जाने की मुफ्त सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

जागरूकता की ओर बढ़ते कदम

इस शिविर की खास बात यह रही कि लोगों में नेत्र स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ती दिखी। बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से जांच कराई, जो समाज में बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता का सकारात्मक संकेत है।

कमिटी के सदस्यों का सराहनीय योगदान

इस सफल आयोजन में कमिटी के अध्यक्ष एस.पी. सोंधी, सचिव अरुण भंडारी, उपाध्यक्ष राजीव सचदेवा, संयुक्त सचिव सुरेंद्र अरोड़ा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र ठक्कर सहित सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और सेवादारों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में मंदिर के कर्मचारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

 समाज सेवा की मिसाल बना शक्ति मंदिर

धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ इस तरह के जनसेवा कार्य यह साबित करते हैं कि शक्ति मंदिर कमिटी केवल आस्था ही नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए भी लगातार कार्य कर रही है।