चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को मां भद्रकाली–कौलेश्वरी धाम आने का दिया न्योता
चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर विश्वविख्यात माँ भद्रकाली और कौलेश्वरी मंदिर आने का निमंत्रण दिया। क्षेत्र की धार्मिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली नई पहचान।
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): झारखंड के चतरा लोकसभा क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम पहल हुई है। चतरा के सांसद कालीचरण सिंह ने देश की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार मुलाकात कर उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों—माँ भद्रकाली और माँ कौलेश्वरी मंदिर—आने का सादर आमंत्रण दिया।
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माँ भद्रकाली मंदिर का प्रतीक चिन्ह भेंट
इस खास मुलाकात के दौरान सांसद ने राष्ट्रपति को विश्वविख्यात माँ भद्रकाली मंदिर का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। यह प्रतीक चिन्ह चतरा की आस्था, परंपरा और ऐतिहासिक महत्व का प्रतिनिधित्व करता है। सांसद कालीचरण सिंह ने राष्ट्रपति को बताया कि माँ भद्रकाली मंदिर न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश में श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां हर साल हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

कौलेश्वरी धाम की भी दी जानकारी
मुलाकात के दौरान सांसद ने माँ कौलेश्वरी मंदिर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह स्थल न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी झारखंड का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
राष्ट्रपति को दिया विशेष आमंत्रण
सांसद ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दोनों मंदिरों में पधारने का सादर निमंत्रण दिया और आशा जताई कि उनके आगमन से क्षेत्र के विकास और पर्यटन को नई गति मिलेगी।
क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण
यह मुलाकात चतरा लोकसभा क्षेत्र के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि राष्ट्रपति के संभावित दौरे से क्षेत्र की पहचान देशभर में और मजबूत होगी।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राष्ट्रपति का दौरा होता है, तो चतरा जिले में धार्मिक पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।






