झारखंड ट्रेजरी घोटाला: DSP-SP तक पहुंची जांच की आंच, 33 करोड़ से ज्यादा की फर्जी निकासी; CM का सख्त एक्शन

झारखंड में ट्रेजरी घोटाले का दायरा बढ़ता जा रहा है। बोकारो-हजारीबाग के बाद पलामू में भी गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। करोड़ों की फर्जी निकासी में DSP-SP तक जांच पहुंच गई है, CM हेमंत सोरेन ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

झारखंड ट्रेजरी घोटाला: DSP-SP तक पहुंची जांच की आंच, 33 करोड़ से ज्यादा की फर्जी निकासी; CM का सख्त एक्शन
प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल।

रांची (Threesocieties.com Desk) : झारखंड में ट्रेजरी से करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी का मामला अब बड़ा घोटाला बनता जा रहा है। बोकारो और हजारीबाग के बाद अब पलामू में भी अवैध निकासी के संकेत मिलने से हड़कंप मच गया है। इस पूरे मामले में पुलिस विभाग के अधिकारी भी जांच के घेरे में आ गए हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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बोकारो में 6.25 करोड़ हजारीबाग में 27 करोड़ के बाद अब पलामू में भी पुलिसकर्मियों के वेतन से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी का मामला उजागर हुआ है।जांच के दौरान यह सामने आया है कि हजारीबाग और बोकारो में डीएसपी स्तर के अधिकारी डीडीओ (Drawing and Disbursing Officer) का चार्ज संभाल रहे थे। वहीं, कुछ मामलों में एसपी द्वारा भी यह जिम्मेदारी निभाई गई थी। ऐसे में अब इन अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

2014 से चल रहा था फर्जीवाड़ा, अब खुल रही परतें

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह घोटाला कोई नया नहीं, बल्कि वर्ष 2014 से ही चल रहा था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे राज्य के अन्य जिलों में भी इसी तरह की गड़बड़ियों के संकेत मिल रहे हैं।

पलामू में भी गड़बड़ी का शक, ज्यादा भुगतान के मामले सामने

बोकारो और हजारीबाग के बाद अब पलामू ट्रेजरी में भी अनियमितताओं की बात सामने आई है। कुबेर पोर्टल के जरिए अधिक भुगतान के 3-4 संदिग्ध मामले मिले हैं। आशंका है कि पुलिसकर्मियों के वेतन मद में ही ज्यादा भुगतान किया गया। हालांकि, ट्रेजरी अधिकारियों ने गड़बड़ी से इनकार किया है, लेकिन वित्त विभाग ने पलामू डीसी से विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है।

CM हेमंत सोरेन का सख्त रुख, “शुरुआत से हो जांच”

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पूरे मामले पर कड़ी नाराजगी जताई है। प्रोजेक्ट भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि मामले की जांच शुरुआत से की जाए। एक-एक कड़ी जोड़कर दोषियों की पहचान हो। दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। सीएम ने कहा कि “यह कृत्य बर्दाश्त से बाहर है और सरकार किसी को नहीं छोड़ेगी।”

मास्टरमाइंड की लग्जरी लाइफ: हेलीकॉप्टर से पार्टी, रोज खर्च 40 हजार

जांच में सामने आया कि इस घोटाले का मास्टरमाइंड शंभु कुमार बेहद आलीशान जिंदगी जी रहा था। हेलीकॉप्टर से दोस्तों के साथ दीघा जाकर पार्टी, रोजाना 30-40 हजार रुपये खर्च, सट्टा खेलने की लत व  हर साल भव्य न्यू ईयर पार्टी, इसके अलावा, आरोपियों ने अवैध कमाई से जमीन और महंगी गाड़ियां (स्कॉर्पियो, थार, इनोवा) खरीदीं।

सिस्टम की बड़ी खामी बनी घोटाले की वजह

जांच में झारखंड की वित्तीय प्रणाली की गंभीर कमजोरियां उजागर हुई हैं: सरकारी कर्मचारियों का पे-आईडी आधार से लिंक नहीं, गलत पे-आईडी पकड़ने का कोई मजबूत सिस्टम नहीं, डीडीओ स्तर पर लापरवाही, अकाउंटेंट की मिलीभगत। इन्हीं खामियों का फायदा उठाकर करोड़ों रुपये की फर्जी निकासी की गई।

कैसे हुआ फर्जीवाड़ा? चौंकाने वाले खुलासे

जांच में कई चौंकाने वाले तरीके सामने आए:

रिटायर्ड कर्मचारियों की जन्मतिथि बदलकर उन्हें सक्रिय दिखाया गया
बैंक अकाउंट नंबर बदलकर पैसे दूसरे खातों में ट्रांसफर किए गए
बोकारो में अकाउंटेंट ने अपनी पत्नी के खाते में पैसे भेजे
बिना उचित सत्यापन के भुगतान जारी किया गया
6.25 करोड़ से ज्यादा की निकासी, बढ़ सकती है रकम

बोकारो ट्रेजरी मामले में अब तक 6.25 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी निकासी सामने आ चुकी है।

उपेंद्र सिंह के नाम पर 4.5 करोड़ रुपये
अन्य कई कर्मचारियों के नाम पर 2.25 करोड़ रुपये

जांच में कई बैंक खाते और कर्मचारी संदेह के दायरे में हैं।

कई टीमें जांच में जुटी, हर दिन हो रहे नए खुलासे

हजारीबाग में 27.25 करोड़ की अवैध निकासी

हजारीबाग में पुलिस विभाग के अकाउंट सेक्शन से करोड़ों रुपए की अवैध निकासी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में जहां यह गड़बड़ी 15.41 करोड़ बताई गई थी, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर करीब 28 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।  पिछले 14 वर्षों से सुनियोजित तरीके से सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा था।

3 सिपाही मास्टरमाइंड, पत्नियां भी गिरफ्तार

इस बड़े घोटाले में पुलिस ने अकाउंट सेक्शन में कार्यरत तीन सिपाहियों— शंभु कुमार (मास्टरमाइंड), धीरेंद्र कुमार सिंह व  रजनीश कुमार सिंह उर्फ पंकज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके अलावा शंभु और रजनीश की पत्नियों को भी न्यायिक हिरासत में लिया गया है। कुल मिलाकर अब तक 5 लोगों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि रिश्तेदारों से पूछताछ की तैयारी जारी है।

बाल सिपाही के नाम पर फर्जीवाड़ा, परिवार के खातों में ट्रांसफर

जांच में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने बाल सिपाही (ट्रेनी कॉन्स्टेबल) के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इन फर्जी दस्तावेजों में अपने परिवार के लोगों के बैंक खाते जोड़कर नकली बिल बनाए गए और ट्रेजरी से रकम ट्रांसफर कराई गई। शंभु कुमार 2012 से इस खेल को चला रहा था। 2019 में धीरेंद्र और रजनीश को शामिल किया गया। इसके बाद लगातार फर्जी खातों में पैसा ट्रांसफर होता रहा।
अवैध कमाई से आलीशान संपत्ति, करोड़ों का मकान

जांच में सामने आया कि शंभु कुमार ने हजारीबाग के भवानी कॉलोनी में एसपी कोठी के पीछे तीन मंजिला आलीशान मकान बनवाया है। 8 फ्लैट वाला यह मकान पत्नी के नाम पर है। इसकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। जांच में अब उसके संपत्ति की विस्तृत जांच और मूल्यांकन शुरू हो गया है। इस घोटाले की जांच के लिए: वित्त विभाग की 6 सदस्यीय टीम व जिला स्तर पर डीसी और एसपी की टीमें लगातार जांच कर रही हैं। लेखापाल कार्यालय के कंप्यूटर, रजिस्टर और ई-पोर्टल डेटा की गहन जांच की जा रही है, साथ ही कई कर्मचारियों से पूछताछ जारी है।