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धनबाद( Threesocieties.com Desk):  झारखंड की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में गुरुवार को बड़ी सफलता मिली। राज्य की महत्वपूर्ण 220 केवी दुमका–गोविंदपुर ट्रांसमिशन लाइन के एक सर्किट के एलआईएलओ (LILO) का सफल चार्जिंग कार्य पूरा कर लिया गया। इस परियोजना के चालू होने के साथ ही झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड (JUSNL) अब एनकेटीएल (अडानी) से लगभग 450 मेगावाट तक अतिरिक्त बिजली प्राप्त करने में सक्षम हो गया है।

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ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि राज्य में बढ़ती बिजली मांग और भीषण गर्मी के दौरान राहत देने में बेहद अहम साबित होगी। खासकर पीक आवर्स में होने वाली लोड शेडिंग को नियंत्रित करने में इस नई ट्रांसमिशन लाइन की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

कई जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

फिलहाल इस लाइन के माध्यम से दुमका क्षेत्र को करीब 103 मेगावाट और गोविंदपुर ग्रिड सब स्टेशन को लगभग 80 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जा रही है। आने वाले दिनों में जब लाइन अपनी पूर्ण क्षमता पर संचालित होगी, तब राज्य के कई जिलों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इस परियोजना से दुमका, साहिबगंज, पाकुड़, देवघर, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो जैसे जिलों को सीधा फायदा मिलेगा। वहीं गोविंदपुर, चंदनकियारी, जैनामोड़, महारो, जसीडीह, सरिया और लालमटिया सहित कई ग्रिड सब स्टेशनों की विद्युत आपूर्ति और अधिक मजबूत होगी।

गर्मी में लोगों को मिलेगी राहत

राज्य में इन दिनों भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। कई इलाकों में बार-बार बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही थीं। ऐसे समय में इस ट्रांसमिशन लाइन का शुरू होना आम उपभोक्ताओं, उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अतिरिक्त 450 मेगावाट बिजली मिलने से न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को फायदा होगा, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति बेहतर होगी, जिससे उत्पादन क्षमता प्रभावित नहीं होगी।

अधिकारियों और इंजीनियरों की मेहनत रंग लाई

जेयूएसएनएल के प्रबंध निदेशक केके वर्मा ने इस उपलब्धि को अधिकारियों, अभियंताओं और साइट पर कार्यरत तकनीकी टीमों के समन्वित प्रयास का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की ट्रांसमिशन क्षमता को लगातार मजबूत किया जा रहा है ताकि भविष्य में बिजली संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना से झारखंड की ऊर्जा संरचना को नई मजबूती मिलेगी और आने वाले समय में राज्य को स्थायी एवं बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।