हजारीबाग डबल मर्डर मिस्ट्री सॉल्व: दोस्ती के बहाने ले गया, 14 साल की बच्ची और 3 साल के मासूम भाई की कर दी हत्या

हजारीबाग के कटकमदाग थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय बच्ची और उसके 3 वर्षीय भाई की निर्मम हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आरोपी संजित पासवान गिरफ्तार, CCTV और SIT जांच से खुली पूरी साजिश।

हजारीबाग डबल मर्डर मिस्ट्री सॉल्व: दोस्ती के बहाने ले गया, 14 साल की बच्ची और 3 साल के मासूम भाई की कर दी हत्या
हजारीबाग डबल मर्डर का सनसनीखेज खुलासा।

  • आरोपी संजित पासवान गिरफ्तार, पूछताछ में जुर्म कबूला
  • मोबाइल दिलाने और घुमाने के बहाने बच्चों को ले गया था आरोपी
  • बच्ची का शव श्मशान घाट और भाई का शव कुएं से बरामद हुआ
  • CCTV फुटेज और SIT जांच बनी सबसे बड़ी कड़ी

हजारीबाग (Threesocieties.com Desk): झारखंड के हजारीबाग में 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची और उसके तीन वर्षीय भाई की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। कई दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन, तकनीकी जांच और CCTV फुटेज की मदद से पुलिस आखिरकार आरोपी तक पहुंच गई।

यह भी पढ़ें: कर्नाटक: संविधान हाथ में लेकर डीके शिवकुमार ने ली CM पद की शपथ, जी परमेश्वर बने डिप्टी CM

30 मई को दर्ज हुई थी अपहरण की शिकायत

मृत बच्चों के पिता मो. आमिर ने 30 मई को कटकमदाग थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी और बेटा अचानक लापता हो गए हैं। शिकायत के बाद पुलिस ने कटकमदाग थाना कांड संख्या 90/26 के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया और तत्काल जांच शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने खुद मौके का निरीक्षण किया और शहर के विभिन्न इलाकों में चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया। आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई।

SIT बनाई गई, हर एंगल से हुई जांच

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) अमित कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन, CCTV फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

श्मशान घाट में मिला बच्ची का शव, कुएं से मिला भाई का शव

31 मई को कोर्रा थाना क्षेत्र के सिंदूर गांव स्थित श्मशान घाट से बच्ची का शव मिलने की सूचना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। पुलिस ने तुरंत FSL टीम और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया। इसके बाद चलाए गए व्यापक सर्च अभियान में बच्ची के तीन वर्षीय भाई का शव श्मशान घाट से लगभग 500 मीटर दूर एक कुएं से बरामद किया गया। दोनों शवों की पहचान परिजनों ने की।

CCTV फुटेज ने खोला पूरा राज

जांच के दौरान पुलिस को एक CCTV फुटेज मिला जिसमें एक व्यक्ति दोनों बच्चों को स्कूटी पर बैठाकर ले जाता दिखाई दिया। तकनीकी जांच और फुटेज के आधार पर उसकी पहचान ओला शोरूम में काम करने वाले संजित पासवान के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने लगातार छापेमारी शुरू की और आखिरकार आरोपी को शहर छोड़कर भागने की कोशिश के दौरान गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में कबूला जुर्म, सुनाई खौफनाक कहानी

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले करीब दो महीनों से बच्ची को ओला शोरूम के आसपास आते-जाते देखता था। उसने बच्ची से जान-पहचान बढ़ाई और कई बार खाने-पीने के लिए पैसे भी दिए।आरोपी के अनुसार, वह 27 मई को दोनों बच्चों को घुमाने और नया मोबाइल दिलाने का झांसा देकर सिंदूर स्थित श्मशान घाट ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर उसने बच्ची की हत्या कर दी।

घटना का राज खुलने के डर से आरोपी ने तीन वर्षीय भाई की भी गला दबाकर हत्या कर दी और शव को बोरे में भरकर कुएं में फेंक दिया।

आरोपी की निशानदेही पर मिले अहम सबूत

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कूटी (JH-02BH-8804) और प्लास्टिक का बोरा बरामद किया है। पुलिस का दावा है कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का लगभग पूरा खुलासा कर लिया गया है।

शहर में गुस्सा, मासूमों के लिए न्याय की मांग

इस जघन्य घटना के सामने आने के बाद पूरे हजारीबाग में भारी आक्रोश है। लोग आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। वहीं, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और SIT जांच से मामले के जल्द खुलासे पर लोगों ने राहत भी जताई है।

यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़े गंभीर सवालों में से एक बन चुकी है।