झारखंड: एस्सार प्लांट कर्मियों के लौटेंगे ‘अच्छे दिन’, सांसद कालीचरण सिंह के भरोसे से जगी नई उम्मीद

चंदवा एस्सार प्लांट के पूर्व कर्मचारियों को सांसद कालीचरण सिंह के आश्वासन से राहत की उम्मीद जगी है। नौकरी बहाली और वेतन भुगतान को लेकर कर्मियों ने सांसद से लगाई गुहार।

झारखंड: एस्सार प्लांट कर्मियों के लौटेंगे ‘अच्छे दिन’, सांसद कालीचरण सिंह के भरोसे से जगी नई उम्मीद
कालीचरण सिंह नेकर्मियों को भरोसा दिलाया।

                              HighLights

  • ओडिशा एलाय स्टील पर बिना सूचना नौकरी से निकालने का आरोप
  • 10–15 साल सेवा देने वाले कर्मियों के सामने रोज़गार का संकट
  • नौकरी बहाली और वेतन भुगतान की उठी जोरदार मांग

लातेहार। (Threesocieties.com Desk)। झारखंड में लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड के जमीरा पंचायत स्थित एस्सार पावर प्लांट में पूर्व में कार्यरत सैकड़ों कर्मियों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। चतरा के सांसद कालीचरण सिंह द्वारा समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद वर्षों से रोजगार और वेतन भुगतान की समस्या से जूझ रहे कर्मियों में नई आस जगी है।

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13 जनवरी को चंदवा दौरे पर पहुंचे सांसद कालीचरण सिंह से एस्सार प्लांट के पूर्व कर्मियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने संवाद किया। इस दौरान निर्मल शर्मा, अरुण ठाकुर सहित अन्य कर्मियों ने सांसद को बताया कि कभी चंदवा को औद्योगिक नगरी के रूप में पहचान दिलाने वाला एस्सार पावर प्लांट बंद होने के बाद क्षेत्र की आर्थिक रौनक पूरी तरह खत्म हो गयी है।

कर्मियों ने कहा कि नई कंपनी के आगमन से उन्हें उम्मीद थी कि चंदवा के लोगों के दिन फिर बहुरेंगे और रोजगार मिलेगा, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट साबित हुई। NCLT कोर्ट की प्रक्रिया के दौरान भी एस्सार में कार्यरत कर्मियों और रैयतों को वेतन का भुगतान होता रहा, लेकिन जैसे ही कोर्ट के आदेश पर प्लांट को ओडिशा एलाय स्टील प्राइवेट लिमिटेड (रेशमी मटैलिक) को हैंडओवर किया गया, हालात बिगड़ते चले गये।

पूर्व कर्मियों का आरोप है कि नई कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना के सभी कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया। इस संबंध में प्रशासनिक पदाधिकारियों से शिकायत भी की गई और रेशमी मटैलिक प्रबंधन के साथ प्रशासनिक स्तर पर वार्ता हुई, लेकिन इसके बावजूद प्रबंधन ने अड़ियल रवैया अपनाए रखा। कर्मियों का कहना है कि कंपनी का यह रवैया कोर्ट और प्रशासनिक आदेशों की खुलेआम अवहेलना है।

कर्मचारियों ने सांसद को बताया कि 10 से 15 वर्षों तक प्लांट में काम करने के कारण अब उनकी उम्र ऐसी नहीं बची है कि वे किसी दूसरी कंपनी में आसानी से नौकरी पा सकें। अचानक नौकरी छिन जाने से उनके सामने गंभीर जीविकोपार्जन का संकट खड़ा हो गया है और कई परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं।

पूर्व कर्मियों ने सांसद से मांग की कि तत्काल हस्तक्षेप कर नौकरी बहाली और बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। इस पर सांसद कालीचरण सिंह ने भरोसा दिलाया कि कर्मियों की समस्या उनके लिए एक चुनौती है और वे हरसंभव प्रयास कर इसका समाधान निकालेंगे।सांसद के इस आश्वासन के बाद एस्सार प्लांट के पूर्व कर्मियों और उनके परिवारों में उम्मीद की नई किरण दिखाई देने लगी है।