लोकसभा में गरजे सांसद ढुलू महतो: धनबाद रेल मंडल को रेलवे ज़ोन बनाने व वंदे भारत ठहराव की मांग
लोकसभा में धनबाद सांसद ढुलू महतो ने रेल बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान धनबाद रेल मंडल को रेलवे ज़ोन बनाने, वंदे भारत ट्रेन ठहराव, गोमो में MEMU शेड और बोकारो में SAIL के 18 स्कूल बंद होने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया।
- लोकसभा में उठी रेल, शिक्षा और विकास की बड़ी आवाज
- 18 SAIL स्कूल बंद करने पर सरकार से जवाब मांगा
- 55 साल बाद बोकारो स्टील प्लांट विस्तार को मंजूरी:
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): धनबाद से सांसद Dhullu Mahto ने बुधवार को Lok Sabha में रेल बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान अपने संसदीय क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं और अपेक्षाओं को मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि धनबाद सहित पूरे झारखंड के विकास के लिए रेलवे कनेक्टिविटी, यात्री सुविधाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए।
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सांसद ने सदन के माध्यम से कई महत्वपूर्ण मांगें रखते हुए कहा कि धनबाद रेल मंडल को स्वतंत्र रेलवे ज़ोन का दर्जा दिया जाना चाहिए, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सके।

धनबाद रेल मंडल को स्वतंत्र रेलवे ज़ोन बनाने की मांग
सांसद ढुलू महतो ने कहा कि कोयला नगरी धनबाद देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देती है। ऐसे में Dhanbad रेल मंडल को स्वतंत्र रेलवे ज़ोन का दर्जा मिलना चाहिए।
उन्होंने यह भी मांग रखी कि
धनबाद रेलवे स्टेशन को मेगा कोचिंग टर्मिनल योजना में शामिल किया जाए
स्पेशल ट्रेनों को नियमित रूप से चलाया जाए
जर्जर रेल पुलों का शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए
नई ट्रेनों का विस्तार कर कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाए
सांसद ने कहा कि इन कदमों से लाखों यात्रियों को सुविधा मिलेगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
गोमो में MEMU शेड और वंदे भारत ट्रेन ठहराव की मांग
सांसद ने Netaji Subhas Chandra Bose Gomoh में MEMU शेड की स्थापना की मांग करते हुए कहा कि इससे स्थानीय ट्रेनों के संचालन और रखरखाव में सुधार होगा।इसके साथ ही उन्होंने हाई-स्पीड Vande Bharat Express ट्रेन का ठहराव धनबाद क्षेत्र में सुनिश्चित करने की मांग भी की, ताकि यात्रियों को तेज और आधुनिक रेल सेवा का लाभ मिल सके।

SAIL स्कूल बंद होने का मुद्दा भी उठाया
रेल से जुड़े मुद्दों के अलावा सांसद ढुलू महतो ने स्टील मंत्रालय से जुड़े प्रश्न के माध्यम से Bokaro में Steel Authority of India Limited द्वारा संचालित स्कूलों को बंद किए जाने का गंभीर विषय भी लोकसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि लगभग 18 स्कूलों के बंद होने से हजारों बच्चों की शिक्षा पर सीधा असर पड़ा है। इससे
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता कम हो रही है
बच्चों के समान अवसर प्रभावित हो रहे हैं
अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है
सांसद ने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि यह निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया और क्या स्थानीय जनप्रतिनिधियों व समुदाय से इस पर चर्चा की गई थी।
स्कूलों को फिर से शुरू करने की मांग
ढुलू महतो ने कहा कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए इन स्कूलों को दोबारा संचालित करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि शिक्षा के अधिकार और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए।सांसद ने कहा कि धनबाद और झारखंड के विकास, यात्रियों की सुविधा तथा क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा के लिए उनका प्रयास आगे भी लगातार जारी रहेगा।
सांसद ढुलू महतो के प्रयासों से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता, रोजगार के खुलेंगे नए अवसर
धनबाद के सांसद Dhullu Mahto के लगातार प्रयासों के बाद झारखंड के औद्योगिक विकास से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। लगभग 55 वर्षों से लंबित बोकारो स्टील प्लांट के विस्तार को आखिरकार केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। यह निर्णय न केवल Bokaro बल्कि पूरे Jharkhand के औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
लोकसभा में उठाया गया था मुद्दा
सांसद ढुलू महतो ने पिछले लोकसभा सत्र में इस विषय को प्रमुखता से उठाते हुए Ministry of Steel का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था। उन्होंने बताया कि Bokaro Steel Plant के लिए मूल रूप से लगभग 10 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता को ध्यान में रखते हुए जमीन अधिग्रहित की गई थी। लेकिन करीब 55 वर्षों के बाद भी संयंत्र की उत्पादन क्षमता लगभग 5 मिलियन टन प्रतिवर्ष तक ही सीमित रही, जिसके कारण क्षेत्र की औद्योगिक संभावनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था।
ब्राउनफील्ड विस्तार को मिली मंजूरी
सांसद के प्रयासों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए Steel Authority of India Limited के अंतर्गत संचालित इस संयंत्र के लिए 2.65 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वृद्धि के ब्राउनफील्ड विस्तार को मंजूरी दी गई है। इस विस्तार के बाद संयंत्र की कुल कच्चे इस्पात उत्पादन क्षमता लगभग 5.25 मिलियन टन से बढ़कर करीब 7.9 मिलियन टन प्रति वर्ष हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे
क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी
झारखंड के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
दो साल में मिला बड़ा परिणाम
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पिछले पांच दशकों में कई जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल में यह मुद्दा उठता रहा, लेकिन इसे मंजूरी दिलाने की दिशा में ठोस प्रगति नहीं हो पाई थी। हालांकि सांसद ढुलू महतो ने अपने दो वर्षों के कार्यकाल के दौरान इस मुद्दे को लगातार संसद और मंत्रालय के स्तर पर उठाया, जिसके बाद यह निर्णय संभव हो सका।
प्रधानमंत्री और इस्पात मंत्रालय का जताया आभार
सांसद ढुलू महतो ने इस उपलब्धि के लिए Narendra Modi और इस्पात मंत्रालय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट का विस्तार झारखंड के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा और वे क्षेत्र के समग्र विकास के लिए आगे भी लगातार प्रयास करते रहेंगे।






