बिहार में इंजीनियर के पास 100 करोड़ की संपत्ति, दार्जिलिंग में चाय बागान, गर्लफ्रेंड के लिए नेपाल में बन रहा बंगला
बिहार में बिजली विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मनोज कुमार रजक पर EOU की बड़ी कार्रवाई। 7 ठिकानों पर छापेमारी में करीब 100 करोड़ की संपत्ति, दार्जिलिंग में चाय बागान, नेपाल में बंगला और कई जमीनों के दस्तावेज बरामद।
- बिजली विभाग के इंजीनियर पर EOU की बड़ी कार्रवाई
- सात ठिकानों पर छापा में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
पटना/मधुबनी(Threesocieties.com Desk): बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बिजली विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मनोज कुमार रजक के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। शुरुआती जांच में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ है।
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EOU की टीम ने मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, निर्मली, करजाइन और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी समेत 7 अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारा। करीब 8 घंटे तक चली इस कार्रवाई में जमीन, मकान, गोदाम, बैंक खातों और कई निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इससे भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
कई शहरों में फैला करोड़ों का संपत्ति नेटवर्क
जांच के दौरान सामने आया कि इंजीनियर मनोज रजक ने बिहार और पश्चिम बंगाल के कई शहरों में संपत्ति बना रखी है। EOU को मिले दस्तावेजों के अनुसार –
सुपौल के करजाइन में तीन मकान और गोदाम
निर्मली में एक बड़ा गोदाम
दरभंगा में आलीशान मकान
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में निवेश
दार्जिलिंग में चाय बागान में साझेदारी
इन संपत्तियों के दस्तावेजों ने अधिकारियों को चौंका दिया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इनकी कुल कीमत 100 करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है।
परिवार के नाम पर कारोबार और संपत्ति
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कई संपत्तियां और कारोबार परिवार के सदस्यों के नाम पर चलाए जा रहे थे। उनके भाई संजय रजक के नाम पर सुपौल में एचपी गैस एजेंसी चलती है। इसी एजेंसी के नाम पर खरीदी गई स्कॉर्पियो गाड़ी का उपयोग सरकारी कार्य में दिखाया गया। उनकी पत्नी वीणा भारती के नाम पर दरभंगा-बिरौल रोड पर एचपी पेट्रोल पंप के लिए जमीन लीज पर ली गई है। EOU ने इस मामले में भाई संजय रजक को भी सह-अभियुक्त बनाया है।
नेपाल में बन रहा बंगला, निजी जिंदगी के भी खुलासे
छापेमारी के दौरान मनोज रजक की निजी जिंदगी से जुड़े भी कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि उन्होंने अपनी पत्नी के रहते एक रिश्तेदार महिला से शादी कर ली थी। सूत्रों के अनुसार उस महिला के लिए नेपाल के सुनसरी जिले में एक आलीशान बंगला बनवाया जा रहा था। निर्माण कार्य के लिए मजदूरों को उनके गांव से भेजा जाता था। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां नेपाल में किए गए निवेश की भी जांच कर रही हैं।
17 जमीनों के दस्तावेज और कैश बरामद
छापेमारी के दौरान EOU को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।
17 जमीन और प्लॉट के कागजात
जिनकी कीमत 3 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है
1.05 लाख रुपये नकद बरामद
अलग-अलग बैंकों में 4.25 लाख रुपये जमा होने की जानकारी
अधिकारियों का कहना है कि बैंक खातों और निवेश की जांच अभी जारी है।
आय से 62% अधिक संपत्ति का केस दर्ज
EOU ने मनोज कुमार रजक के खिलाफ आय से 62.66 प्रतिशत अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया है। इसके बाद मुजफ्फरपुर स्थित निगरानी न्यायालय से सर्च वारंट लेकर यह छापेमारी की गई। फिलहाल एजेंसी दस्तावेजों और संपत्ति के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों को आशंका है कि सरकारी पद का दुरुपयोग कर काली कमाई का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया गया।
जांच में और बड़े खुलासे की संभावना
EOU अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई अभी शुरुआती चरण में है। जमीन, बैंक खातों, निवेश और विदेशों से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है। संभावना जताई जा रही है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और संपत्तियों और निवेश का खुलासा हो सकता है।






