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  • रह चुकी हैं जेएनयू की टापर स्टूडेंट

नई दिल्ली। सेंट्रल एजुकेशन मिनिस्टरी ने शांतिश्री धुलीपुडी पंडित को जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी की पहली महिला Vice Chancellor नियुक्ति किया है। शांतिश्री ने सोमवार को ही अपना पदभार भी ग्रहण कर लिया है। 

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शांतिश्री प्रो. एम जगदीश कुमार की जगह ली हैं। शांतिश्री धुलीपुडी पंडित को जेएनयू की पहली महिला वीसी बनने का गौरव हासिल हुआ है। इनका कार्यकाल पांच साल तक रहेगा। जेएनयू के पांच वर्ष तक वीसी रहे एम जगदीश कुमार को अभी हाल में ही यूजीसी का नया चेयरमैन बनाया गया है।शांतिश्री धुलीपुडी पंडित वर्तमान समय में महाराष्ट्र के पुणे स्थित सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान और लोक प्रशासन की प्रोफेसर हैं। वह पुणे यूनिवर्सिटी में पीजी स्टूडेंट्स को अंतरराष्ट्रीय संबंध, भारत की विदेश नीति, अंतरराष्ट्रीय संगठन, विश्व राजनीति, वैश्विक सुरक्षा संबंधित विषयों को पढ़ा रही थीं।
जेएनयू की टापर स्टूडेंट रही हैं शांतिश्री धुलीपुडी पंडित
शांतिश्री धुलीपुडी पंडित जेएनयू की टापर स्टूडेंट रही हैं। जेएनयू के स्कूल आफ इंटरनेशनल रिलेशन से 1986 से एमफिल किया। इन्हें ए ग्रेड (83.4 परसेंट नंबर) मिले थे और टापर रही थीं। जेएनयू से ही 1990 में "पार्लियामेंट एंड फारेन पालिसी इन इंडिया- नेहरू ईयर' विषय से पीएचडी भी किया।जेएनयू की पहली महिला वीसी का गौरव हासिल करने वाली शांतिश्री धुलीपुडी पंडित का जन्म रूस के सेंट पीट्सबर्ग में हुआ था। उन्होंने स्कूली शिक्षा मद्रास (चेन्नई) से हासिल किया। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के कैलिफोर्निया विवि से सोशल वर्क विषय में डिप्लोमा किया। इन्होने प्रेसिडेंसी कालेज, मद्रास से स्नातक किया और यहीं से राजनीति विज्ञान में भी पीजी किया।

गोवा यूनिवर्सिटी से अकेडमिक करियर की शुरुआत

प्रो. शांतिश्री पंडित ने 1988 में गोवा यूनिवर्सिटी से अपने अकेडमिक एजुकेशन करियर की शुरुआत की। पुणे यूनिवर्सिटी में 1993 में नियुक्ति हुई। उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक निकायों में प्रशासनिक पदों पर कार्य किया है। वह यूजीसी, आईसीएसएसआर की विभिन्न समितियों की भी सदस्य रहीं।

नौ भाषाओं की जानकार हैं  शांतिश्री पंडित

प्रो. शांतिश्री हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, तेलगु, तमिल, मराठी, कन्नड़, मलयालम और कोंकणी भाषा की जानकार हैं। प्रोफेसर पंडित ने अपने अकादमिक कार्यकाल में 31 पीएचडी, एमफिल शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया है। जेएनयू शिक्षकों ने शांतिश्री की नियुक्ति का स्वागत किया है।