बिहार कैबिनेट का फैसला: बेतिया राज की 24 हजार एकड़ जमीन पर सरकार का कब्जा, पटना जू से हटा संजय गांधी नाम
बिहार कैबिनेट ने बेतिया राज की 24 हजार एकड़ अवैध कब्जे वाली जमीन जब्त करने की नियमावली 2026 को मंजूरी दी। साथ ही पटना जू और डेयरी संस्थान से संजय गांधी का नाम हटाने, 20,937 पुलिस भर्ती और कई बड़े विकास प्रस्तावों को हरी झंडी मिली।
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार कैबिनेट ने बुधवार को कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई। इनमें सबसे चर्चित फैसला बेतिया राज की अवैध कब्जे वाली करीब 24 हजार एकड़ जमीन को राज्य सरकार के अधीन लाने का है। इसके साथ ही राजधानी पटना के प्रसिद्ध संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर अब ‘पटना जू’ कर दिया गया है।
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सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 63 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें भूमि सुधार, पुलिस भर्ती, शिक्षा, बिजली, सड़क, छात्रावास सहायता और बुनियादी ढांचे से जुड़े बड़े निर्णय शामिल हैं।
बेतिया राज की जमीन पर सरकार का कब्जा
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा तैयार नियमावली 2026 को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसके तहत बेतिया राज की बिहार और उत्तर प्रदेश में फैली करीब 24 हजार एकड़ जमीन पर बिहार सरकार अपना स्वामित्व स्थापित करेगी। बताया गया है कि इस जमीन का बड़ा हिस्सा वर्षों से अवैध कब्जे में है। सरकार अब इस पर कानूनी कार्रवाई कर कब्जा वापस लेगी।
सरकार ने बेतिया राज की वाराणसी स्थित 3.159 हेक्टेयर जमीन पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग को हेलीपोर्ट निर्माण की अनुमति भी दी है। हालांकि इसका स्वामित्व बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पास ही रहेगा। इस भूमि से जुड़ा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित है, इसलिए अंतिम निर्णय न्यायालय के अगले आदेश पर निर्भर करेगा।
बिहार पुलिस में 20,937 पदों पर होगी भर्ती
कैबिनेट बैठक में बिहार पुलिस को मजबूत करने के लिए 20,937 पदों पर बहाली को मंजूरी दी गई। इनमें से 50 प्रतिशत पद प्रोमोशन के जरिए भरे जाएंगे, जबकि बाकी पदों पर सीधी भर्ती परीक्षा के माध्यम से नियुक्ति होगी। इस फैसले से राज्य के युवाओं को रोजगार के बड़े अवसर मिलने की उम्मीद है।
‘संजय गांधी जैविक उद्यान’ अब बना ‘पटना जू’
राजधानी पटना के प्रसिद्ध संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर अब आधिकारिक रूप से ‘पटना जू’ कर दिया गया है। इसके साथ ही संजय गांधी डेयरी प्रौद्योगिकी संस्थान का नाम बदलकर ‘बिहार राज्य डेयरी प्रौद्योगिकी संस्थान’ कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 23,165 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इससे राज्य के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ मिलेगा और बिजली बिल का बोझ कम होगा।
गंगा पथ और सड़क परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ (करीब 90 किमी) के निर्माण को PPP मोड में मंजूरी दी। साथ ही बिदुपुर-दिघवारा के बीच 50 किलोमीटर लंबा नया गंगा पथ भी बनाया जाएगा, जिससे आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
छात्रावास सहायता राशि हुई दोगुनी
मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावास योजना के तहत सहायता राशि को 1000 रुपए से बढ़ाकर 2000 रुपए कर दिया गया है। इससे राज्य के 139 छात्रावासों में रह रहे लगभग 10,500 छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
हर जिले में बनेंगे आदर्श विद्यालय
‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत सभी जिला स्कूलों और प्रत्येक प्रखंड में एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इस योजना के लिए 8 अरब रुपए की मंजूरी दी गई है।
कई जिलों में जमीन आवंटन को हरी झंडी
कैबिनेट ने कई विकास परियोजनाओं के लिए जमीन आवंटन को भी मंजूरी दी—
पटना सिटी संदलपुर में राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान
आरा में केंद्रीय विद्यालय
नवादा में केंद्रीय विद्यालय
पश्चिम चंपारण में डिग्री कॉलेज
भागलपुर में थर्मल पावर परियोजना
बांका में सिपाही प्रशिक्षण विद्यालय
गया में उत्तर कोयल परियोजना
पटना पुरंदरपुर में NIFT की लीज 30 साल बढ़ाई गई
विकास और जनहित पर सरकार का फोकस
कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि बिहार सरकार रोजगार, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों पर बड़ा फोकस कर रही है।बेतिया राज की जमीन पर कब्जा वापस लेने से लेकर पुलिस भर्ती और बिजली सब्सिडी तक—सरकार ने कई मोर्चों पर बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। अब इन फैसलों के जमीन पर असर का इंतजार रहेगा।






