वासेपुर का ‘डिजिटल डॉन’ मेजर 3 दिन की रिमांड पर, प्रिंस खान गैंग के राज उगलवाएगी धनबाद पुलिस
धनबाद के वासेपुर के भगोड़े गैंगस्टर प्रिंस खान के करीबी गुर्गे सैयद सैफ अब्बास नकवी उर्फ शैफी उर्फ मेजर को अदालत ने 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। इंटरपोल की मदद से दुबई से गिरफ्तार मेजर से अब गैंग की फंडिंग, नेटवर्क और प्रिंस खान के ठिकानों को लेकर पूछताछ होगी।
- धनबाद पुलिस के सामने खोलेगा गैंग का राज
धनबाद (Threesocieties.com Desk): वासेपुर के कुख्यात भगोड़े गैंगस्टर प्रिंस खान के सबसे भरोसेमंद गुर्गों में शामिल सैयद सैफ अब्बास नकवी उर्फ शैफी उर्फ मेजर को अदालत ने तीन दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। धनबाद पुलिस अब उससे गैंग के नेटवर्क, फंडिंग, रंगदारी वसूली और दुबई में छिपे प्रिंस खान के ठिकानों को लेकर गहन पूछताछ करेगी।
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धनबाद के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बी.के. लाल की अदालत में पेशी के बाद यह आदेश दिया गया। पुलिस ने मेजर की सात दिनों की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीन दिन की पुलिस हिरासत मंजूर की।
कोर्ट ने पुलिस को दी सख्त हिदायत
रिमांड आदेश में अदालत ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के साथ किसी प्रकार की बर्बरता नहीं की जाएगी। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि रिमांड पर ले जाने से पहले उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाए और रिमांड अवधि पूरी होने के बाद भी दोबारा चिकित्सीय जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। मामले में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ सह रिमांड अधिवक्ता अजय कुमार भट्ट ने पुलिस रिमांड का विरोध किया, लेकिन अदालत ने सीमित अवधि की हिरासत मंजूर कर दी।
दुबई से इंटरपोल की मदद से गिरफ्तारी
धनबाद के अपराध इतिहास में यह पहली बार है जब किसी बड़े अपराधी को विदेश से गिरफ्तार कर यहां लाया गया है। शैफी उर्फ मेजर को इंटरपोल की मदद से दुबई के अजमान से पकड़ा गया था। 19 अप्रैल 2026 को उसे भारत लाया गया। कोलकाता एयरपोर्ट पर पश्चिम बंगाल और झारखंड पुलिस ने उससे पूछताछ की, जिसके बाद उसे पश्चिम बंगाल की जेल में रखा गया। बाद में बैंक मोड़ थाना कांड संख्या 175/23 में जारी प्रोडक्शन वारंट के आधार पर उसे धनबाद लाया गया और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया।
प्रिंस खान गैंग का ‘डिजिटल ऑपरेटर’ था मेजर
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मेजर केवल एक गुर्गा नहीं बल्कि प्रिंस खान गिरोह का मुख्य डिजिटल संचालक था। वह व्यापारियों, ठेकेदारों और आम लोगों को धमकी भरे ऑडियो और वीडियो संदेश भेजता था। रंगदारी वसूली, गैंग की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, संपर्क व्यवस्था और डिजिटल नेटवर्क को संभालने में उसकी अहम भूमिका थी। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
प्रिंस खान अब भी पुलिस की पहुंच से बाहर
झारखंड का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर प्रिंस खान करीब चार साल पहले दुबई फरार हो गया था। उसके खिलाफ इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका है, लेकिन अब तक वह गिरफ्त से बाहर है। सुरक्षा एजेंसियों को लगातार उसके लोकेशन और नेटवर्क को लेकर इनपुट मिलते रहे हैं। मेजर की गिरफ्तारी को प्रिंस खान तक पहुंचने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
किस मामले में भेजा गया जेल
मेजर को बैंक मोड़ थाना में वर्ष 2023 में दर्ज एक मामले में जेल भेजा गया है। यह प्राथमिकी पुलिस अवर निरीक्षक प्रभात रंजन पांडे की शिकायत पर दर्ज हुई थी। इस केस में गुड्डू अंसारी, मोहम्मद अरमान आलम, अफरीदी सिद्दीकी उर्फ अफरीदी और राजा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार ये सभी लोग प्रिंस खान उर्फ बंटी खान के गिरोह के लिए काम करते थे।
एक अगस्त 2023 को आरा मोड़ के पास अपराध की योजना बनाते हुए इन्हें हथियार और 10 हजार रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया गया था। अनुसंधान के बाद 16 दिसंबर 2023 को बैंक मोड़ थाना पुलिस ने बंटी खान और गोडविन खान के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था, जबकि प्रिंस खान, मेजर और अन्य आरोपियों के विरुद्ध जांच जारी थी। इसी मामले में मेजर के खिलाफ अदालत से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, जिसके बाद अब उसकी गिरफ्तारी और रिमांड को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है।






