झारखंड: चाईबासा के जंगल में मुठभेड़: एक करोड़ के इनामी मिसिरा बेसरा की तलाश, एक माओवादी ढेर
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के टोंटो-गोइलकेरा जंगल में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई। 1 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिरा बेसरा की तलाश में चल रहे ऑपरेशन के दौरान CoBRA 209 बटालियन ने एक माओवादी को मार गिराया। हथियार और युद्धक सामग्री भी बरामद हुई है।
- कोबरा जवानों का बड़ा ऑपरेशन,सारंडा में सुरक्षाबलों का शिकंजा
- मिसिरा बेसरा गैंग पर हमला, अजय महतो दस्ते का नक्सली मारा गया
चाईबासा (Threesocieties.com Desk): झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो-गोइलकेरा क्षेत्र के घने और दुर्गम जंगलों में बुधवार सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में एक माओवादी मार गिराया गया। यह कार्रवाई 1 करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी नेता मिसिरा बेसरा की तलाश में चलाए जा रहे विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान हुई।
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कोबरा 209 बटालियन, झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इस अभियान में बड़ी सफलता हासिल की। घटनास्थल से एक माओवादी का शव, आधुनिक हथियार और अन्य युद्धक सामग्री बरामद की गई है। फिलहाल मारे गए नक्सली की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
रूटुगुटू, बोरोई और तूनबेड़ा के जंगलों में घेराबंदी
जानकारी के अनुसार, रूटुगुटू, बोरोई और तूनबेड़ा के आसपास के जंगलों में पिछले दो दिनों से लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा था। खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि भाकपा माओवादी संगठन का शीर्ष नेता और 1 करोड़ का इनामी नक्सली मिसिरा बेसरा अपने दस्ते के साथ इन पहाड़ी क्षेत्रों में छिपा हुआ है।इस इनपुट के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी थी और चप्पे-चप्पे पर तलाशी अभियान तेज कर दिया गया था।
सुबह 4:30 बजे शुरू हुई ताबड़तोड़ फायरिंग
बताया जा रहा है कि बुधवार तड़के करीब साढ़े चार बजे जब सुरक्षाबल जंगल के भीतर सर्च ऑपरेशन चला रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे माओवादियों ने जवानों पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से घंटों तक रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। इसी दौरान सुरक्षाबलों ने एक माओवादी को मार गिराया।
अजय महतो के दस्ते का सदस्य बताया जा रहा
सूत्रों के अनुसार, मारा गया नक्सली कुख्यात माओवादी कमांडर अजय महतो के दस्ते का सदस्य बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।अधिकारियों का मानना है कि मुठभेड़ के दौरान कुछ अन्य नक्सली भी घायल हुए हैं, जो घने जंगलों और झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार हो गए।
हथियार और संदिग्ध सामग्री बरामद
घटनास्थल की तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को आधुनिक हथियार, गोला-बारूद और अन्य संदिग्ध सामग्री मिली है। इन बरामद वस्तुओं की जांच की जा रही है ताकि माओवादी संगठन के नेटवर्क, मूवमेंट और भविष्य की रणनीति के बारे में अहम जानकारी जुटाई जा सके।पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेनू ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा कि ऑपरेशन अभी जारी है और सुरक्षा बल हर गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
मिसिरा बेसरा की गिरफ्तारी तक नहीं रुकेगा अभियान
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पूरे इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। जंगलों में डॉग स्क्वायड की मदद से घायल नक्सलियों की तलाश की जा रही है। चाईबासा एसपी ने स्पष्ट कहा है कि नक्सलियों के खिलाफ यह अभियान तब तक नहीं रुकेगा, जब तक 1 करोड़ के इनामी मिसिरा बेसरा की गिरफ्तारी नहीं हो जाती।
पहले भी बढ़ी थी माओवादी गतिविधि
हाल ही में गोइलकेरा थाना क्षेत्र में एक पूर्व माओवादी की हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि माओवादी सारंडा के जंगलों से निकलकर कोल्हान क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी के बाद बड़े स्तर पर एंटी-नक्सल अभियान की रणनीति तैयार की गई थी। ताजा मुठभेड़ को उसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है और जंगल इलाकों में सुरक्षाबलों की तैनाती और गश्त बढ़ा दी गई है।






