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पटना। बिहार JDU ऑफिस में शुक्रवार को 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी के पुत्र भागीरथ मांझी व दामाद मिथुन मांझी ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की। जेडीयू के मिलन समारोह में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, वित्त मंत्री विजय चौधरी, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी व मंत्री रत्नेश सदा भी उपस्थित थे।

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मौके पर जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने इस मौके पर कहा कि यह जेडीयू का सौभाग्य है कि दशरथ मांझी के परिजन हमारे साथ जुड़ रहे हैं। पर्वत पुरुष को सीएम नीतीश कुमार ने जनता दरबार में अपनी कुर्सी पर बिठाया था। इसके बाद दुनिया को दशरथ मांझी के ऐतिहासिक कार्यों के बारे में पता चला था।जेडीयू एमपी बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने न सिर्फ दशरथ मांझी को याद किया, बल्कि उन्हें सम्मान दिलाने को ले कई निर्णायक प्रयास भी किए। नीतीश कुमार के काम अपने आप में नजीर हैं। 
 भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि आज जो लोग मुख्यमंत्री होने का दावा करते हैं उनके पास इस पद को लेकर कोई हैसियत नहीं। नवनियुक्त मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महादलितों के मसीहा हैं। उन्होंने दलित व महादलित समाज के लोगों को पंचायत स्तर पर आरक्षण देकर लोकतंत्र मेंभागीदारी का अवसर प्रदान किया।जीतन राम मांझी को उन्होंने सीएम की कुर्सी दी पर उन्होंने मुख्यमंत्री की पीठ में छुरा घोंपा। मौके पर जेडीयू  कहा कि नीतीश कुमार मुसहर समाज की तरक्की और बेहतरी के लिए बहुत काम किया। जीतन राम मांझी कुछ नहीं कर सके। यह भी जताने की कोशिश की गई कि मुसहर समाज के आइकॉन दशरथ मांझी हैं न कि जीतन राम मांझी।

दशरथ मांझी के दामाद मिथुन मांझी ने इस अवसर पर कहा कि नीतीश कुमार ने भूइंया समाज को जो सम्मान दिया है, उस कर्ज को चुकता नहीं किया जा सकता है। जीतन राम मांझी द्वारा इस समाज को बेचने का काम किया जा रहा है। इसी से आहत होकर हम लोगों ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की है।
मौके पर  जल संसाधन मंत्री संजय झा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह, पूर्व मंत्री संतोष कुमार निराला, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह , मुख्यालय प्रभारी वासुदेव कुशवाहा, हुलेश मांझी व सत्येंद्र गौतम मांझी भी मौजूद थे।
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने जीतन राम मांझी के चले जाने से हुई क्षति की भरपाई करने में लगे हैं। उन्होंने मुसहर समाज से आनेवाले रत्नेश सदा को संतोष सुमन की जगह मिनिस्टर बना दिया। अब माउंटेन मैन दशरथ मांझी के बेटे व दमाद  को अपनी पार्टी जेडीयू में शामिल करा जीतन राम मांझी की जड़ पर प्रहार किया है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के महागठबंधन से अलग होने के बाद सियासी गलियारे में माना जा रहा है कि मुसहर समाज नीतीश कुमार से दूर हो जायेगा। इसके लिए नीतीश कुमार रणनीति पर काम कर रहे थे।