बिहार:“पिता, पुत्र और पत्नी के लिए अलग सरकारी आवास नहीं चलेगा…” CM सम्राट चौधरी का लालू परिवार पर बड़ा हमला

मुजफ्फरपुर दौरे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लालू परिवार पर सरकारी आवास विवाद को लेकर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार लोकतंत्र से चलता है और सरकारी आवास खाली करना ही होगा। साथ ही 288 करोड़ की योजनाओं की सौगात देते हुए अधिकारियों को 30 दिन में शिकायत समाधान का अल्टीमेटम दिया।

बिहार:“पिता, पुत्र और पत्नी के लिए अलग सरकारी आवास नहीं चलेगा…” CM सम्राट चौधरी का लालू परिवार पर बड़ा हमला
राजतंत्र नहीं, बिहार लोकतंत्र से चलता है’।
  • मुजफ्फरपुर में 288 करोड़ की 109 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास
  • अधिकारियों को चेतावनी- 30 दिन में शिकायत नहीं सुलझी तो होगा सस्पेंशन
  • अपराधियों को चेतावनी- पुलिस को चुनौती दी तो 48 घंटे में जवाब मिलेगा

मुजफ्फरपुर (Threesocieties.com Desk): बिहार की राजनीति में सरकारी आवास विवाद एक बार फिर गर्मा गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड स्थित परसौनी नाथ पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान लालू परिवार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि बिहार संविधान और लोकतंत्र से चलता है, राजतंत्र से नहीं।

यह भी पढ़ें: BJP को बड़ा झटका! अन्नामलाई ने दिया इस्तीफा, अब तमिलनाडु बनाएंगे ‘तमिल-फर्स्ट’ नई पार्टी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी आवास खाली करना ही होगा और इसे कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि कुछ लोगों को पिता के लिए अलग, बेटे के लिए अलग और पत्नी के लिए अलग सरकारी आवास चाहिए, लेकिन बिहार में ऐसा नहीं चलेगा।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ा तो समय पर सरकारी आवास भी खाली कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग बिहार में राजतंत्र चलाना चाहते हैं, लेकिन जनता लोकतंत्र में विश्वास करती है।

“मैं पिता के घर में रहता था, जनता ने मुख्यमंत्री बनाया”

अपने आवास को लेकर विपक्षी हमलों पर जवाब देते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री रहने के दौरान भी वे अपने पिता के घर में रहते थे। उन्होंने कहा कि जनता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनडीए और नीतीश कुमार के समर्थन से मुख्यमंत्री बने हैं और इसलिए मुख्यमंत्री आवास में रह रहे हैं।

288 करोड़ की 109 योजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर को 288.16 करोड़ रुपये की 109 विकास योजनाओं की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया तथा कहा कि बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए तेज गति से काम किया जा रहा है।

अधिकारियों को सख्त चेतावनी: 30 दिन में समाधान नहीं तो सस्पेंड

सहयोग शिविर का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी शिकायत का समाधान 30 दिनों के भीतर नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने समाधान प्रक्रिया भी समझाई। उन्होंने कहा कि 10 दिन बाद पहला नोटिस, 20 दिन बाद दूसरा नोटिस और 26वें दिन तीसरा नोटिस जाएगा। इसके बावजूद काम नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधे सस्पेंशन आदेश जारी होगा।

सहयोग शिविर में उमड़ी भीड़, पहले दिन मिले थे 8 हजार से ज्यादा आवेदन

राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘सहयोग शिविर’ अभियान को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान है। मुजफ्फरपुर में पहले ही दिन 8,008 आवेदन प्राप्त हुए थे। शिविरों में राशन कार्ड, पेंशन, जमीन विवाद, दाखिल-खारिज, सीमांकन, आवास योजना, बिजली, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर आवेदन लिए जा रहे हैं।

अपराधियों को चेतावनी: 48 घंटे में मिलेगा जवाब

मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था पर भी सख्त संदेश देते हुए कहा कि यदि कोई अपराधी या गुंडा पुलिस को चुनौती देगा तो उसे 48 घंटे के भीतर जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून का राज कायम रखना सरकार की प्राथमिकता है।हरा गमछा विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि हरा रंग हरियाली और विकास का प्रतीक है। लेकिन जो गुंडागर्दी करेगा, उसकी जगह जेल में होगी।

हर महीने लगेगा सहयोग शिविर

राज्य सरकार ने फैसला किया है कि हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को मंत्री अपने-अपने जिलों में सहयोग शिविर लगाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल आवेदन लेने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समयबद्ध समाधान का अभियान है।